‘इंदू सरकार’ फिल्म पर ज्योतिरादित्य की टिप्पणी से आहत हैं मधुर भंडारकर

कांग्रेस पार्टी की आलोचना झेल रही फिल्म ‘इंदु सरकार’ के निर्देशक मधुर भंडारकर का कहना है कि वह कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया का सम्मान करते हैं, लेकिन फिल्म के बारे में उन्होंने जो टिप्पणी की है, इसकी उन्हें बिल्कुल भी आशा नहीं थी.

गौरतलब है कि सिंधिया ने सोमवार को कहा था, “इस फिल्म को बनाने के पीछे जिस संगठन और व्यक्ति का हाथ है, उसे हम अच्छी तरह जानते हैं. हम फिल्म में दिखाए गए झूठ की निंदा करते हैं.”

भंडारकर ने आईएएनएस को बताया, “मैं हैरान हूं कि पूरी फिल्म देखे बिना ज्योतिरादित्य इस तरह की टिप्पणी कैसे कर सकते हैं? एक व्यक्ति के तौर पर मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन मुझे उनसे यह अपेक्षा नहीं थी. फिल्म का सिर्फ एक ट्रेलर सामने आया है, जहां मैंने किसी भी राजनेता के नाम का जिक्र नहीं किया है.

मधुर से जब पूछा गया कि क्या यह वास्तविक चरित्र पर आधारित है क्योंकि सुप्रिया विनोद की भूमिका इंदिरा गांधी और नील नितिन मुकेश की भूमिका देखने में बिल्कुल संजय गांधी सी प्रतीत होती है, तो उन्होंने कहा, “फिल्म 70 फीसदी काल्पनिक और 30 फीसदी वास्तविकता पर आधारित है. फिल्म की पृष्ठभूमि 1972 में लगे आपातकाल पर है, जिसे सभी जानते हैं. दर्शकों को फिल्म की कहानी समझने के लिए फिल्म देखनी चाहिए. फिल्मकार ने कहा कि फिल्म में उन्होंने अपना राजनीतिक नजरिया नहीं दर्शाया है और इसकी कहानी आपातकाल के दौरान की मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है.”

यह फिल्म 28 जुलाई को सिनेमाओँ में रिलीज हो रही है.

रामनाथ कोविंद को नीतीश कुमार का समर्थन देने का फैसला: राष्ट्रपति चुनाव

जेडीयू के नीतीश कुमार ने भी राष्ट्रपति के लिए रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की बात कह दी है. जिसके बाद बीजेपी की राह और आसान हो गयी है. जेडीयू के इस स्टैंड के बाद विपक्ष को करारा झटका लगा है, जो अपना प्रत्याशी उतारने की सोच रहा था. एनडीए ने बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना प्रत्याशी चुना है. नीतीश कुमार ने निष्पक्ष राज्यपाल के रूप में सेवा करने के लिए कोविंद के कार्यकाल के दौरान काफी प्रशंसा की है. रामनाथ कोविंद दलित समुदाय का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्हें 2015 में बिहार का राज्यपाल बनाकर भेजा गया गया. हालांकि सहयोगी आरजेडी ने रामनाथ कोविंद का समर्थन न करने का फैसला किया हुआ है. गौरतलब है कि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी. नीतीश ने कोविंद से मुलाकात के बाद कहा था कि मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह प्रसन्नता की बात है कि बिहार के राज्यपाल देश के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए हैं. प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उन्होंने बहुत ही बेहतरीन कार्य किया. यह खुशी की बात है कि वे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए हैं, इसलिए मेरा फर्ज बनता था कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने राज्यपाल से मिलूं. उम्मीद है कि जल्द ही वे देश के नए राष्ट्रपति चुने जायेंगें.

इस नंबर पर मिस कॉल देते ही हो जाएगा 500 रुपये तक का रिचार्ज

नई दिल्ली। कई बार हमारे सामने ऐसे हालात भी आ जाते हैं जब हमें मोबाइल से कॉल करने की जरूरत होती है लेकिन बैलेंस नहीं होता और आसपास कोई रिचार्ज करने की दुकान भी नहीं होती है. लेकिन अब चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि एक मिस्ड कॉल से आपके मोबाइल में 500 रुपए तक का बैलेंस आ सकता है. इसके लिए किसी तरह का ऐप भी डाउन लोड करने के जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन इस सेवा के लिए एक शर्त यह है कि यूजर को एचडीएफसी बैंक का उपभोक्ता हो. अगर आप इस बैंक के खाताधारक हैं तो आप 7308080808 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर मोबाइल को रिचार्ज कर सकते हैं.

क्या करना है सबसे पहले

1- सबसे पहले यूजर को अपना नंबर ऐक्टिवेट करने के लिए एक मैसेज भेजना होगा और यह भी बताना होगा कि कितने रुपए का रिचार्ज कराना है. इसके लिए 7308080808 नंबर पर ACT <Operator Name> <Last 5 digits of Account Number> मैसेज भेजें.

2- मैसेज भेजते ही सेवा एक्टिवेट कर दी जाएगी. इतना ही नहीं अपने नंबर के अलावा यहां पर 5 और नंबर भी जोड़े जा सकते हैं. इन नंबरों को एक्टिवेट करने के लिए Mobile Number> <Operator Name> <Last 5 digits of Account Number> मैसेज 7308080808 नंबर पर भेजें.

