जनसंख्या नियंत्रण की जागरूकता के लिए उल्टे पांव चल रहे हैं दंपती

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देहरादून. चाहे रोजगार की बात हो या उच्च जीवन स्तर की भारत में बढ़ती जनसंख्या के कारण दिक्कतें साफ देखी जा सकतीं है. 24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की मुहिम छेड़ने वाले मेरठ निवासी तलवार दंपती दिनेश व दिशा अब तक 120 शहरों की पदयात्रा कर चुके हैं. बता दें की यह दंपति चार साल से उल्टे पांव चलकर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकारी नीतियों का विरोध कर रहा है. 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस पर दिनेश व दिशा मंगलवार को उत्तराखंड के देहरादून पहुंचे और जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को ज्ञापन भी दिया. ज्ञापन में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण भी सुझाव दिए गए.

इसके बाद वह नगर निगम पहुंचे और लोगों को अपनी बुलंद आवाज में बढ़ती जनसंख्या से भविष्य में पैदा होने वाले खतरे के प्रति आगाह किया. उन्होंने सभी से जनसंख्या नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की. तलवार दंपती ने सुरभि परिवार फाउंडेशन की स्थापना भी की है. दिनेश तलवार ने बताया कि 1994 में जनसंख्या नियंत्रण के लिए मुहिम की शुरुआत की थी. इस मुहिम में पत्नी दिशा के साथ ही दोनों बच्चे भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं.

अब तक वे देश के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के 120 शहरों की पदयात्रा कर चुके हैं. उन्होंने कहा की देश की बढ़ती जनसंख्या गंभीर मुद्दा है. वर्तमान में देश की आबादी 133 करोड़ है. ऐसा ही रहा तो एक साल के अंदर हम जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ देंगे. सरकारें तमाम समस्याओं और योजनाओं पर अरबों खर्च कर रही है, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण जैसे अभियान पर कुछ नहीं.

उन्होंने 2013 से उल्टा चलते हुए विरोध करना शुरू किया. दिशा तलवार ने बताया कि अभी तक हमने सरकार को पांच हजार ज्ञापन, 90 हजार पोस्टकार्ड और 80 से ज्यादा बार जंतर-मंतर पर उपवास कार्यक्रम किया और लगातार इस अभियान के साथ जुड़े हैं.

   

निजी लाभ के लिए भारतीयों का खून बहा रहे हैं मोदीः राहुल गांधी

Rahul Gandhi

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मोदी की नीतियों ने ही कश्मीर में आतंकियों के लिए जगह बनाई है. जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन कर पीएम मोदी ने आतंकियों को शह दिया है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर केन्द्र और जम्मू सरकार पर कई आरोप लगाए. राहुल ने एक ट्वीट में लिखा, “मोदी का पर्सनल गेन=भारत की रणनीतिक हानि+निर्दोष भारतीयों के खून का बलिदान. वहीं एक अन्य ट्वीट में राहुल ने बीजेपी-पीडीपी गठबंधन पर निशाना साधते हुए लिखा, “बीजेपी-पीडीपी गठबंधन का क्षणिक लाभ देश के लोगों पर भारी पड़ रहा है.”

बुधवार को राहुल गांधी ने ट्विटर के जरिए लिखा कि पीएम मोदी की नीतियों ने कश्मीर में आतंकियों के लिए जगह बनाई, जिससे देश का काफी नुकसान हुआ है. राहुल ने लिखा कि थोड़े समय के राजनीतिक फायदे के लिए पीएम मोदी ने पीडीपी से गठबंधन किया, जो देश की सुरक्षा पर भारी पड़ा. उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्सनल फायदे के कारण देश को रणनीतिक नुकसान हुआ और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के लोगों की तारीफ की. अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से भरी हुई बस पर हुए आतंकी हमले में 7 लोगों की मौत हुई. सोमवार रात को आतंकियों के द्वारा गोलीबारी में करीब 19 लोग घायल हुए. लेकिन इसके बावजूद भी अमरनाथ यात्रा नहीं रुकी, यात्रा अभी भी जारी है.

बुधवार को राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले से हर कोई दुखी है, यह एक निंदनीय घटना थी. काफी वर्षों के बाद कश्मीर किसी मुद्दे पर एकजुट हुआ है, हर कश्मीरी को इस हमले से दुख हुआ है. कश्मीर कभी भी ऐसे हमलों के साथ नहीं है.

