भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद के नेमप्लेट पर पोती कालिख

नई दिल्ली। कल राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने संसद में बयान दिया था. जिसमें उन पर हिन्दू देवी देवताओँ का अपमान किए जाने का आऱोप लगा. इस बयान को आधार बनाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार की सुबह उनके घर के बाहर लगे नेमप्लेट पर कालिख पोत दी.

बता दें की राज्यसभा में सपा सांसद नरेश अग्रवाल के बयान पर जहां बवाल मचा है, वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुवार को सुबह भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने नरेश अग्रवाल के आवास के बाहर लगे नेमप्लेट पर कालिख पोत दिया. इतना ही नहीं विवादित बयान के कारण अग्रवाल के आफिस के फोन पर धमकी भरे काल भी आ रहे हैं.

गौरतलब है कि बुधवार को राज्यसभा में आरोप प्रत्यारोप के दौर में नरेश अग्रवाल ने हिंदू देवी देवताओं पर विवादित टिप्पणी की थी. इस पर सत्ता पक्ष के आक्रामक तेवर ने काफी देर के लिए स्थिति अनियंत्रित कर दी थी. सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी जिसके बाद सपा नेता नरेश अग्रवाल को अपनी विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगनी पड़ी. इसके बाद ही सदन की कार्यवाही चल सकी.

राज्यसभा में हंगामे के दौरान ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नरेश अग्रवाल ने हिंदू देवी देवताओं के नाम के साथ शराब को जोड़ा है. इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. अगर यही बात उन्होंने सदन के बाहर कही होती तो उन पर केस दर्ज हो सकता था. तल्ख अंदाज में जेटली ने पूछा, क्या आप किसी और धर्म के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने की धृष्टता कर सकते हैं?

इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया और सांसद को चारो और से घेरा जाने लगा जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिलने लगी हैं.

शिमला: गहरी खाई में गिरी बस, 28 की मौत

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शिमला। बारिश के मौसम में पहाड़ी जनजीवन पहले से ही अस्त व्यस्त है ऐसे में एक बडे हादसे की खबर आयी है. शिमला के रामपुर इलाके में एक बस के खाईं में गिर जाने से 28 यात्रियों की मौत हो गई है. मिली जानकारी के मुताबिक बस सोलन से किन्नौर जा रही थी जहां सड़क पर ड्राईवर का संतुलन बिगड़ गया औऱ बस खाई में गिर गई.

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंच गए हैं. कई घायलों को निकालकर पास के ही खनेरी के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. यह हादसा शिमला के रामपुर में हुआ जहां 28 लोग मारे गये और 9 लोग घायल हैं. राहत और बचाव अभियान जारी है.

पुलिस ने बताया कि इस मार्ग पर चलने वाली ज्यादातर बसों में आम तौर पर 35 से 40 यात्री सवार रहते हैं जिनमें से ज्यादातर किन्नौर के स्थानीय लोग, कर्मचारी और छात्र शामिल हैं. चालक के वाहन पर से नियंत्रण खो देने के कारण बस रामपुर के पास सतलुज नदी के किनारे स्थित पहाड़ी से लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिर गयी. दुर्घटनास्थल रामपुर शहर से महज पांच किलोमीटर दूर है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

 

BMC की पोल खोलने वाली RJ को 500 करोड़ का नोटिस

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मुंबई। अपने फनी गाने से मुंबई BMC की पोल खोलने वाली फेमस रेडियो जॉकी मलिष्का बीएमसी के नोटिस का शि‍कार बन गई हैं. उनका गाना वायरल होने के बाद बीएमसी ने आरजे के घर जांच की थी जहां पर कथित रूप से उन्हें डेंगू का लार्वा मिला. इसी बात को लेकर मलिष्का को नोटिस दिया गया है.

बता दें की मलिष्का ने हाल ही में मुंबई में सड़कों के गड्ढों को लेकर बीएमसी पर निशाना साधते हुए एक गाना बनाया था. इस वीडियो से बीएमसी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी जिसके बाद पिछले 25 साल से BMC की कुर्सी पर बैठी शिवसेना को यह वीडियो नागवार गुजरा था.

