कलेक्टर ने पेश की मिसाल, बेटी का सरकारी स्कूल में कराया दाखिला

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नई दिल्ली। शिक्षा के मामले में बेहद संवेदनशील माने जाने वाले छत्तीसगढ के बलरामपुर जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपने मजबूत इरादों से प्रदेश के अन्य नौकरशाहों के बीच एक बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने अपनी पांच साल बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया है. कलेक्टर साहब ने बेटी की प्राथमिक स्तर की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय के शासकीय प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय को चुना है.

अवनीश कुमार शरण हमेशा से ही शिक्षा के स्तर को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं. इन्होंने न तो कभी शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त की और न ही कभी शिक्षकों को कोताही बरतने दी है. इसे लेकर वे राजधानी में भी अपनी पदस्थापना के दौरान सुर्खियों में रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर अवनीश कुमार ने ऐसा कदम उठाया हो, इससे पहले अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए आंगनवाड़ी स्कूल में भी भेज चुके हैं. आपको बता दें बलरामपुर जिले में लोगों को शिक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए ‘उड़ान’ और ‘पहल’ जैसी योजनाएं भी लॉन्च कीं इन योजनाओं की तारीफ खुद सूबे के मुखिया सीएम रमन सिंह कर चुके हैं.

आज जब हर कोई अपने बच्चे को महंगे से महंगे स्कूल में पढ़ाने की ख्वाहिश पाले हुए हैं ऐसे में कलेक्टर अवनीश कुमार शरण का यह फैसला एक मिसाल बनकर उभरा है. अवनीश कुमार का यह फैसला उन अभिवावकों के लिए एक बड़ा संदेश है जो सरकारी स्कूल में कमियां निकालते हैं और फिर मोटी रकम चुका कर अपने बच्चों का दाखिला निजी संस्थानों करा देते हैं.

बहरहाल कलेक्टर साहब की इस पहल से अब लगता है की सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के स्तर में कुछ सुधार जरूर आएगा. जाहिर है कि जिस स्कूल में जिले के कलेक्टर या आला अधिकारियों के बच्चे पढेंगे उस स्कूल का शिक्षा का स्तर खुद-ब-खुद सुधर जाएगा.

अवनीश कुमार का फैसला एक बड़ी प्रेरणा है, राज्य सरकार अगर इससे सीख लेकर पूरे प्रदेश में इस फैसले को लागू कर दे तो वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश के शासकीय स्कूलों के माथे पर लगा दाग मिट जाएगा. इसके साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लग सकेगी.

GST पर एक बार फिर विचार करे सरकार: रजनीकांत

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नई दिल्ली। तमिलनाडु में 30 प्रतिशत कॉर्पोरेशन टैक्स के विरोध में पिछले तीन दिनों से सिनेमा घरों के मालिक हड़ताल पर है. इस बीच तमिल सुपर स्टार रजनीकांत भी इसके विरोध में उतर आए हैं. रजनीकांत ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर एक बार फिर विचार जरूर करें. रजनीकांत ने इस हड़ताल का विरोध करते हुए ट्वीट किया है कि ‘राज्य के लाखों लोगों की जिंदगी फिल्म इंडस्ट्री पर टिकी हुई है और मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस पर फिर से एक विचार करें’.

आपको बता दें कि रतजनीकांत फिलहाल अमेरिका में अपने मेडिकल चैक-अप के लिए गए हुए हैं. बता दें कि इस मुद्दे पर तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री बंटी हुई दिख रही है. कई तमिल फिल्म स्टार ने इसका विरोध किया है तो कई प्रसिद्ध कलाकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है.

तमिल फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अबामी रामनाथन ने इसका विरोध करते हुए है कि ‘वस्तु सेवा कर’ और ‘मनोरंजन टैक्स’ मिलाकर कुल 58 प्रतिशत टैक्स होता है. ऐसे में कोई भी इस प्रकार के टैक्स के अंतर्गत सिनेमा घरों को नहीं चला सकता. इससे तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. आपको बता दें कि सिनेमा मालिकों के हड़ताल पर जाने की वजह से राज्य की फिल्म इंडस्ट्री को हर रोज 4 करोड़ रूपये का नुकसान हो रहा है. इस बीच विपक्ष पार्टी डीएमके ने भी इस प्रकार के टैक्स का विरोध करते हुए सरकार पर जीएसटी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.

