मुंबई/दिल्ली। महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव का प्रचार जोर पकड़ चुका है। इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन के लिए यह चुनाव काफी अहम है। इस बीच वह हर दांव चल रहे हैं। 11 जनवरी को मुंबई में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अदानी पर जमकर निशाना साधा। ठाकरे ने अदानी के बढ़ते साम्राज्य पर एक ग्राफिक्स जारी कर मोदी और अदानी गठजोड़ पर हमला बोला। राज ठाकरे ने जो ग्राफिक्स जारी किया, वह चौंकाने वाला है।
गेल्या काही वर्षांत अदानी समूह ज्या पद्धतीने पसरत आहे, वीज क्षेत्र असू दे, बंदर असू दे, विमानतळ असू दे, राज्यात जवळपास प्रत्येक क्षेत्र अदानी समूहाच्या हातात दिलं जात आहे… आज मराठी म्हणून आपण या एका उद्योग समूहाच्या विस्ताराकडे गांभीर्याने बघितलं नाही तर या राज्यातील इंच आणि… pic.twitter.com/uiYpdBoKLr
— Raj Thackeray (@RajThackeray) January 11, 2026
दरअसल साल 2014, जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और प्रधानमंत्री बनें नरेन्द्र मोदी। नरेन्द्र मोदी का संबंध गुजरात से था, और जब मोदी दिल्ली में सत्ता के शीर्ष पर बैठे तो मोदी के नाम के साथ एक और नाम की चर्चा तेज हो गई। वह नाम जो तब तक सुर्खियों में नहीं था। वह नाम था बिजनेस मैन गौतम अदानी का।
२०१४ ते २०२५ या फक्त ११ वर्षांच्या काळात, सरकारच्या आशीर्वादाने अदानी समूह ज्या वेगाने देशात पसरला आणि अनेक क्षेत्रात एकाधिकारशाही निर्माण करत चालला आहे. त्याची झलक दाखवणारी ही चित्रफीत जरूर पहा… pic.twitter.com/rPXdviHzaH
— Raj Thackeray (@RajThackeray) January 11, 2026
साल 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अदानी के साम्राज्य में भी तेजी से वृद्धि हुई। अदानी तमाम तरह के नए-नए क्षेत्रों में पैर पसारने लगे और अब तो एयरपोर्ट भी अडाणी को मिल गया है। अब जंगलों पर भी अदानी समूह लगातार कब्जा कर रहा है, जिसको लेकर अदिवासी बहुल इलाकों में खासा रोष है। साल 2014 से 2024 के बीच 10 सालों में अडाणी के बढ़ते साम्राज्य की चर्चा अक्सर होती है। लेकिन राज ठाकरे ने जिस तरह अदानी को सीधे निशाने पर लिया है, उससे एक बार फिर बहस तेज हो सकती है।

दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।