गौरतलब है की हर साल बारिश में सड़कों पर गड्ढों की भरमार और उसमें भरे पानी से लोगों को जीना मुश्किल हो जाता है जिससे मुंबई के लोग बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं. इसी मुद्दे पर मलिष्का ने वीडियो के जरिए मुंबई के लोगों से पूछा था कि क्या उन्हें बीएमसी पर भरोसा नहीं है. वीडियो को लोगों ने काफी पसंद किया था.

इस मामले के साथ ही BMC ने डेंगू और मानसून की बीमारियों को रोकने के लिए अभियान भी शुरू कर दिया. इस लपेटे में आरजे मलिष्का का घर भी आ गया. 381B के तहत नोटिस, मलिष्का की मम्मी लिली मेंडोसा के नाम पर जारी हुआ है और इसके लिए मलिष्का की फैमिली को 2000 से 10 हजार रुपये के बीच का फाइन भी देना होगा. पर शिवसेना इतने से भी नहीं मानने वाली शिवसेना ने BMC कमिश्नर को 500 करोड़ का मानहानि का केस प्राइवेट रेडियो चैनल के खिलाफ दायर करने को कहा है.

बताया जा रहा है कि पिछले 25 साल से BMC को चला रही शिवसेना ने इसे निगम की बेइज्जती के तौर पर लिया है. पार्टी के कॉरपोरेटर किशोरी पेंडेनाकर का कहना है कि उस वीडियो में शहर की सेवा में 24 घंटे लगे रहने वाले कर्मचारियों का अपमान किया गया है. हम रेडियो चैनल के खिलाफ एक्शन लेंगे लेकिन दूसरी ओऱ आरजे के समर्थन में कई टीवी सेलेब्रिटी आ गये हैं जो आरजे की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

 

गांधीजी की गोडसे से जान बचाने वाले स्वतंत्रता सेनानी का निधन

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सतारा। स्वतंत्रता सेनानी भीकू दाजी भिलारे अब इस दुनिया में नहीं रहे. वह भिलारे गुरुजी के नाम से लोकप्रिय थे और 1944 में उस वक्‍त महात्मा गांधी की जान बचाई थी, जब पंचगनी में नाथूराम गोडसे ने उनको मारने की कोशिश की थी.

भिलारे दाजी ने बुधवार को भिलार में अंतिम सांसें ली, उनकी उम्र 98 वर्ष थी. सतारा जिले के महाबलेश्वर के भिलार गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया था कि किस तरह से उन्होंने गोडसे से बापू की जान बचाई थी. उन्‍होंने कहा था कि पंचगनी में महात्‍मा गांधी की शाम की प्रार्थना सभा में सभी को आने की इजाजत थी. उस दिन उनके साथी उषा मेहता, प्यारेलाल, अरुणा असफ सहित कई लोग मौजूद थे. तभी गोडसे चाकू लेकर उनकी ओर दौड़ा. उसने कहा कि मेरे कुछ सवाल हैं. तभी मैंने उसे रोका और उसके हाथ से चाकू छीन लिया, मगर उसे जाने दिया.

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने भी इस बात को माना है कि भिलारे दाजी और मणिशंकर पुरोहित ने गोडसे को उसकी योजना में सफल नहीं होने दिया था. हालांकि कपूर कमीशन का इस मामले में कहना है कि 1944 की घटना की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इस बात पर भी सवाल है कि इस तरह की कोई घटना हुई भी थी या नहीं. तुषार गांधी ने अपनी नई किताब में किताब में दावा किया है कि कैसे कट्टरपंथियों ने राष्ट्रपिता को मारने की कई कोशिशें कीं और बाद में वे कामयाब भी हो गए. हालांकि इस बात का इतिहास में कहीं जिक्र नहीं है कि भिलारे ने गोडसे के हमले में गांधीजी की जान बचाई थी.

महात्मा गांधी की जान बचाने वाले भीखू दाजी भिलारे नहीं रहे. भीखू ने दावा किया था कि उन्होंने 1944 में नाथूराम गोडसे के हमले से गांधीजी को बचाया था. भीखू कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे.