इससे पहले राज्य के एक और सुपर स्टार कमल हसन ने इस प्रकार के टैक्स पर मोर्चा खोलते हुए कहा था कि जल्द ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री एक साथ बाहर आएगी और इसके खिलाफ एक आवाज में बोलेगी. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जो तमिल स्टार जल्लीकट्टू के विरोध में तमिलनाडु लोगों के साथ खड़े थे वो इस मुद्दे पर बिल्कुल चुप्पी साधे बैठे हैं.

भारत-इजराइल की दोस्ती करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल देगी: साझा बयान

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नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दौरे पर निकलें है जहां उनका शानदार स्वागत हुआ. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोनों देशों की तरफ से एक साझा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि भारत ओर इजराइल की दोस्ती से करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल जाएगी. पीएम नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को बहुत महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि यह एक इतिहास बनने जा रहा है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पीएम मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति रेयुवेन रिवलिन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच के रिश्ते मजबूत करने के तरीके पर चर्चा की.

दोनों ने इसपर चर्चा की कि कैसे इस्राइल की अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी ‘मेक इन इंडिया’ पहल में मदद कर सकती है. इजराइल की तीन दिन की यात्रा पर कल तेल अबीब पहुंचे मोदी ने पहले सीमित वार्ता के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की. मोदी ने इजराइल की अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा की मेजबानी करने और दोनों देशों के बीच के रिश्तों का एक अहम अध्याय लिखने में अहम भूमिका निभाने पर इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का शुक्रिया अदा किया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग्ले ने अपने ट्वीट में बताया कि नेतन्याहू के साथ अपनी मुलाकात में प्रधानमंत्री ने कल से इजराइल में अपने प्रवास और लोगों से अपनी मुलाकात की चर्चा की जिसने द्विपक्षीय रिश्तों के एक नए अध्याय की शुरुआत करने की शुरूआत हुई है.

 

10वीं पास के लिए बिग बाजार में बंपर भर्तियां

नई दिल्ली। बिग बाजार ने नोटिफिकेशन जारी कर बंपर भर्तियां निकालीं है, जिसमें ग्रेजुऐट और 10वीं पास के लिए काफी भर्तियां निकली हैं. बिग बाजार ने नोटिफिकेशन जारी कर स्टोर मैनेजर, रिटेल हेड समेत 46,157 पदों पर आवेदन के लिए आमंत्रित किया है. इस पद के लिए आवश्यक योग्यता निम्न प्रकार से हैं. कंपनी का नाम बिग बाजार (Big Bazaar) पदों के नाम स्टोर मैनेजर, रिटेल हेड (Store Manager, Retail Head) समेत अन्य पद भी शामिल. पदों की संख्या 46,150 आवश्यक योग्यता इसमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं. उम्र 18 साल से कम न हो चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन परफॉर्मेंस और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. सैलरी 21,570 से 48,550 रुपए. ऐसे करें आवेदन आवेदन के लिए बिग बाजार की ऑफिशियल वेबसाइट www.bigbazaar.com पर जाकर आवेदन करें. अभी इसमें आवेदन के लिए कोई अंतिम तारीख नहीं है.  