3- इसके बाद जब भी आप अपने नंबर को रिचार्ज करना चाहें बस 7308080808 एक मिस्ड कॉल कर दें.

4- 10 से 500 रुपए तक का रिचार्ज किया जा सकता है. हालांकि डिफाल्ट 50 रुपए तक रिचार्ज होता है.

5- खास बात यह है कि इसके लिए यूजर को अपना डाटा खर्च करने की जरूरत नहीं मतलब किसी को भी इंटरनेट, एप और वॉलेट की जरूरत नहीं पड़ेगी.

6- जैसे ही यूजर मिस्ड कॉल करेगा उसका मोबाइल रिचार्ज कर दिया जाएगा और उसके एचडीएफसी अकाउंट से पैसा काट लिया जाएगा.

नरेंन्द्र मोदी योग के साथ राजनीति चमका रहे हैं : आजम खां

समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा और कहा की उन्होंने योग को राजनीतिक रंग दे दिया और अब धर्म से जोड़कर इसे धार्मिक रंग दे दिया जा रहा है. वर्तमान सरकार योग के साथ राजनीति करने पर लगी है.

आजम खां ने संवाददाताओं से कहा कि एक्सरसाइज के लिए साइकिल से बेहतर कुछ नहीं हो सकता क्योंकि साइकिल गरीबो की निशानी है और उसे हर धर्म हर जाति का व्यक्ति इस्तेमाल करता है जबकि मोदी और उनकी पार्टी योग को राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बनाने पर तुली हैं.

उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी मिलनी थी वह वादा जुमला साबित हो चुका है. कानून व्यवस्था चरमरचा रही है किसान गोली खा रहे हैं. आप मौजूदा सरकार को देख लें जिनके राज में बलात्कार लगातार रोजाना सामने आ रहीं हैं. तंज कसते हुए कहा कि अपराध खत्म हो गया है, विकास इतना हुआ है की कुछ पूछिये मत.

गौरतलब है कि मोदी सरकार पर योग के साथ राजनीति करने के सवाल लगातार उठते रहे हैं.

राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या पहुंचे दो ट्रक लाल पत्थर

अयोध्या। अयोध्या में विवादित स्थल पर किसी भी तरह के निर्माण पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच यहां दो ट्रक लाल पत्थर पहुंचे हैं. खबरों के मुताबिक सोमवार को यहां राजस्थान के भरतपुर से दो ट्रक लाल पत्थर पहुंचा है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ये पत्थर राम मंदिर निर्माण के लिए भेजा गया है. राम मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर पहली बार नहीं पहुंचे हैं. इससे पहले साल 2015 में भी ट्रक भेजे गए थे. लेकिन अखिलेश सरकार ने उन ट्रकों को वापस भेज दिया था. बता दें कि अयोध्या में विवादित जमीन पर मालिकाना हक की सुनवाई के लिए अदालत में मुकदमा चल रहा है.

अयोध्या में काफी दिनों से राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने का काम भी चल रहा है. अयोध्या के रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में साल 1991-92 से पत्थर तराशे जा रहे हैं. बीच में इस काम में चार से पांच सालों के लिए रुकावट पेश आई लेकिन पिछले चार सालों से फिर से पत्थरों को मंदिर बनाने के अनुरुप काटा जाने लगा है. कुछ साल पहले तक यहां ढाई से तीन दर्जन कारीगर पत्थर तराशने का काम करते थे लेकिन बीच में ये संख्या दस से पंद्रह के बीच रह गई थी.

वीएचपी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पिछली सरकार के दौरान जब भी पत्थरों को लाने को कोशिश की जाती थी, टैक्स और खनन आदि नियमों का हवाला देकर अधिकारियों द्वारा इसे रुकवा दिया जाता था, लेकिन अब राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद आसानी से पत्थर आ रहे हैं. बता दें कि इधर हाल के दिनों में बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में भी सुनवाई ने रफ़्तार पकड़ी है. सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल को इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार समेत कुछ दूसरे नेताओं के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र रचने के आरोप को फिर से लगाया है.

विराट से कहासुनी के बाद कुंबले ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली। अनिल कुंबले ने टीम इंडिया के कोच पद से इस्तीफा क्यों दिया यह अब कोई राज की बात नहीं रह गई है. सोमवार रात को लंदन (इंग्लैंड) में क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की बैठक में यह साफ हो गया था कि अब कुंबले का कोच पद पर बने रहना मुमकिन नहीं है. लेकिन इसके पीछे एक और खास वजह है जो कि अब सामने आ रही है. कुंबले और कोहली के बीच की खाई को गहरा करने में भारतीय खिलाड़ियों ने भी अहम भूमिका निभाई.

पाकिस्तान के हाथों चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में मिली हार के बाद कोच अनिल कुंबले ने कुछ खिलाड़ियों से निजी रूप से मैच में उनके प्रदर्शन को लेकर बात की. कुंबले ने खास तौर पर गेंदबाजों के खराब खेल को लेकर बात की थी. कुंबले को ये बात करना महंगा पड़ गया और टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत कप्तान कोहली से कर दी इसके बाद ड्रेसिंग रूम में अजीब सा माहौल बन गया.