भाजपा की करारी हार के बाद पांच नेताओं का इस्तीफा

दीव। भाजपा शासित राज्यों में भाजपा का किला अब दरकने लगा है जिसका ताजा उदहारण दमन और दीव के दीव नगर निगम चुनावों में देखने को मिला जहां पार्टी को हार के बाद बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. दीव जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांच लोगों ने इस हफ्ते की शुरुआत में बीजेपी से किनारा कर लिया. इस सामूहिक इस्तीफे के बाद बीजेपी की जिला पंचायत की सत्ता को करारा झटका लगा है. इस पर  बीजेपी राज्य चीफ गोपाल टंडेल का कहना है कि फिलहाल किसी भी बीजेपी नेता का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है लेकिन जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा.

दीव जिला पंचायत अध्यक्ष शशिकांत सोलंकी समेत उपाध्यक्ष अश्विनी बामनिया और जिला पंचायत सदस्य पूजा पंजानी, धनीबेन सोलंकी और जेंतीलाल सोमालाल ने सोमवार को दीव प्रदेश अध्यक्ष बिपिन शाह को अपना इस्तीफा दिया. शाह ने इन लोगों का इस्तीफा मंजूर करते हुए उसे टंडेल के पास भेज दिया. इसके एक घंटे बाद शाह ने भी पंचायत चुनाव के हार की जिम्मेदारी अपने सिर लेते हुए दीव यूनिट चीफ पद से इस्तीफा दे दिया.

इस महीने के शुरुआत में दीव में नगर निगम के चुनाव हुए थे जिसमें कांग्रेस ने 13 सीटों में से 10 सीटों पर अपना कब्जा जमाया. इन चुनावों में बीजेपी को केवल तीन सीटों से ही संतुष्ट होना पड़ा था. जिस दिन इन चुनावों के नतीजे आए थे उसी दिन हार की जिम्मेदारी लेते हुए और नैतिक कृतव्य की बात करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष किरित वजा ने इस्तीफा दे दिया था.

जानकारी देते हुए बुधवार को शशिकांत सोलंकी ने कहा की पार्टी मुझे जिला पंचायत के अध्यक्ष पद से हटाना चाहती है, जबकि मैंने नगर निगम चुनावों में पार्टी के सभी उम्मीदवारों का खुलकर समर्थन किया था. हम अब बीजेपी के साथ जुड़े नहीं रह सकते इसलिए हम किसी अन्य राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के लिए जा रहे है.

 

70 साल से बाल्टी और ट्यूब से नदी पार कर रहे हैं इस गांव के लोग…

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जादूगोडा। देश को आजाद हुए 70 साल हो गए है. आजादी से लेकर अब तक केंद्र और राज्य में भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकार रह चुकीं है. दोनों पार्टियों के अलावा विभिन्न राज्यों में स्थापित अन्य पार्टियों ने सिर्फ दस्तावेजी काम किए है. व्यवहारिकता और धरातल पर नहीं. जिसका परिणाम यह है कि आज भी भारत में आदिवासियों की परिस्थितियों में कुछ भी सुधार नहीं हुआ है. उनके लिए न तो केंद्र सरकार कुछ कर रही है और न ही राज्य सरकार. आलम यह है कि आदिवासियों को अपने हर काम के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है.

हम आपको आज ऐसे आदिवासी गांव की परिस्थितियों से अवगत कराएंगे. इस गांव में आने-जाने का कोई साधन नहीं है. यहां के लोगों को हर दिन जान हथेली पर रख कर नदी पार करनी पड़ती है. अगर वो ऐसा नहीं करें तो उन्हें आने-जाने के लिए कम से कम 20 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है. नदी के एक किनारे पर जादूगोड़ा कस्बा है जो अपनी यूरेनियम की खानों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. वहीं नदी के दूसरी ओर स्वाशपुर गांव स्थित है. हैरानी की बात है कि इस गांव के लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए अधिकारियों ने कभी कच्चा पुल बनाने तक की भी बात नहीं सोची.