मंदिर में प्रवेश करने पर दलित युवक को पीटा

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ललितपुर। ललितपुर के कपासी गांव में एक दलित युवक को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया. जब दलित युवक ने इसका विरोध किया तो कुछ सवर्णों ने उससे मारपीट की और जाति सूचक गाली दी. इसके अलावा दलित युवक को जान से मारने की धमकी भी दी. पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

कपासी गांव के रहने वाले रमेश कुमार अहिरवार ने शिकायती पत्र में बताया कि तीन जुलाई की शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने घर के पास बने मंदिर में जा रहा था. इसी दौरान मंदिर के बाहर खड़े गांव के ही एक सवर्ण युवक ने उसको रोक लिया और मंदिर में प्रवेश करने के कारण उसे थप्पड़ जड़ दिया. आरोप है कि आरोपी जाति सूचक शब्दों का उपयोग करते हुए कहना लगा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मंदिर में प्रवेश करने की.

कुछ समय बाद मारपीट करने वाले युवक के परिजन व अन्य लोग भी वहां आ गए और दलित युवक बुरी तरह पीट दिया. जब पीड़ित की पत्नी और भाई बचाने के लिए आए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी. साथ ही गाली-गलौज करके जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया. वहीं, पीड़ित ने मारपीट के दौरान पांच हजार रुपए निकाल लेने का भी आरोप लगाया है. पीड़ित ने चिकित्सीय परीक्षण कराकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

NET परीक्षा का शेड्यूल जारी, पहली अगस्त से होगें आवेदन

नई दिल्ली। सीबीएसई ने नेट परीक्षा के लिए संक्षिप्त अधिसूचना जारी कर दी है. इस बार यह परीक्षा नवम्बर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी. इसके लिए पहली अगस्त से आवेदन शुरू किये जायेगें. इस संबंध में 24 जुलाई से विस्तृत अधिसूचना उपलब्ध हो गयी है. जुलाई माह में होनी वाली इस परीक्षा की आवेदन तिथि के लिए हजारों विद्यार्थी इंतजार कर रहे हैं. संक्षिप्त अधिसूचना के अनुसार पहली अगस्त से ऑनलाइन आवेदन सीबीएसई नेट की आधिकारिक वेबसाइट से किया जा सकेगा. आवेदन प्रक्रिया तीस दिनों तक चलेगी. 30 अगस्त के बाद ऑनलाइन आवेदन नहीं किया जा सकेगा. 31 अगस्त तक शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा. अब तक हुई परीक्षाओं में हिमाचल में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए सीबीएसई की तरफ से दो सेंटर बनाए गए हैं. इनमें धर्मशाला व शिमला शामिल हैं. उम्मीदवार आवेदन के समय सेंटर का चयन कर सकता है. हिमाचल से नजदीक चंडीगढ़ में सेंटर बनाया गया है. राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए स्नातक में 55 प्रतिशत से अधिक नंबर पाने वाले आवेदन कर सकते हैं. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार विश्वविद्यालय, महाविद्यालय सहित अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति की पात्रता हासिल करते हैं. इसके जरिये पीएचडी और डीफिल में दाखिला भी मिलता है. इस परीक्षा के जरिये जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) भी अवार्ड की जा सकती है.

 

वोट के लिए ओबीसी कोबिंद को दलित बता रही है भाजपाः लालू

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के स्‍थापना दिवस समारोह में एनडीए के राष्‍ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे दलित नहीं है. वो कोली जाति से आते हैं और गुजरात में चुनाव है इसलिए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है ताकि 18 फीसदी वोट मिल सके. कोली जाति गुजरात में ओबीसी है.

लालू ने कहा कि हम सिद्धांत से समझौता नहीं करते हैं. कांग्रेस भी अगर एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करती इसके वावजूद वो उन्हें समर्थन नहीं करते. इस मौके पर राजद सुप्रीमो ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज देश में अघोषित इमरजेंसी की स्थिति बन गई है. बीजेपी ने लोगों से झूठा वायदा किया. सब्जबाग दिखाकर नरेंद्र मोदी सत्ता में बैठ गए क्योंकि हमलोग बंटे हुए हैं. तीन सालों में एक भी आदमी को नौकरी नहीं मिली.

