HomeTop Newsइंसाफ के इंतजार में मेरठ की माँ-बेटी, अपराधी यूपी पुलिस की गिरफ्त...

इंसाफ के इंतजार में मेरठ की माँ-बेटी, अपराधी यूपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

इस मामले में पुलिस और भाजपा नेताओं के आश्वासन के 24 घंटे होने जा रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक आरोपी पारस सोम और उसके साथी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। और बात-बात पर चल निकलने वाला बुलडोजर खड़ा मुंह ताक रहा है कि मनुवादी गुंडों के घरों को रौंदने का आदेश माननीय मुख्यमंत्री से उसे कब मिलेगा।

मेरठ/लखनऊ। 3 जनवरी को माता सावित्री बाई फुले की जयंती पर जब देश के बड़े-बड़े नेता महिला सशक्तिकरण पर भाषण दे रहे थे, उसके चार दिन ही बीते थे कि आठ जनवरी की सुबह मेरठ के कपसाड़ गांव में मनुवादी गुंडे दलित समाज की बेटी को जबरन उठा ले गए। मां ने रोका तो उसे घायल कर दिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।

घटना के 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है और आरोपी पारस सोम को ढूंढने में नाकाम रही है। राजनीतिक और सामाजिक दबाव और मामले के जोड़ पकड़ने के बाद पुलिस ने गांव को छावनी बना दिया है। ढ़ाई किलोमीटर पहले ही गांव की बैरिकेडिंग कर दी गई है और 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गए हैं।

पुलिस, प्रशासन और स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा 48 घंटे के भीतर आरोपी को ढूंढ़ने का लिखित आश्वासन मिलने, 10 लाख रुपये का चेक मिलने और अन्य मांगों पर हामी भरने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात 8 बजे के करीब पीड़िता की माँ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इस बीच बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और असपा के नेता लगातार मोर्चा खोले हुए हैं। बसपा सुप्रीमों मायावती ने दलित माँ की हुई हत्या तथा बेटी के अपहरण की ताज़ा घटना अति-दुखद, शर्मनाक एवं चिन्तनीय बताया है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अगर रत्ती भर भी शर्म बची हो तो अपराधियों की तरफ़दारी छोड़कर ‘मेरठ की बेटी’ को बचाया जाए और मृतक माँ के पार्थिव शरीर को यथोचित सम्मान दिया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया जाए। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने इसे बहुजन समाज के विरुद्ध जातिगत हिंसा और महिलाओं की असुरक्षा के प्रति अपराध का भयावह उदाहरण है।

बता दें कि गुरुवार 8 जनवरी की सुबह सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। गांव के ही पारस सोम,सुनील और उनके साथियों ने सुनीता पर फरसे से वार कर दिया और बेटी रूबी का अपहरण कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मोदीपुरम के अस्पताल में सुनीता ने दम तोड़ दिया था।

इस मामले में पुलिस और भाजपा नेताओं के आश्वासन के 24 घंटे होने जा रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक आरोपी पारस सोम और उसके साथी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। और बात-बात पर चल निकलने वाला बुलडोजर खड़ा मुंह ताक रहा है कि मनुवादी गुंडों के घरों को रौंदने का आदेश माननीय मुख्यमंत्री से उसे कब मिलेगा।

लोकप्रिय

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Skip to content