दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली का विधानसभा चुनाव हमेशा से रोचक रहा है। भले ही दिल्ली सरकार के पास ज्यादा ताकत न हो, लेकिन दिल्ली तमाम दलों के लिए नाक की लड़ाई है। ऐसे में इस बार भी तमाम दल दिल्ली वालों का दिल जीतने निकल पड़े हैं। सबसे अपने वादे और अपने दावे हैं लेकिन दिल्ली की राजनीति के केंद्र में दलित समाज के वोटर हैं। यह प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में से 12 आरक्षित सीटों के अलावा तकरीबन 25 सीटों पर हार-जीत का फैसला करते हैं। उनको लुभाने के लिए तमाम दल तमाम तिकड़म कर रहे हैं। देखिए यह रिपोर्ट-

वीरेन्द्र कुमार साल 2000 से पत्रकारिता में हैं। दलित दस्तक में उप संपादक हैं। उनकी रुचि शिक्षा, राजनीति और खेल जैसे विषय हैं। कैमरे में भी वीरेन्द्र की समान रुचि है और कई बार वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर भी सक्रिय रहते हैं।