झारखंड में जमशेदपुर से महज 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गांव स्वाशपुर. कर्रा नदी के किनारे बसे इस गांव की करीब एक हजार की आबादी को आजादी के सात दशक बाद भी विकास की रोशनी पहुंचने का इंतजार है. गांव से मात्र 500 फीट दूर नदी के उस पार जादूगोड़ा बाजार और बच्चों का स्कूल है. यहां बच्चों के लिए स्कूल जाना हो या किसी बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाना, हर काम के लिए नदी को पार करने के अलावा कोई चारा नहीं है. नदी पार करने के लिए ट्रक की ट्यूब, बर्तन, लकड़ी के फट्टों आदि का सहारा लिया जाता है. बीमार व्यक्ति को नदी पार कराने के लिए चारपाई को बड़ी ट्यूबों के साथ बांधा जाता है. छोटे बच्चों को पतीलों या बाल्टी में बिठा कर नदी पार कराई जाती है.

ताज्जुब की बात है कि इस गांव की सुध लेने के लिए कभी कोई नेता या प्रशासन के अधिकारी क्यों सामने नहीं आए. वो भी ऐसी स्थिति में जब प्रधानमंत्री ने सांसदों से हर साल एक गांव को गोद लेकर उसे आदर्श गांव बनाने की अपील कर रखी है.

गांव के लोगों का कहना है कि कर्रा नदी का पानी प्रदूषित होने की वजह से लोगों को चर्म रोग समेत कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वाशपुर के निवासी राजू महतो का कहना है कि गांव के लोग 60 साल से ऐसे ही हालात देख रहे हैं. वहीं शिवनंदन महतो का कहना है कि जादूगोड़ा से स्वाशपुर सिर्फ जीरो किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन बीच में कर्रा नदी की वजह से दोनों तरफ दो अलग-अलग दुनिया बसी दिखती हैं.

ग्रामीणों की नदी पर पुल की मांग वर्षो पुरानी है. गांव के ग्रामीण सुनंदन महतो बताते है कि यूसीआइएल कंपनी भी सीएसआर के तहत पहले नाव दी थी पर नाव में छेद हो जाने के कारण बीते दो वर्षो से वे इसी तरह बरसात में नदी को पार करते हैं. अब इंतज़ार इस बात का कि क्या सूबे के मुखिया रघुवर दास इन के लिए कुछ करेंगे या यह सिलसिला जारी रहेगा. क्योंकि भारत को आज़ाद हुये केवल 70 साल ही तो गुज़रे हैं?

अब SC/ST को आसानी से मिलेंगे पेट्रोल पंप

नई दिल्ली। दलित वर्ग के लोगों को सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से पेट्रोल पंप देने की योजना तो काफी दिनों से है लेकिन उस पर गंभीरता से अमल नहीं होता है. अब केंद्र सरकार ने इस संबंध में नियमों का गंभीरता से लागू करना शुरु किया है. नतीजा यह है कि वर्ष 2014 से पहले 60 वर्षो में इन वर्गों को महज 11 फीसदी पेट्रोल पंप ही मिल पाए थे लेकिन पिछले तीन वर्षो में एससी एसटी व महिलाओं को 25 फीसद पेट्रोल पंप दिए गए हैं. इसी तरह से सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से अस्थायी तौर पर एससी व एसटी को दिए जाने वाले पेट्रोल पंपों से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया जा रहा है जिससे दलित लोगों तक भी पेट्रोल पंप बड़ी संख्या में पंहुच सके.

यह जानकारी पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने यहां एससी एसटी व महिलाओं को दिए जाने वाले कोको (कंपनी के अधिकार वाले व कंपनी की तरफ से संचालित) पेट्रोल पंपों के आवंटन से जुड़े एक कार्यक्रम में दी. कोको योजना के तहत सरकारी तेल कंपनियां अस्थायी तौर पर अपने पेट्रोल पंप एससी व एसटी को देती है.