फर्जी दस्तावेज मामले में फंसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर फर्जी दस्तावेज के आरोप पाये गये हैं. पनामा पेपर लीक मामले में बेटी मरियम के फर्जी दस्तावेज से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कुर्सी खतरे में पड़ गई है. शरीफ पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है. पनामा गेट मामले की जांच करने वाले संयुक्त जांच दल ने मरियम पर जाली दस्तावेज सौंपने का आरोप लगाया है. साथ ही इसे आपराधिक मामला करार दिया है.

बता दें की मरियम को राजनीति में शरीफ के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है. छह सदस्यीय जेआइटी ने शरीफ परिवार की विदेश में संपत्ति और मनी लांडिंग से जुड़े मामलों की जांच कर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की.

जानकारी के अनुसार जेआइटी ने मरियम, उनके भाइयों हुसैन व हसन के साथ ही उनके पति सफदर ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज सौंपे. जांच में नवाज शरीफ परिवार के पास अकूत संपत्ति होने का भी पता चला. इस बीच मरियम ने ट्वीट कर जेआइटी के आरोपों से इन्कार किया है. दूसरी और विपक्ष के नेता इमरान खान ने नवाज शरीफ से तत्काल इस्तीफे की मांग की और घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

एसिड अटैक के बाद इस क्रिकेटर ने छोड़ दिया टूर्नामेंट

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इंग्लैंड. बांग्लादेश के स्टार बल्लेबाज तमीम इकबाल इंग्लैंड में एसेक्स काउंटी क्लब में शामिल होने गये थे. खुद पर हुए एसिड अटैक के बाद उन्होंने टुर्नामेंट छोड़ने का फैसला कर लिया है. अपने देश बांग्लादेश की ओर से सर्वाधिक अन्तरराष्ट्रीय रन बनाने वाले बल्लेबाज तमीम इकबाल ने इंग्लैंड में खुद पर हुये हमले के बाद यह फैसला किया है. बता दें कि तमीम ने टी 20 ब्लास्ट काउंटी चैंपियनशिप में एसेक्स की तरफ से मात्र एक मैच में हिस्सा लिया था. बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार की जानकारी अनुसार यह घटना उस वक्त हुई जब तमीम अपनी पत्नी आयशा और एक वर्षीय बेटी के साथ एक रेस्टॉरेंट में खाना खा रहे थे. आयशा ने हिजाब पहना हुआ था. ये तीनों जैसे ही रेस्टॉरेंट से बाहर निकले तब कुछ लोगों ने इनका पीछा किया और इन पर तेजाब (एसिड) फेंका, ये भाग्यशाली रहे कि इस हमले में बाल-बाल बचे. बांग्लादेश के स्टार बल्लेबाज 28 वर्षीय तमीम इस घटना से इतने डर गए कि उन्होंने तुरंत काउंटी चैंपियनशिप से हटने का फैसला किया. वे एसेक्स की तरफ से एकमात्र मैच केंट के खिलाफ खेले थे और रविवार को हुए इस मैच में उनकी टीम को सात विकेट से हार मिली थी. उन्होंने इंग्लैंड में कुछ दिन और रहने पर अपनी जान पर खतरे की आशंका जतायी थी.

न्याय नहीं मिलने पर दलित पीड़िता ने योगी से मांगी ‘इच्छा मृत्यु’

Crime against women

आगरा। जहां एक तरफ योगी सरकार महिलाओं को अत्याचार से बचाने और उन्हें हर संभव सहायता करने और न्याय दिलाने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ पीड़िताओं को न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला ताजनगरी आगरा में सामने आया है. आगरा में एक दलित गैंगरेप पीड़िता ने सीएम योगी और राज्य के डीजीपी को ट्वीट कर इच्छा मृत्य की मांग की है पीड़िता ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘मैं एक दलित लड़की हूं जिसके साथ दो मई को सामूहिक बालात्कार होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुझे न्याय दिलाएं नहीं तो मुझे इच्छा मृत्यु की इजाजत दें.’

गैंगरेप पीड़िता ने पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता आगरा के खंदारी स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के निवास पर अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी. जहां उसने आयोग के चेयरमेन राम शंकर कठेरिया से मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई.