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने साफ कर दिया कि कुंबले के साथ उनका तालमेल नहीं बन पा रहा है. वह उनके साथ कप्तानी करने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में दो विकल्प ही हो सकते थे. या तो कुंबले को हटाया जाए या फिर कोहली को. टीम इंडिया में सब कुछ सही नहीं चल रहा था यह तब साफ हो गया जब बीसीसीआइ द्वारा टिकट बुक कराए जाने के बावजूद कुंबले वेस्टइंडीज के दौरे पर रवाना नहीं हुए. हालांकि कुंबले ने इसकी वजह 22 जून को होने वाली आइसीसी की क्रिकेट समिति की बैठक को बताया. कुंबले इस समिति के प्रमुख हैं. फ्लाइट से कुछ घंटे पहले ही कुंबले ने टीम मैनेजमेंट को खबर दी कि वह टीम के साथ नहीं जा रहे हैं. बीसीसीआइ ने कुंबले को वेस्टइंडीज दौरे पर जाने के लिए कहा था और सीएसी इस बीच उनके और कोहली के संबंधों में आई दरार को कम करने में जुटी थी. बैठक में कोहली ने कुंबले को लेकर अपनी असहमति की बात खुलकर सामने रख दी थी. ऐसे में माना जा रहा था कि सीएसी दोनों के बीच कोई बीच का रास्ता निकाल लेगी, लेकिन कुंबले ने वेस्टइंडीज दौरे पर न जाकर इस मामले का पटाक्षेप करना बेहतर समझा.

कुंबले के जाने की एक वजह उनका बीसीसीआइ में कोई समर्थन न होना भी बताया जा रहा है. कुंबले का चयन सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने किया था, लेकिन उनके अलावा कुंबले को सपोर्ट करने वाला कोई नहीं था. वह टीम में अनुशासन को लेकर बेहद सख्त थे. उन्होंने कई बार प्रैक्टिस के दौरान भी खिलाड़ियों को लताड़ लगाई थी. कोच के तौर पर कुंबले कभी भी विराट की पहली पसंद नहीं रहे.

सऊदी के नए प्रिंस होंगें मुहम्मद बिन सलमान

सऊदी के नए प्रिंस की घोषणा हो चुकी है. सुल्तान सलमान ने अपने भतीजे मुहम्मद बिन नायेफ को हटाकर अपने बेटे मुहम्मद बिन सलमान को उत्तराधिकारी घोषित करने का फैसला कर लिया है. अपने पिता के बाद अब प्रिंस सलमान ही सऊदी की गद्दी पर बैठेंगे. प्रिंस सलमान को प्रिंस बनाने की तैयार पहले से ही देखी जा रहीं थी. उनसे पहले क्राउन प्रिंस रहे 57 साल के नायेफ से धीरे-धीरे सभी शक्तियां छीनी जा रही थीं. जिनसे उनको हटाने के कयास लगाये जा रहे थे. सऊदी अरब की न्यूज एजेंसी ने बताया की , बिन नायफ जो सालों से आतंकवाद रोधी कार्यक्रमों के लिए काम कर रहे थे. उन्होंने साल 2003-06 में अलकायदा समूह के बम विस्फोटों को भी नाकाम कर दिया था, उन्हें अब सभी पदों से मुक्त कर दिया गया.

नए राजकुमार प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान, जो रक्षा मंत्री के पद के अलावा एक विशाल आर्थिक पोर्टफोलियो की देखरेख भी करते हैं. बताया जाता है कि पहले वे इस रेस में दूसरे स्थान पर थे. हालांकि शाही मामलों में नजर रखने वालों को इस बात का संदेह था कि जल्द ही उनकी ताकत बढ़ सकती है और वे उत्तराधिकारी बन सकते हैं.

जनवरी 2015 में सलमान के राजा बनने से पहले युवा राजकुमार को सऊदी के लोग नहीं जानते थे. इससे पहले प्रिंस सलमान अपने पिता के शाही अदालत के प्रभारी थे. अब सऊदी सम्राट ने अपने बेटे को शाही परिवार का प्रिंस नियुक्त कर अपार शक्तियां प्रदान की हैं. अल अरबिया टेलीविजन ने बताया कि राजकुमार को बढ़ावा देने के लिए राज्य की सशक्तीकरण परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया था. इसके बाद राजा ने बुधवार शाम को मक्का में मोहम्मद बिन सलमान के प्रति वफादारी दिखाते हुए इस बात की अधिकारिक घोषणा कर दी.

अपील करने पर माफ हो सकती है कुलभूषण जाधव की फांसी की सजाः बासित

नई दिल्ली। पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कुलभूषण जाधव पर नरम संकेत दिया है. एक अंग्रेजी इंटरव्यू में उन्होंने कहा, जाधव क़ानून के मुताबिक पाकिस्तान में अपील कर सकते हैं. बासित ने कहा अगर ‘कोर्ट ऑफ अपील’ से भी जाधव की अपील रद्द हो जाती है, तो उनके पास अपील का मौका है. उन्होंने कहा कि जाधव पहले आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा से दया के लिए अपील कर सकते हैं, उसके बाद राष्ट्रपति के पास भी याचिका दे सकते हैं.