जानकारी देते हुए प्रधान ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से पेट्रोल पंप का आशय पत्र जारी किये जाने के बावजूद एससी एसटी या महिलाओं को वास्तविक तौर पर पेट्रोल पंप आवंटित होने में कई तरह की दिक्कतें आ रही थी. केंद्र सरकार ने इन दिक्कतों को अब दूर कर दिया है. इन श्रेणी के लोगों को कुल 525 पेट्रोल पंप आवंटित किये जाने हैं. 195 एससी एसटी व महिलाओं का चयन भी कर लिया गया है और इन्हें धीरे धीरे पेट्रोल पंप आवंटित किए जाएंगे. इस योजना के तहत चयनित व्यक्तियों को पेट्रोल पंप चलाने के लिए हरसंभव मदद दी जाती है जिसको पूर्णत अमल में लाया जायेगा.

कौन बनेगा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद या मीरा कुमार, रिजल्ट आज

Meira Kumar vs Ramnath Kovind

नई दिल्ली। रायसीना हिल की गद्दी पर रामनाथ कोविंद बैठेंगे या मीरा कुमार, इसका फैसला आज शाम 5 तक हो जाएगा. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतों की गिनती 11 बजे सुबह शुरू होगी, जिसके लिए मतपेटियां संसद भवन पहुंच चुकी हैं. मतगणना की तैयारी का जिम्मा लोकसभा के महासचिव अनूप मिश्रा के पास है.

देश के 14 वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए 17 जुलाई को वोट डाले गये थे और करीब-करीब 100 प्रतिशत मतदान हुआ था. राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसदों और 4,120 विधायकों को मत डालने का अधिकार था और निर्वाचक मंडल के कुल मतों की कीमत 10,98,903 है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी माना जा रहा है, जिनका मुख्य रूप से कांग्रेस के नेतृत्व में 17 विपक्षी दलों की संयुक्त उम्मीदवार लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार से मुकाबला है.

बीजेपी उम्मीदवार कोविंद को एनडीए से अलग भी कई दलों ने समर्थन देने की घोषणा की है और कुल मिलाकर उन्हें 63 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है. अगर एनडीए के उम्मीदवार कोविंद चुनाव जीतते हैं तो वह के. आर. नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे. मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है.

जल्द मां बन सकती हैं सनी लियोनी

मुंबई। अभिनेत्री सनी लियोनी ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही मां बन सकती हैं. सनी और उनके पति डेनियल जल्द ही ये खुशखबरी दुनिया से साझा कर सकते हैं. सनी लियोनी ने एक एंटरटेनमेंट चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि इस समय मां बनना शारीरिक रूप से उनके लिए मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में बहुत कुछ हो रहा है. लियोनी ने कहा, “कौन जानता है कि कुछ दिनों में मैं आपके सामने हाथ में एक बच्चे को लेकर आऊं और हर कोई शॉक्ड रह जाए कि ये बच्चा कहां से आया.” सनी के इस बयान से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह सेरोगेसी की मदद से मां बन सकती हैं. सेरोगेसी का प्रचलन फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ रहा है और कई सितारे इसकी मदद से संतान सुख हासिल कर चुके हैं. शाहरुख खान, आमिर खान, तुषार कपूर, करण जौहर के बाद हाल ही में कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा सरोगेसी की मदद से जुड़वां बच्चों के पेरेंट्स बने हैं

कर्ज से परेशान किसान, मौज में विधायक

Tamilnadu assembly

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को विधायकों की सैलरी में 50 हजार रुपये की बढ़ोतरी को मंजूर कर लिया गया है. अब उनकी महीने की सैलरी 1.05 लाख रुपये हो गई है. राज्य के किसान कर्ज से परेशान हैं और सूखे की मार झेल रहे हैं. सरकारी मदद के लिए वे महीनों से संघर्ष भी कर रहे हैं. फिलहाल किसान दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं.

तमिलनाडु में सैलरी हाइक के अलावा विधायकों के पेंशन में भी बढ़ोतरी हुई है. इसे 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है. वहीं लोकल एरिया फंड को भी उसी के सापेक्ष्य में बढ़ा दिया गया है. और उसे दो करोड़ से 2.6 करोड़ कर दिया गया है.

