मेरे पति राहुल क्लास में अटेंडेंस लगाकर कॉलेज के मेन गेट की ओर जा रहे थे। वहीं उनकी काली बुलेट खड़ी थी। मैं नर्सिंग डिपार्टमेंट से क्लास खत्म कर बाहर निकली ही थी, तभी कॉलेज के मेन गेट पर मुझे पापा दिखाई दिए। वे उजले रंग का मास्क और नीले रंग का कोट पहने हुए थे। कमर में कट्टा खोंसे वे बुलेट के पास खड़े हो गए।
उन्होंने आसपास खड़े छात्रों से पूछा- ‘ये काली बुलेट किसकी है?’ छात्रों ने जवाब दिया- ‘राहुल मंडल की।’ कुछ ही देर
बाद जैसे ही राहुल बुलेट लेने पहुंचे, पापा ने कट्टा निकाला और उसके सीने में दो गोलियां दाग दीं। राहुल का सीना खून से सना हुआ था। उस वक्त मैं राहुल से बस कुछ कदम की दूरी पर थी। वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिरने ही वाला था कि मैं चीखते हुए उसकी ओर भागी। बदहवासी में वह मेरे सीने से आकर लग गया।
पापा चीख-चीखकर कह रहे थे- ब्राह्मण होकर बेटी ने नीच से शादी कैसे की? मर गया, अब मैं बहुत खुश हूं। अब बेटी को भी मारूंगा।’, ये शब्द इंटरकास्ट मैरिज करने वाली बिहार की तनुप्रिया झा के हैं। जिसके पिता ने जाति की वजह से अपनी 20 साल की बेटी को विधवा बना दिया। तनुप्रिया कहती हैं कि मेरी आखिरी इच्छा है कि अपने बाप को फांसी के फंदे पर झूलते देखूं। उसके बाद खुद को खत्म कर लूंगी।
यह घटना बिहार के दरभंगा जिले की है। जहां 6 अगस्त 2025 को पिता ने बेटी के पति को इसलिए मार डाला, क्योंकि वह कथित छोटी जाति का था। हालांकि यह मामला एक बार फिर से वायरल हो रहा है।
मेरे पति राहुल क्लास में अटेंडेंस लगाकर कॉलेज के मेन गेट की ओर जा रहे थे। वहीं उनकी काली बुलेट खड़ी थी। मैं नर्सिंग डिपार्टमेंट से क्लास खत्म कर बाहर निकली ही थी, तभी कॉलेज के मेन गेट पर मुझे पापा दिखाई दिए। वे उजले रंग का मास्क और नीले रंग का कोट पहने हुए थे। कमर में कट्टा खोंसे… pic.twitter.com/kPAG4U9VGF
— Shivani Sahu (@askshivanisahu) January 8, 2026

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।