अंग्रेजी अखबार द हिंदू से बातचीत में अब्दुल बासित ने कहा कि जब तक कुलभूषण जाधव का मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में है, तब तक उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी. बासित ने कहा कि भले ही आईसीजे का फैसला आने में दो-तीन साल लग जाएं, लेकिन उससे पहले फांसी नहीं दी जाएगी. हालांकि, बासित ने कहा कि वो चाहते हैं इस मामले में जल्द कोर्ट का फैसला आए.

बासित ने कहा जब तक जाधव का मामला हेग के अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में है, तब तक उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी. बासित ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की प्रक्रिया को लेकर कहा, “हम चाहते हैं कि यह जल्दी से खत्म हो. लेकिन जब तक पाकिस्तान सरकार का कोई फैसला नहीं आता है हम प्रतिबद्ध हैं.”

हाल ही में, पाकिस्तान सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी कर दिया था कि जाधव को अभी फंसी दी सकती. क्योंकि अभी वह 2 अपीलें और दायर कर सकते हैं एक पाकिस्तानी सेना प्रमुख और दूसरा पाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ.

जाधव भारतीय नौसेना के एक सेवानिवृत अधिकारी हैं जिन्हें पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पाकिस्तान में जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए मौत की सज़ा सुनाई थी. जाधव को ईरान से प्रवेश करने के बाद, बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था.

मौत की सज़ा के खिलाफ भारत 8 मई को आईसीजे पहुंचा और जाधव के खिलाफ आरोपों को मनगढ़ंत बताया. 18 मई को सुनवाई के दौरान आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने पाकिस्तान को जाधव को फांसी पर कार्यवाई करने से रोक दिया था.

सऊदी अरब के सुल्तान ने भारतीयों पर लगाया 100 रियाल का टैक्स

रियाद। सऊदी अरब सरकार 1 जुलाई से फैमिली टैक्‍स में इजाफा करने का निर्णय लिया है. इसलिए सऊदी अरब में काम करने वाले बड़ी संख्‍या में भारतीय नागरिक अपने आश्रितों को वापस भारत भेजने की योजना बना रहे हैं. इस टैक्स के तहत प्रत्येक आश्रित के लिए शुल्क- 100 रियाल (लगभग 1700 रुपये) होगा जो हर माह सऊदी अरब सरकार को देना होगा. यह वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ है. बता दें कि सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 41 लाख है.

दम्माम निवासी कंप्यूटर प्रोफेसनल मोहम्मद ताहिर बताते हैं कि मेरे जानने वाले कुछ परिवारों ने हैदराबाद लौटने की योजना बनायी है, अभी ये सऊदी में अपने परिवार के साथ रहते हैं. इन्हें लगता है कि अब वह सऊदी के खर्चों को उठाने में असमर्थ हैं.‘ प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता भीम रेड्डी मांधा ने बताया, कई लागों ने तो चार महीने पहले ही अपने परिवारों को भारत वापस भेज दिया.

5000 रियाल (करीब 86,000 रुपये) प्रति माह वेतन वालों को सऊदी अरब की ओर से फैमिली वीजा दिया जाता है. इसलिए, जो भारतीय अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सऊदी में रहना चाहते हैं उनको 300 रियाल (लगभग 5,100 रुपये) महीने का भुगतान करना होगा.

इसके अलावा, यह टैक्स साल 2020 तक हर साल 100 रियाल प्रति सदस्य बढ़ता रहेगा. इसका मतलब है कि 2020 में, प्रत्येक परिवार को अपने हर सदस्य के लिए 400 रियाल (करीब 6, 900 रुपये) प्रति माह देना होगा. इस टैक्स से जुड़ी सबसे बड़ी मुश्किल यह है की यह टैक्स आपको एडवांस देना होगा. उदाहरण के लिए यदि किसी की पत्‍नी को एक साल के लिए सऊदी अरब में रहना है तो 1200 रियाल एडवांस में देना होगा. हालांकि, वहां कि कुछ कंपनियों ने काम करने वाले लोगों को डिपेंडेंट फीस देने का फैसला किया है, लेकिन ज्यादातर लोगों को खुद भुगतान करना होगा.

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता है. लेकिन इतना जरूर है की ‘आश्रित टैक्स’ सऊदी में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा.

पूर्व जज कर्णन को 6 माह जेल में रहना होगा

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कोलकाता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सीएस कर्णन को कम से कम 6 माह के लिए जेल में रहना होगा. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जमानत देने या सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट की दो जजों की बेंच ने कहा कि सात जजों की संविधान पीठ ने उन्हें छह महीने की सजा सुनवाई है. ऐसे में ये बेंच उस आदेश पर कोई सुनवाई नहीं कर सकती. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी न्यायिक अनुशासन के तहत काम कर सकता है. अगर कोई भी राहत लेनी है तो चीफ जस्टिस के सामने केस को रखना होगा. मंगलवार को ही जस्टिस कर्णन को कोयम्बटूर से गिरफ्तार किया गया है.