26 वर्षीय पीड़िता दलित युवती ने बताया कि उसने थाना सिकंदरा में गैंगरेप का मुकद्दमा दर्ज कराया था. पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ सामूहिक बलात्‍कार की घटना 2 मई को सिकंदरा थाना क्षेत्र के कारगिल पेट्रोल पंप के पास एक ऑफिस में हुई. जिसके बाद लगातार अधिकारियों के यहां गुहार लगाने के बाद 16 जून को पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया. मुकदमे में रेप के साथ एससी-एसटी की धारा भी शामिल है. इसके बाद भी पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है.

पीड़िता ने बताया कि आरोपी पवन वर्मा, अनिल, धीरज और गगन मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. पीड़ित ने बताया की उसके परिवार ने लोकलाज के चलते उसे घर से निकाल दिया है. अब वो अकेले ही रह रही है.

सदर थाना क्षेत्र के एक चौकी इंचार्ज पर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि न्याय दिलवाने की बात कहकर दरोगा उसके साथ गलत काम करना चाहता है. इस पूरे मामले की बातचीत का ऑडियो पीड़िता द्वारा पुलिस अधिकारी को सौंप दिया गया है. उसके बाद भी उक्त दरोगा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

वहीं पीड़िता की व्यथा सुनने के बाद एससी आयोग के चेयरमैन राम शंकर कठेरिया ने हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए पीड़िता को जल्द न्याय दिलवाने की बात कही है।

सामूहिक बलात्कार का दंश झेल रही पीड़िता को मुकदमा दर्ज कराए हुए डेढ़ महीने हो गए. इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी आगरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है जो उनकी लापरवाही की ओर साफ इशारा कर रही है. पुलिस की कार्यप्रणाली से दुखी पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की मांग की है. जो योगी सरकार के पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के वादों पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रही है.

घरेलू नौकरानी को बंधक बनाने पर मचा बवाल

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-49 स्थित महागुन अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिवार ने घरेलू नौकरानी पर पैसे चोरी का आरोप लगाकर पूरी रात घर में बंधक बना कर रखा. बुधवार सुबह नौकरानी के परिजनों ने सैकड़ों  लोगों के साथ मिलकर सोसाइटी पर धावा बोला और जमकर तोड़फोड़, पथराव किया. इस मामले में नौकरानी ने अपनी मालकिन सहित कई लोगों को नामित करते हुए थाना सेक्टर-49 में मुकदमा दर्ज कराया है.

जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सिंह ने बताया कि महागुन अपार्टमेंट में रहने वाली स्कूल संचालिका हर्षिता सेठी के घर पर जोरा बीबी नामक नौकरानी काम करती है. बीती रात को हर्षिता सेठी ने नौकरानी पर आरोप लगाया कि उसने घर पर रखी नकदी चोरी कर ली है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नौकरानी जोरा बीबी का आरोप है कि उसकी मालकिन ने सेक्टर के अन्य लोगों की सहायता से उसे पूरी रात घर में बंधक बनाकर रखा.

उन्होंने बताया कि नौकरानी के पति बाबू खान ने बीती रात को इस बात की सूचना पुलिस को दी थी. जब पुलिस हर्षिता सेठी के घर पर गई तो उन्होंने बताया कि नौकरानी वहां पर नहीं है. उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह नौकरानी बेसुध हालत में सोसाइटी में पड़ी मिली. इसकी सूचना मिलते ही सोसाइटी में काम करने वाले महिला-पुरूष कामगारों ने सैकड़ों की संख्या में सोसाइटी पर लाठी-डंडे से लैस होकर धावा बोल दिया. इन लोगों ने हर्षिता सेठी के घर पर भी धावा बोला और वहां पर जमकर तोड़फोड़ एवं पथराव किया. आस-पास के लोगों ने किसी तरह से सेठी परिवार को दूसरे दरवाजे से बाहर निकाला. घटना की सूचना पाकर मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा. पुलिस ने तोड़फोड़ व पथराव कर रहे लोगों को मौके से भगा दिया पर वहां का माहौल अभी भी तनावपूर्ण हालत में है.

सरकारी स्कूल की लड़कियां भी ले सकेंगी खेलों में भाग

Girls in saudi arabia

दुबई। सऊदी अरब के शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में भी लड़कियां खेलों में भाग ले सकती है. इस आदेश से पहले सिर्फ निजी स्कूलों में लड़कियां खेल में भाग लेती थी. देशभर में महिलाएं वर्षों से अपने अधिकारों तथा खेलों में भाग लेने की मांग कर रही थीं, जिसके बाद अब यह कदम उठाया गया है. शिक्षा मंत्रालय ने 11 जुलाई को कहा था कि वह धीरे-धीरे और इस्लामिक शरिया कानूनों के अनुसार शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं भी शुरू करेगा.