बता दें कि संसद में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी के सांसद रामनरेश अग्रवाल और कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने सांसदों की सैलरी बढ़ाने की मांग की. पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, भारतीय सांसदों को विश्व में सबसे कम पैसा मिलता है.

नरेश अग्रवाल ने अपनी मांग का बचाव किया. उन्होंने कहा, यदि पत्रकार और न्यायपालिका अपनी अच्छी सैलरी की मांग नहीं करेंगे तो वे भी नहीं करेंगे. उनकी सैलरी बढ़ाने में दिक्कत क्या है? यदि जज ऐसी मांग रख सकते हैं तो सांसद क्यों नहीं? हम 7वें पे कमीशन के हिसाब से सेलरी की मांग कर रहे हैं.

मायावती चाहेंगी तो बिहार से भेजेंगे राज्यसभा: लालू यादव

पटना। कल बसपा सुप्रीमो के इस्तीफा देने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मायावती का साथ देने का ऐलान किया है. मंगलवार को मायावती के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद लालू ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि मायावती ने बिल्कुल सही कदम उठाया है. लालू ने कहा की बीजेपी दलित विरोधी पार्टी है, हमारी पार्टी मायावती के साथ है. अगर मायावती चाहेंगी तो हम बिहार से उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजेंगे.

पत्रकारों से बात करते हुए लालू प्रसाद ने कहा की दलितों की आवाज दबाई जा रही है, बीजेपी अहंकार में डूबी हुई है. मायावती के साथ राज्यसभा में जो व्यवहार किया गया, उससे साफ है कि बीजेपी दलित विरोधी पार्टी है.

बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. मायावती का आरोप है कि सत्तापक्ष ने उन्हें दलितों पर अत्याचार का मुद्दा राज्यसभा में उठाने नहीं दिया. नाराज मायावती ने पहले चेतावानी दी थी, फिर कुछ घंटों बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

वहीं मायावती के न बोलने वाले आरोप के जवाब में बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी खड़े हो गए और मायावती पर राजनीति करने का आरोप लगाने लगे. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मायावती सियासी फायदे के लिए उपसभापति पर हमला कर रही हैं और सीधे-सीधे धमकी दे रही हैं.

दिल्ली पुलिस में इन पदों पर निकली भर्तियां

दिल्ली पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. दिल्ली पुलिस ने कैपेसिटी सपोर्ट ऑफिसर एवं सोशल वर्कर पद के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. आवश्यक योग्यता स्नातक डिग्री (सोशल वर्क) या मास्टर डिग्री (सोशल वर्क / साइकोलॉजी / काउंसलिंग) इसके साथ ही 2 से 4 साल का एक्सपीरियंस अथवा इसके समकक्ष डिग्री होने पर भी मान्य है. पदों की संख्या 64 पदों के नाम
  1. कैपेसिटी सपोर्ट ऑफिसर (Capacity Support Officer)
2. सोशल वर्कर (Social Worker) इंटरव्यू की तारीख पहला पद- 28-07-2017 एवं 29-07-2017 दूसरा पद- 09-08-2017 से 11-08-2017 को सुबह 09:30 AM से उम्र सीमा पोस्ट-1 के लिए उम्मीदवार की उम्र 25-40 और पोस्ट-2 के लिए उम्मीदवार की उम्र 22-45 साल के बीच होनी चाहिए. चयन प्रक्रिया इस पद के लिए इंटरव्यू में प्रदर्शन के अनुसार कैंडिडेट का चयन होगा. सैलरी इस नौकरी के लिए जारी हुए नोटिफिकेशन के अनुसार सैलरी इस प्रकार है – पोस्ट1- 40,000 /- रुपए पोस्ट 2- 25,000 /- रुपए ऐसे करें आवेदन दिल्ली पुलिस की इस सरकारी नौकरी के लिए आपको ऑफलाइन आवेदन करना होगा. डॉक्यूमेंट्स और एप्लीकेशन फॉर्म भेजने का पता जानने के लिए प्रकाशित हुआ नोटिफिकेशन देखें.