9 मई को सात जजों की बेंच ने जस्टिस कर्णन को अवमानना का दोषी मानते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी, लेकिन तभी से वह फरार चल रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कर्णन की ओर से वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने या सजा को निलंबित करने के लिए मना कर दिया है.

गौरतलब है कि 23 जनवरी को जस्टिस कर्णन ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के वर्तमान 20 जजों की लिस्ट भेजी थी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस कर्णन को अवमानना नोटिस जारी किया था. नौ फरवरी को कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सीएस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद इस कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को खत लिखा. इस खत में कहा गया है कि हाई कोर्ट के मौजूदा जस्टिस के खिलाफ कार्यवाही सुनवाई योग्य नहीं है. जस्टिस कर्णन ने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर के रिटायर होने के बाद होनी चाहिए. अगर बहुत जल्दी हो तो मामले को संसद रेफर किया जाना चाहिए. इस दौरान न्यायिक और प्रशासनिक कार्य वापस कर दिए जाने चाहिए. चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुआई वाली सात जजों की बेंच पर सवाल उठाते हुए जस्टिस कर्णन ने उन पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 6 माह तक जमानत न देने का फैसला किया है..

किसानों ने शव आसन कर जताया केंद्र सरकार का विरोध

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लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जहां भारत सहित दुनिया के 150 देशों में कार्यक्रम है, वहीं देश का किसान इस दिन विरोध प्रदर्शन करेगा. किसान सड़कों पर शव आसन कर अपना विरोध दर्ज करेंगे.

भारतीय किसान यूनियन ने योग दिवस के मौके पर लखनऊ के अलावा पूरे उत्तर प्रदेश में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने नेशनल हाइवे पर जाम लगाकर और सड़कों पर शव आसन कर अपना विरोध जताया.

उत्तर प्रदेश के अलावा किसानों ने भोपाल, पंजाब और उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन किया. किसान मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में मारे गए किसानों की हत्या के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, एम एस स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू किए जाने (रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की लागत में 50 प्रतिशत अधिक जोड़ करके किसानों को दिया जाए), फसलों की खरीद निश्चित करने, एमएसपी से कम खरीद करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करने जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.

भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत सुबह 8 बजे मुजफ्फननगर के रामपुर तिराहा पर किसानों के साथ एनएच 58 पर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ योग किया. राष्ट्रीय किसान महासभा ने आज सुबह 8 बजे दिल्ली के किसान घाट पर शव आसन कर विरोध प्रदर्शन किया.

ब्रसल्स में संदिग्ध आत्मघाती हमलावर को गोलियों से भूना

 

ब्रसल्स। बेल्जियम की राजधानी ब्रसल्स में एक आत्मघाती हमलावर को सैनिकों ने मार गिराया है. मारे गए शख्स ने कथित तौर पर ब्रसल्स के केंद्रीय रेलवे स्टेशन पर आतंकी हमला करने की कोशिश की थी. खबरों के मुताबिक, संदिग्ध के शरीर में एक विस्फोट बेल्ट बंधी थी और उसने स्टेशन पर इस बेल्ट में धमाका करने की कोशिश की. कुछ चश्मदीदों का दावा है कि हमलावर चीखकर ‘अल्लाहो अकबर’ भी कह रहा था. हमलावर की उम्र 30 से 35 साल के बीच बताई जा रही है. पुलिस इस मामले की जांच फिलहाल आतंकी हमले के तौर पर कर रही है.

फिलहाल संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है. उसके पास से एक सूइसाइड बेल्ट और विस्फोटकों से भरा बैग मिला है. संदिग्ध ने स्टेशन की इमारत के अंदर एक छोटा विस्फोट भी किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मार गिराया. चश्मदीदों का कहना है कि धमाके के बाद पुलिस ने कुछ ही सेकंड्स के भीतर स्टेशन और इसके पास स्थित ग्रैंड प्लेस को खाली करवा लिया. एक चश्मदीद का कहना है कि संदिग्ध ने मारे जाने से पहले चीखकर ‘अल्लाहो अकबर’ भी कहा था. चश्मदीदों का कहना है कि वह काफी उत्तेजित भी दिख रहा था.

बेल्जियम नैशनल रेल कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि संदिग्ध जिदाहियों के बारे में कुछ कह रहा था और फिर उसने एक सामान से भरी ट्रॉली पर कोई धमाका भी किया. अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर छोटा धमाका हुआ, लेकिन इसमें बहुत कम नुकसान ही हुआ. यह स्टेशन बेल्जियम के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है. खबरों के मुताबिक, सबसे पहले एक ट्रेन चालक ने लोगों को रेलवे पटरी के पास भागते देखकर सरकारी एजेंसियों को इस मामले की सूचना दी थी. उसने स्टेशन पर लोगों को रेलवे पटरी के पास भागते हुए देखा था इस स्टेशन का प्रबंधन देखने वाली रेल कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल ऐहतियात बरतते हुए सभी ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है. साथ ही, बसों की मदद से स्टेशन पर जमा यात्रियों को वहां से हटाया जा रहा है.

