अहमदाबाद। दलितों पर अत्याचार से एक शख्स इतना व्यथित हुआ कि वह देश के भ्रमण पर निकल गया. इस भ्रमण का उद्देश्य दलितों की स्थिति को सरकार के सामने लाना है. इस शख्स का नाम है गौतम बुद्ध. 11 जुलाई 2016 को उना में हुई घटना ने गौतम बुद्ध के दिलो दिमाग को इतना झकझोर दिया कि वो साइकिल लेकर निकल पड़े.
एबीपी न्यूज के मुताबिक गौतम का कहना है कि मैं भाजपा सरकार को दिखाना चाहता हूं कि देश के किस राज्य में दलितों की क्या स्थिति है. वे कहते हैं सबका साथ-सबका विकास लेकिन स्थिति क्या है, ये दिखाना मेरा मकसद है. गौतम का कहना है “उना में जो हुआ उसका वीडियो दुनियाभर में वायरल हुआ था. जैसा उस दिन मेरे समाज के लोगों के साथ हुआ, वैसा फिर ना हो बस यही चाहता हूं मैं.” 30 साल के गौतम अभी तक 32 जिले घूम चुके हैं. गौतम बुद्ध जिस मिशन को लेकर निकले हैं, उसे सरकार तक पहुंचाने में कितना सफल हो पाते हैं.

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।

