रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के अंतर्गत चयनित 1,910 अभ्यर्थियों को मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गया। यह आयोजन झारखंड के युवाओं के लिए न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का समापन था, बल्कि वर्षों के संघर्ष, अनिश्चितता और इंतजार के बाद मिली बड़ी सफलता का प्रतीक भी बना। यह नियुक्ति इसलिए खास रही क्योंकि यह बीते 10 सालों से लंबित थी।
समारोह में चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन, राज्य सरकार के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं के चेहरों पर साफ़ तौर पर संतोष और आत्मविश्वास झलक रहा था।
इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शायद अभ्यर्थियों ने यह अनुमान नहीं लगाया होगा कि इस नियुक्ति प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने में सरकार, JSSC और प्रशासनिक अधिकारियों को कितने दबाव, विरोध और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, आयोग और पुलिस प्रशासन ने पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ परत-दर-परत तथ्यों को साफ करते हुए न केवल राज्य की जनता के सामने बल्कि न्यायालय के समक्ष भी मजबूती से अपना पक्ष रखा। इसी का परिणाम है कि आज हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिला है।
आज रांची के मोरहाबादी मैदान में JSSC द्वारा आयोजित CGL परीक्षा में चयनित 1,910 अभ्यर्थियों के ऐतिहासिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शामिल हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी अभ्यर्थियों और उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। https://t.co/PlspZl7Ewd
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) December 30, 2025
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस नियुक्ति प्रक्रिया को मुकाम तक पहुंचाना आसान नहीं था। JSSC CGL परीक्षा को लेकर बीते समय में विरोध, दबाव और कानूनी चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद आयोग, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्यों को क्रमबद्ध ढंग से सामने रखा—चाहे वह राज्य की जनता के समक्ष हो या न्यायालय के समक्ष। इसी प्रक्रिया का परिणाम है कि आज हजारों योग्य युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिला।
राज्य के विकास में निभानी होगी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से अपील किया कि वे अब केवल नौकरीपेशा कर्मचारी नहीं, बल्कि राज्य की शासन व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपेक्षा की गई कि वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ झारखंड के सर्वांगीण विकास में योगदान दें, ताकि राज्य को पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकालकर देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा किया जा सके।
विविध सामाजिक पृष्ठभूमि से आए चयनित अभ्यर्थी
समारोह के दौरान कई चयनित युवाओं ने अपनी पृष्ठभूमि साझा की। कुछ अभ्यर्थी किसान और मजदूर परिवारों से हैं, तो कुछ छोटे व्यापारियों के घर से आते हैं। कई चयनित बेटियों ने बताया कि वे इससे पहले मइया सम्मान योजना जैसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की लाभार्थी थीं और अब सरकारी सेवा में चयनित होकर नई जिम्मेदारी निभाने जा रही हैं।अलग-अलग विषयों में शिक्षित इन युवाओं को प्रशासनिक तंत्र में एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

मानवाधिकार और एंटी कॉस्ट आंदोलन से जुड़े गुड्डू कश्यप साल 2023 से ‘दलित दस्तक’ से जुड़े हैं। वर्तमान में वह सब एडिटर के पद पर हैं। बिहार और झारखंड की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