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मुठभेड़, दो आतंकवादी ढेर

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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बारामूला में आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ हुई है. सोपोर में हुई इस मुठभेड़ में अभी तक हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी जिले के सोपेरा के पज़ल्पोरा गांव स्थित एक घर के अंदर छिपे थे. उन्होंने बताया कि मौक से दो हथियार बरामद किए गए हैं और इलाके में अभियान अभी जारी है.

आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर अभियान शुरू किया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात को खोज अभियान रोक दिया गया था, लेकिन सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा रखा ताकि आतंकवादी वहां से भाग न पाएं. उन्होंने बताया कि अभियान आज सुबह फिर शुरू किया गया और अंदर मौजूद आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलीबारी करने के बाद एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई.

जानकारी के अनुसार सेना ने सोपोर के पाजलपोर गांव में सर्च अभियान चलाया था जिसके बाद जवानों का आतंकियों से सामना हुआ. जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और दोनों तरफ से फायरिंग चल रही है. सोपोर पुलिस, SOG और सेना के 22 RR के जवान इस ऑपरेशन में शामिल हैं. इस मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के पास से सेना को हथियार भी बरामद हुए हैं.

दुनिया भर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आज दुनिया भर के कई देशों में योग कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान दुनिया के अलग हिस्सों में लोगों ने योग किया. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पर योग गुरु बाबा रामदेव ने अहमदाबाद में योग किया. उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने हजारों लोगों के साथ मिलकर योग क्रियाऐँ कीं कार्यक्रम के दौरान वहां बारिश भी हुई,  लेकिन लोगों की योग के प्रति रुचि में इससे कोई बाधा नहीं हुई और वे तेज बारिश में भी योग करते रहे. इस दौरान बाबा रामदेव ने दावा किया कि यहां पर सर्वाधिक लोग एक साथ योग कर रहे हैं, यह एक विश्व रिकॉर्ड है.

बाबा रामदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही जब सयुंक्त राष्ट्र में गए थे,  तब उन्होंने योग दिवस का प्रस्ताव रखा था. वहीं उनके कारण आज पूरी दुनिया योग कर रही है, और तीसरा योग दिवस मना रही है.

दिल्ली के कनॉट प्लेस पर भी योग का आयोजन किया गया था. यहां उपराज्यपाल अनिल बैजल समेत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने योग किया. वहीं केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू भी यहां मौजूद रहे.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी आज के दिन योग के लिए भव्य आयोजन किया गया. यहां रायपुर में सीएम रमन सिंह ने योग किया. उनके साथ कई मंत्री भी मौजूद थे.

असम में सीएम सर्बानंद सोनवाल ने योग किया. उनके साथ मंत्री हेमंत बिस्वा और आचार्य बाल कृष्ण मौजूद थे.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भारत में एक त्योहार की तरह मनाया गया. जो जहां था वहीं योग किया. भारतीय नौसेना के जवानों ने भी बीच समुद्र में योग किया. जवानों ने आईएनएस विक्रमादित्य पर योग किया.

दुनिया भर में जहां योग दिवस की धूम दिखी. वहीं पेरू में वर्ल्ड हेरिटेज साइट माचू पिच्चू पर भी योग किया गया. यहां माउंटेन पर चढ़ सैकड़ों लोगों ने योग किया.

भारतीय समुदाय समेत बड़ी संख्या में लोगों ने तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए अमेरिका में भारतीय वाणिज्यदूत द्वारा आयोजित विशेष योग सत्रों में भाग लिया. वाणिज्यदूत रीवा गांगुली दास ने वाणिज्यदूत परिसरों में योग दिवस समारोहों के आयोजन का नेतृत्व किया और योग एवं आर्ट ऑफ लिविंग सत्रों में भाग लिया. दो घंटे चले योग एवं ध्यान शिविरों में भाग लेने आए लोगों को योग एवं ध्यान कराए जाने से पहले योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश सुनाया गया.

इस तरह देश, विदेश हर जगह योग की धूम रही. जिसमें स्वस्थ शरीर और बेहतर स्वास्थय का संकल्प लिया गया.

 

सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ डाला न्यूड फोटो, आदिवासी महिला ने दर्ज कराया केस

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ एक आदिवासी महिला ने केस दर्ज कराया है. असम की इस महिला ने यूपी के सीएम पर आरोप लगाया है कि सीएम ने उसकी एक न्यूड फोटो को सोशल मीडिया में शेयर किया है इसके लिए महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लक्ष्मी ओरंग नाम की इस आदिवासी महिला ने आईपीसी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सब डिवीजिनल न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दायर की. महिला के मुताबिक, 24 नवंबर 2007 को गुवाहाटी के बेलटोला में अखिल असम आदिसवासी छात्र संघ के आंदोलन के दौरान ली गई उसकी न्यूड फोटो को योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट किया था. इसके अलावा महिला ने सांसद राम प्रसाद सरमा के खिलाफ इस फोटो शेयर को करने को लेकर केस दर्ज कराया.

इससे पहले भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कई केस दर्ज हुए हैं. उन पर धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच सद्भाव बिगाड़ने के मामले में आईपीसी की धारा 153ए के तहत दो मामले दर्ज किए गए थे. आईपीसी की धारा 295 के तहत भी दो मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही सीएम योगी के खिलाफ आईपीसी की धारा 506, धारा 307, धारा 147, धारा 336, धारा 149, धारा 504 के तहत भी कई केस दर्ज हैं. सभी मामले लोकसभा चुनाव 2014 में दिए गए उनके हलफनामें में दर्ज हैं. हालांकि कितने मामले इनमें से खत्म हुए या बंद हुए. यह जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है.