चीन के 9 करोड़ सदस्यों को फरमान, धर्म छोड़ो बनो नास्तिक

बीजिंग। दुनिया में नास्तिकों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है जिसका असर प्रत्येक देश के नागरिकों पर पड़ रहा है. पर अब ताजा मामला राजनीति से जुड़ा है जिसको लेकर विवाद भी जोर पकड़ रहा है. चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक विवादित कदम उठाते हुए अपने लगभग 9 करोड़ सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के लिए धर्म छोड़ दें. पार्टी ने सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा है कि धार्मिक विश्वास कैडरों के लिए एक ‘लक्ष्मण रेखा’ जैसा  है और जो लोग इस निर्देश का उल्लंघन करेंगे, उन्हें दंडित किया जाएगा.

चीन में धार्मिक मामलों के शीर्ष नियामक के प्रमुख ने कहा कि पार्टी सदस्यों को धर्म में यकीन नहीं करना चाहिए और जिन लोगों के धार्मिक विश्वास हैं, उन्हें इसका त्याग करने के लिए कहा जाना चाहिए. आधिकारिक मीडिया की ओर से आज आई खबर के अनुसार, विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्देश पार्टी की एकजुटता को बनाए रखने के लिए है.

चीन के समाचार पत्र कियुशी जर्नल में छपे एक लेख में लिखा है कि पार्टी सदस्यों को धार्मिक विश्वास नहीं रखने चाहिए. यह सभी सदस्यों के लिए एक लक्ष्मण रेखा है. पार्टी सदस्यों को कड़े मार्क्सवादी नास्तिक होना चाहिए. उन्हें पार्टी के नियमों का पालन करना चाहिए और पार्टी में यकीन रखना चाहिए. उन्हें धर्म में यकीन रखने की अनुमति नहीं है. जिन अधिकारियों का यकीन धर्म में हैं, उन्हें इसे छोड़ने के लिए राजी किया जाना चाहिए. जो लोग ऐसा करने का विरोध करते हैं, उन्हें पार्टी संगठन की ओर से दंडित किया जाएगा. कम्यूनिस्ट पार्टी के इस बयान के बाद चीन का बड़ा तबका विरोध के सुर में है.

एशियन एथलेटिक्स की गोल्ड मेडलिस्ट मनप्रीत कौर डोप टेस्ट में फेल

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नई दिल्ली। डोप टेस्ट में फेल होने से कई एथलेटिक्स अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं ताजा मामला एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की दिग्गज गोला फेंक एथलीट मनप्रीत कौर का है जो डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा किए गए डोप टेस्ट में मनप्रीत को प्रतिबंधित शक्तिवर्धक डाइमेथिलबुटाइलामाइन  के टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है. ये टेस्ट नाडा द्वारा पटियाला में 1-4 जून तक आयोजित हुए फेडरेशन कप के दौरान किया गया था.

देश की दिग्गज एथलीटों में शामिल मनप्रीत ने अगले महीने लंदन में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लए क्वॉलिफाई किया है. मनप्रीत को जिस उत्तेजक पदार्थ के टेस्ट में पाजिटिव पाया गया है, वह वर्ल्ड एंटी डोपिंग एंजेसी (वाडा) के तहत अनिर्दिष्ट श्रेणी में आता है, इसलिए मनप्रीत अगले महीने में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग ले पाएंगी.

हालांक मनप्रीत को नाडा के सामने सुनवाई के लिए हाजिर होना होगा और वहां खुद को निर्दोष न साबित कर पाने की स्थिति में मनप्रीत द्वारा 6-9 जुलाई तक आयोजित हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान जीता गया गोल्ड मेडल छीना जा सकता है जिसके बाद उनका भविष्य खतरे में आ गया है.

‘GST के लिए रात 12 बजे संसद खुली, पर किसानों को एक मिनट नहीं देते मोदी’

Rahul Gandhi

बांसबाड़ा। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को राजस्थान के बांसवाड़ा पहुंचे. राहुल ने यहां किसान आक्रोश रैली को संबोधित किया. किसानों को लेकर उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी व राज्य की वसुंधरा सरकार पर जमकर निशाना साधा. राहुल ने कहा कि जीएसटी के लिए रात को 12 बजे संसद खुल सकती है, लेकिन किसानों के लिए 10 मिनट का समय सकरार संसद में चर्चा के लिए नहीं दे रही. राहुल ने प्रदेश के नेताओं से कहा कि वे राज्य सरकार पर दबाव बनाएं जिससे सरकार किसानों की सुध ले. सभा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, सीपी जोशी ने भी संबोधित किया.