सऊदी अरब के एक कार्यकर्ता ने टि्वटर पर पूछा कि क्या लड़कियों को खेलों में भाग लेने से पहले पुरुष संरक्षक जैसे कि पिता से अनुमति लेनी होगी. यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या ये कक्षाएं पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं या नहीं. सरकारी स्कूलों में लड़कियों को खेलों में भाग लेने की मंजूरी देने का फैसला सऊदी अरब में काफी अहम है क्योंकि यहां महिलाओं का खेलना अब भी सही नहीं माना जाता है. देश के कुछ कट्टरपंथी महिलाओं के खेलने को निर्लज्जता बताते हैं.

सऊदी अरब में है रूढ़िवादी मानसिकता 4 साल पहले देश में निजी स्कूलों में लड़कियों को खेलों में भाग लेने की अनुमति मिल गई थी. महिलाएं पहली बार 2012 के लंदन खेलों के दौरान सऊदी अरब की ओलंपिक टीम का हिस्सा बनीं थी. सऊदी अरब में महिलाओं को लेकर काफी रूढ़िवादी मानसिकता है. महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध है और उन्हें विदेश यात्रा करने या पासपोर्ट बनवाने के लिए पुरुष संरक्षक यानि पिता, पति या भाई की अनुमति लेना अनिवार्य होता है.

शिवसेना: गौरक्षकों को कश्मीर जाकर आतंकियों से लड़ना चाहिए

महाराष्ट्र।  जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले के बाद शिवसेना के सांसद संजय राऊत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना कि गोरक्षक जो हिंदू रक्षा के नाम पर देश के अलग अलग हिस्सो में हिंसा कर रहे हैं, उन्हें कश्मीर में जाकर आतंकवादियों से लड़ना चाहिए.

इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी गोरक्षकों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आतंकियों के बैग में गोमांस होता तो गोरक्षक क्या करते? देश ने गोरक्षकों की ख्याति के बारे में बहुत सुना है अब वो जाएं और आतंकियों से लड़ कर हिन्दुओं की रक्षा करें.

बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान अनंतनाग में सोमवार रात हमला हुआ था. उस हमले में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. साथ ही 30 घायल हो गए थे. मारे गए लोगों में पांच महिलाएं थी. ज्यादातर लोग गुजरात के थे.

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर करीब 30 हजार पुलिस व अर्धसैनिक बल लगाए गए हैं मंगलवार सुबह यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तय भी किया गया है सरकार पर आंतकी हमले के बाद बड़ी जिम्मेदारी आ पड़ी है इस समय देश मे इस हमले को लेकर बड़ी राजनीति जारी है.

 

जिम्बाब्वे से हार के बाद एंजेलो मैथ्यूज ने छोड़ी कप्तानी

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जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है. मैथ्यूज पहले से ही कप्तानी छोडऩे पर विचार कर रहे थे साथ ही वो इस हार से काफी निराश थे. एकदिवसीय रैंकिंग में 11वें स्थान की टीम जिम्बाब्वे ने 5 मैचों की सीरीज में श्रीलंका को 3-2 से हराकर पहली बार श्रीलंका के खिलाफ कोई वनडे सीरीज जीती है.

एंजेलो मैथ्यूज ने जिम्बाब्वे से मिली हार को अपने करियर का सबसे दुखद समय बताया है. हार के बाद ही उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगे थे. उनकी कप्तानी में टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है. चैंपियंस ट्रॉफी में भी श्रीलंका की टीम कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. इसके बाद टीम के हेड कोच ग्राहम फोर्ड ने भी अपना पद छोड़ दिया था.

मैथ्यूज ने श्रीलंका की तरफ से अंडर –19 टीम और श्रीलंका की टीम A की भी कप्तानी की है. साल 2013 में महेला जयवर्धने के इस्तीफे के बाद 25वर्ष की उम्र में मैथ्यूज को सबसे कम उम्र के श्रीलंकाई टेस्ट कप्तान का जिम्मा दिया गया था. टेस्ट में कप्तान बनने से पहले मैथ्यूज ने एकदिवसीय और टी-20 में श्रीलंका क्रिकेट टीम की कमान संभाली है.