आपको बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिए गए रात्रिभोज में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती समेत कई प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया था लेकिन, मायावती और अखिलेश नहीं पहुंचे. दरअसल, इस भोज के जरिए उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति चुनाव के समीकरण की संभावनाएं तलाशी जानी थी लेकिन, नेताओं के न पहुंचने से विपक्ष की दूरियां साफ उजागर हो गईं. मोदी रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर आयोजित भोज में करीब साढ़े आठ बजे पहुंचे थे.

केजरीवाल सरकार ने युवाओं के लिए वेब पार्टल लांच किया

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नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जुलाई के महीने में जॉब फेयर लगाने का ऐलान किया है. इसके पहले दिल्ली सचिवालय में एक ऑनलाइन वेब पोर्टल भी लॉन्च किया गया. जिसमें बताया गया कि जॉब फेयर में शामिल होने से पहले इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. जिससे छात्रों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा प्रदान की जा सके. केजरीवाल सरकार ने दावा किया है कि पिछले दो जॉब फेयर के दौरान 12 हजार लोगों को प्राइवेट कंपनियों ने रोजगार दिलाए गए हैं। गोपाल राय ने बताया कि ऑनलाइन जॉब के लिए बड़े वेब पोर्टल की शुरुआत की जा रही है. अब सिर्फ वेबसाइट पर जाकर ‘जॉब सीकर’ के कॉलम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और लॉग इन आईडी बनाने के बाद आसानी से वैकेंसी ढूंढ सकते हैं. इसके जॉब से जुड़ी जानकारी मेल या SMS से छात्रों तक पहुंच जायेगी. उन्‍होंने बताया कि 11 से 15 जुलाई तक दिल्ली के विश्वास नगर और शाहदरा में जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि  सरकार का ऐसा मानना है इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को ग्राउंड पर भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा सरकार का यह भी कहना है कि जुलाई के बाद अक्टूबर में भी बड़े स्तर पर एक जॉब फेयर का आयोजन किया जा सकता है जो दिल्ली के साथ-साथ NCR के लोगों को भी लाभ पहुंचाएगा . दिल्ली सरकार इसके लिए देश की तमाम बड़ी प्राइवेट कंपनियों के एसोसिएशन को चिट्ठी लिखकर जॉब फेयर में हिस्सा लेने की अपील करेगी और उनसे बड़े पैमाने पर युवाओं को जॉब देने का आह्वान करेगी.

टी-20 ग्लोबल लीग में शाहरुख खान ने खरीदी टीम

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नई दिल्ली। आईपीएल की दो टीमों के मालिक, जीएमआर और बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका, सीएसए की आठ टीमों की टी-20 ग्लोबल लीग में फ्रेंचाइजी खरीदी हैं जिसका आयोजन नवंबर-दिसंबर में होगा.

लोकप्रिय इंडियन प्रीमियर लीग में जीएमआर की दिल्ली डेयरडेविल्स टीम है जबकि शाहरुख खान कोलकाता नाइटराइडर्स के सहमालिक हैं. जीएमआर की टीम का बेस जोहानिसबर्ग में होगा जिसमें दक्षिण अफ्रीका के युवा तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा मार्की खिलाड़ी होंगे जबकि शाहरूख खान की टीम का बेस केप टाउन होगा जिसके मार्की खिलाड़ी बायें हाथ के बल्लेबाज जेपी डुमिनी होंगे.

शाहरूख खान ने कहा, ‘कोलकाता नाइटराइडर्स की ओर से क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को इस नई टी-20 ग्लोबल लीग को लॉन्च करने के लिए बधाई देता हूं. हम खुश और शुक्रगुज़ार हैं कि आपने नाइटराइडर्स को इस नई लीग का हिस्सा बनाया.’

कोलकाता नाइटराइडर्स के प्रबंध निदेशक वेंकी मैसूर ने कहा, ‘हम नाइटराइडर्स ब्रॉन्ड को पूरी दुनिया में बढ़ावा देना चाहते हैं और टी-20 ग्लोबल लीग में एक टीम खरीदना इसी का हिस्सा हैं. हम केपटाउन नाइटराइडर्स लॉन्च करके खुश हैं.’ प्लेयर ड्राफ्ट 19 अगस्त को होगा जिसमें 10 देशों के करीब 400 खिलाड़ियों ने दिलचस्पी दिखाई है.

