
नई दिल्ली। देश में सामाजिक विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन हकीकत के धरातल पर आज भी दलितों को मंदिरों में पूजा करने का हक नहीं मिला है. अगर ऐसे में जब कहीं पर पुजारी की बागडोर दलित ही संभाले तो मनुवादियों के पेट में दर्द उठना लाजमी है. कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिल रहा है यूपी के फतेहपुर में, जहां समाज के ठेकेदारों को दलित का पुजारी होना आंखों में खटक रहा है. ये लोग पुजारी को हटाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं.
दलित पुजारी की माने तो खुद को समाज का ठेकेदार बताने वाले लोग उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हैं. मंदिर न छोड़ने की सूरत में जान से मारने की धमकी भी देते हैं. दरअसल मंदिरों की जमीन से होने वाली आमदनी से धार्मिक कार्यक्रमों को सम्पन्न कराया जाता है और इसी आमदनी पर मनुवादियों की बुरी नजरें लगी हुई है.
अब मनुवादियों की धमकी से परेशान होकर पुजारी ने खुद को और मंदिर की जमीन को बचाने के लिए पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. इधर पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब देखना ये है कि दलित पुजारी की इस शिकायत पर कार्रवाई भी होती है या फिर हमेशा की तरह दलितों की आवाज को सिर्फ भरोसा ही नसीब होता है.

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