एंजेलो मैथ्यूज ने 34 टेस्ट में श्रीलंका की कप्तानी की, जिसमें टीम को 13 में जीत मिली और 15 में उनकी टीम को हार का मूंह देखना पड़ा. उनकी कप्तानी में श्रीलंका 47 वनडे मैच जीती और 46 में हार गई. टी-20 की बात करें तो 4 मैच उनकी कप्तानी में टीम ने जीते और 7 में उन्हें हार मिली. मैथ्यूज की कप्तानी में ही श्रीलंका ने पिछले साल टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया था.

भारत माता की जय नहीं बोला तो मारा थप्पड़  

हिसार। यह मामला हरियाणा के हिसार का है जहां अमरनाथ आतंकी हमले के विरोध में बजरंग दल ने वहां के लाहौरिया चौक के नजदीक आतंकवाद का पुतला फूंका. पुतला दहन एक समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल के बाहर किया गया. इस दौरान धार्मिक स्थल में आए उत्तर प्रदेश के आम व्यापारी को भारत माता की जय नहीं बोलने पर थप्पड़ जड़ दिया जिसका बाद वहां तनाव बढ़ गया.

बता दें की बजरंग दल के जिला प्रमुख कपिल वत्स ने कई कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पारिजात चौक पर आतंकवाद का पुतला फूंका, सभी कार्यकर्ता लाहौरिया चौक के नजदीक धार्मिक स्थल के बाहर पुतला लेकर पहुंच गए थे. इस दौरान कार्यकर्ता पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. इसी दौरान सहारनपुर के व्यापारी सब्जी मंडी में आम बेचने के बाद वहां आए थे.

बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ता भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे. इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कुछ युवकों ने हंगामा किया तो धार्मिक स्थल से कुछ युवक बाहर आ गए. इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उन युवकों को भारत माता की जय बोलने को कहा. ऐसा न करने पर प्रदर्शनकारी ने आम व्यापारी को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई. बाद में धार्मिक स्थल का दरवाजा बंद कर दिया गया और आसपास के क्षेत्र में तनातनी हो गयी. वहां चारो और पुलिस तैनात है

 

आदिवासियों की दुर्दशा के लिए भाजपा विधायक जिम्मेदार

रांची। मंगलवार 11 जुलाई को आदिवासी सेंगेल अभियान ने रवींद्र भवन परिसर से जन विरोधी रघुवर सरकार के खिलाफ अभियान शुरू किया. मुर्मू जिला कमेटी के कई नेताओं के नेतृत्व में विशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस में आस पास के ग्रामीणों क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए, जो रघुवर दास के खिलाफ नारे बाजी कर रहे थे. इसमें महिलाओं की संख्या काफी अधिक रही. जुलूस रवींद्र भवन से निकल कर शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरने के बाद पुन: रवींद्र भवन से लौटकर समाप्त हुआ. अपनी बात रखते हुए सालखन मुर्मू ने कहा कि झारखंड अदिवासी मूलवासियों की वर्तमान दुर्दशा के लिए भाजपा, आरएसएस सरकार सभी 28 आदिवासी एमएलए और पूंजीपति उद्योगपति दोषी हैं. लेकिन सर्वाधिक दोषी सभी आदिवासी एमएलए हैं, जो आदिवासी समाज की फिक्र छोड़ अपनी पेट परिवार पार्टी के स्वार्थ में लिप्त हैं. नतीजतन आज आदिवासी मरने की कगार पर खड़े हैं.आदिवासी विधायक चाहते तो झारखंड में कोई गैर आदिवासी मुख्यमंत्री और टीएसी का सदस्य नहीं बन पाता.  उन्होंने कहा कि एएसए सभी 28 आदिवासी एमएलए विधायकों के खिलाफ विरोध जताने के लिए यह कार्यक्रम है. अब भाजपा और जेएमएम खेल रहे हैं. अपनी-अपनी संपत्ति और जमीन घोटालों को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं, पक्ष-विपक्ष दोनों को 17 वर्षों को समय मिला लेकिन जनता बेहाल है. पूरे देश में दलितों के उपर अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं तो झारखंड़ जैसे क्षेत्रों में आदिवासियों का शोषण भी लगातार जारी है.