युद्ध के लिए राजनीति जिम्मेदार, न की लोगः कबीर खान

नई दिल्‍ली। बॉलीवुड के फिल्म निर्माता कबीर खान का कहना है कि युद्ध जैसी स्थितियां राजनीति की देन है. अगर आमलोगों का आपस में सीधा संपर्क हो तो दुश्मनी संभव ही नहीं है. फिल्मकार कबीर ने बताया कि ‘ट्यूबलाईट’ जैसी फिल्में लोगों में अच्छा संदेश देने में मदद कर सकती है. 19 जून,  सोमवार रात संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया की ‘युद्ध और अन्य ज्यादातर हमारी समस्याएं राजनीति द्वारा खड़ी की गयी है.’ यदि लोगों के बीच में सीधा संवाद हो और राजनीति बीच में ना आये तो ये समस्याएं कभी पैदा नहीं हो सकती. क्योंकि अधिकतर लोग शांति चाहते है वे नहीं चाहते कि युद्ध हो. ये सब कुछ हमने पुरानी फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में भी दिखाया था और अब एक बार फिर हम यह संदेश ‘ट्यूबलाईट’ मूवी में भी दिखाने जा रहे है. जहां भी आमजन का आपस में सीधा संपर्क और संवाद होगा, वहां ये समस्याएं कभी नहीं हो सकती.’ युद्ध में हमेशा नुकसान ही हुआ है, इसका फायदा आजतक किसी को नहीं हुआ.

सुपरस्टार सलमान खान अभिनीत ‘ट्यूबलाईट’  23 जून को रिलीज होने जा रही है. जिसकी कहानी 1962 के भारत-चीन युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है. फिल्म के पाकिस्तान में रिलीज होने को लेकर अभी भी अनिश्चिताएं बनी हुई है, लेकिन सलमान खान फिल्म्‍स के सीओओ अमर बुटाला ने कहा कि वे इसको लेकर अभी भी उम्मीद बनाए हुए हैं. उन्होंने बताया ‘हम पाकिस्तान में फिल्म के रिलीज होने को लेकर आशान्वित है. इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है. उम्मीद है कि ईद पर अन्य बहुत सारी फिल्में रिलीज होने के कारण वे कानूनी एवं अन्य प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद इसकी अनुमति देंगे. हम आशा करते है कि जल्दी ही इसके बारे में पर्याप्त जानकारी देंगे और पड़ोसी देश पाकिस्तान तक भी अपने इस शांति सन्देश को पहुंचाने की कवायद जारी रखेंगें.

लालू परिवार की 12 संपत्ति जब्त, पत्नी सहित बेटी-बेटों पर दर्ज हुआ केस

पटना। बेनामी संपत्ति मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू परिवार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 से ज्यादा संपत्ति कुर्क की है. इस संपत्तियों की कुल कीमत 172 करोड़ रुपए से अधिक है. बेनामी संपत्ति मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी (पत्नी), मीसा भारती (बेटी) और तेजस्वी यादव (बेटा) के खिलाफ आयकर विभाग ने केस दर्ज किया है और इन लोगों को नोटिस भी भेजा गया है. आयकर विभाग ने लालू परिवार को समन भेजकर इन संपत्तिओं के बारे में पूरी जानकारी देने को कहा है.

मीसा की चार संपत्तियां अटैच राबड़ी देवी ने अपनी कई संपत्ति को बतौर गिफ्ट दिखाया था, जिससे कई सवाल खड़े हुए थे. साल 2014 में 30.8 लाख रुपए की संपत्ति को राबड़ी ने लल्लन चौधरी की ओर से मिले बतौर उपहार दिखाया था. इससे पहले बेनामी संपत्ति मामले में ही आयकर विभाग ने सोमवार को मीसा भारती की मीसा की चार संपत्तियों को अटैच कर दिया था.

इसके तहत अब मीसा भारती इन संपत्तियों को ना बेच सकती हैं और ना ही किराए पर दे सकती हैं. इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 50 करोड़ रुपए है. मीसा भारती अभी राज्यसभा सांसद भी हैं. सूत्रों के मुताबिक, मीसा भारती को जुलाई के पहले हफ्ते में बेनामी संपत्ति के बारे में अपनी सफाई देने के लिए पेश होने को कहा गया. बेनामी एक्ट के मुताबिक, जिनकी संपत्ति अटैच की जाती है उसे 90 दिनों के भीतर यह साफ करना होता है कि संबंधित रकम का ट्रांजेक्शन उसने कब और कैसे किया.

इससे पहले आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया था. यह जुर्माना कथित बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग के समक्ष पेश नहीं होने पर लगाया गया.

मीसा के पति भी निशाने पर बिहार से राज्यसभा सांसद मीसा को आयकर विभाग ने 24 मई को समन भेजकर छह जून को पेश होने को कहा था. उनके पति शैलेश कुमार को भी बयान देने के लिए बुलाया गया था. लेकिन मीसा ने अपने स्थान पर अपने वकील को भेज दिया था.

आयकर विभाग ने कथित बेनामी संपत्ति सौदों के मामलों में 16 मई को दिल्ली और आसपास के 22 स्थानों पर छापे मारे थे. ये छापे लालू प्रसाद, उनके बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के अलावा मीसा भारती से जुड़े मामलों में मारे गए थे.

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के आरोपों के मद्देनजर राजद प्रमुख के आवास पर छापे मारे गए थे. इसके साथ ही पार्टी सांसद पीसी गुप्ता के आवास पर भी छापे मारे गए और कई कारोबारियों और दिल्ली एवं गुरुग्राम, रेवाड़ी में रियल एस्टेट एजेंटों के ठिकानों पर छापे मारे गए थे.