राहुल ने कहा, आज सुबह मैं लोकसभा में था. वहां कांग्रेस ने किसानों के बारे में डिस्कशन के लिए समय मांगा था. हम चाहते थे कि लोकसभा में किसानों के बारे में चर्चा हो. जो आपके दिल में दुख है उस बारे में सदन में हम बोलना चाहते थे. बात करना चाहते थे, लेकिन हमें समय नहीं दिया गया. हमने चर्चा के लिए दो-तीन घंटे नहीं केवल 10-15 मिनट मांगे थे. हम आपके बारे में बोलना चाहते थे, लेकिन संसद में आज आपकी आवाज नहीं उठाई जा सकती.

जीएसटी के लिए संसद को 12 बजे खोला जा सकता है. मगर किसान के लिए वहां बात नहीं हो सकती. यह है एनडीए की सचाई.

राहुल ने मोदी सरकार पर रोजगार को लेकर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, मोदी जी ने वादा किया था कि 2-3 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे. हमने सरकार से पूछा कितने लोगों को रोजगार मिला. जवाब मिला एक लाख लोगों को रोजगार मिला. सरकार ने रोजगार नहीं दिलाया. उल्टा सरकार किसानों की जमीन ले रही है. इससे फायदा किसका हो रहा है. गरीबों, किसानों व व्यापारियों का तो फायदा नहीं हो रहा.

राहुल ने कहा, हम किसानों के साथ हैं और राज्य की भाजपा सरकार पर इतना दबाव बनाएंगे कि सरकार किसानों का कर्जा माफ करेगी. मैं इसके लिए हर जिले व निचले स्तपर पर जाने को तैयार हूं. हम सरकार में नहीं हैं. अगर होते तो इस बारे में बात करने की जरूरत ही नहीं पड़ती.

मॉनसून सत्र: किसानों, दलितों के मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। संसद में कल मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था तो मॉनसून सत्र में आज का दिन भी काफी हंगामेदार रहा. किसानों, दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने दोनों ही सदनों में जमकर हंगामा किया. हंगामे के बाद लोकसभा में सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई.

लोकसभा में हंगामे के बीच बुधवार को कार्यवाही शुरू हुई. विपक्षी दलों की नारेबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इसरो की उपलब्धियों की जानकारी देते रहे. एक रॉकेट से 104 सैटलाइट्स की कामयाब लॉन्चिंग का भी जिक्र किया पर सदन ज्यादा देर नहीं चल सका और कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित करना पड़ा.

वहीं, राज्यसभा में सदन की कार्यवाही की शुरुआत सांसदों की सैलरी बढ़ाने की मांग के साथ हुई. कांग्रेस और जेडीयू के नेताओं ने किसानों के मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया. नेताओं ने किसानों की आत्महत्या, न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंदसौर में हुई घटना को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की.

जेडीयू नेता शरद यादव ने दाल बाहर से आयात करने का मामला उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की. वहीं  कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि 150 से ज्यादा किसान संगठन जंतर-मंतर पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्या देशव्यापी है, लेकिन सरकार मौन है. दिग्विजय ने कहा कि किसानों को कीमत के बजाए गोलियां दी जा रही हैं. इंपोर्ट ड्यूटी भ्रष्टाचार का माध्यम बन गया है. उन्होंने रूल 267 के तहत किसानों के मुद्दे पर डिस्कशन की मांग की जिसे उप सभापति ने मान लिया.

जेडीयू नेता अली अनवर ने दलितों पर अत्याचार का मामला भी उठाया. बता दें कि कांग्रेस ने दलितों के मुद्दे पर बुधवार को चर्चा के लिए नोटिस भी दे रखा है पर सरकार इस बारें में कोई चर्चा नहीं चाहती जिसके आसार दिख गये हैं.