लालू प्रसाद ने कहा कि देश में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. गाय के नाम पर लोगों की हत्या की जा रही है. देश के किसान आत्महत्या कर रहे हैं. देश में अभी भयावह स्थिति है. इस मौके पर लालू यादव ने समान विचारधारा के लोगों को एक साथ आने की अपील की. कहा कि मायावती और अखिलेश मिल जाएंगे तो बीजेपी का गेम फिनिश हो जाएगा. मायावती, अरविंद केजरीवाल, ममता, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा और उनके परिवार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है क्योंकि वो जानते हैं कि सब एक हो जाएंगे तो बीजेपी खत्म हो जाएगी.

इस मौके पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं उस पार्टी का सिपाही हूं जिसने आजतक अपने विचारधारा से समझौता नहीं किया. जब से पार्टी बनी है तबसे साम्प्रदायिक ताकत पार्टी के पीछे लगी हुई है. इसके बावजूद विरोधियों को मुंह की खानी पड़ी है. उन्होंने कहा कि आज देश में नाकारात्मक राजनीति हो रही है. जो गरीबों की बात करता है उसे बदनाम किया जाता है. 27 अगस्त की रैली देश की नई दिशा तय करेगी. हमारी पार्टी अब जवान हो गई है.

सुशील मोदी पर हमला करते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि कुछ लोग अखबार में बने रहने के लिए हमपर आरोप लगाते हैं. हम डरने वाले नहीं है. 27 अगस्त को पता चलेगा कि कौन बेईमान है? हमलोगों ने भी सुशील मोदी के खिलाप सबूत पेश किये लेकिन न कोई रेड हुआ और ना ही सीबीआई जांच हुई. क्या जो बीजेपी के खिलाफ बोलेगा उसे टारगेट किया जाएगा. हमारी तीन पीढियां साजिश की शिकार हुई है. मां-पिता के बाद अब हमलोग और हमारी बहनों के बच्चे सीबीआई रेड देख रहे हैं. लेकिन हम डरने वाले नहीं. महागठबंधन को अटूट बताते हुए तेजस्‍वी ने कहा कि हमें बीजेपी से संघर्ष करना है. बीजेपी को भगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन होगा.

राजद आज अपना स्‍थापना दिवस मना रहा है. इस अवसप पर पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम हो रहा है. इसके अलावा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव आज अपने आवास पर 27 अगस्त की ‘भाजपा भागाओ देश बचाओ’ की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे. इस बीच राजद के स्‍थापना दिवस को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है.

नरेन्द्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री है: राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विट करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक कमजोर प्रधानमंत्री बताया है. राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीटर पर लिखा है कि भारत के पास एक कमजोर प्रधानमंत्री है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी कि अमेरिकी यात्रा के दौरान अमेरिका ने कश्मीर को कथितरूप से भारत अधिकृत कश्मीर करार दिया था. उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिका को इस बात के लिए स्वीकृति दी थी.

राहुल ने एच 1 बी वीसा के मामले में भी मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बारे में कोई बात नहीं की. राहुल ने कहा है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे का समाधान करने में नाकाम रहे है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इसके लिए कुछ दो खबरों को ट्वीट किया है जिनमें से एक द हिंदू की है और दूसरा राहुल द्वारा शेयर की गई खबर में लिखा है, कि भारत ने अमेरिका को इस बात की स्वीकृति दे दी है कि वह भारत द्वारा शासित जम्मू-कश्मीर शब्द का इस्तेमाल कर सकता है. इस बात पर राहुल गांधी ने सवालिया निशान उठाए हैं. यह उनकी निजी रॉय है जो ट्विटर के माध्यम से उन्होनें कही है.

बीजेपी के गढ़ में 65 गायों की मौत

गुजरात। भारत देश में मौजूदा समय में गाय का मुद्दा व्यापक रूप से चर्चा में है. ऐसे में बीजेपी के गढ़ गुजरात के कच्‍छ जिले में 65 गायों और बछड़ों की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना रापर तालुका के एक मवेशी-खाने में हुई, जहां बहुतायत से गायें मौजूद थी. पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गायों की मौत की वजह सायनाइड के जहर की वजह से हुई है.

साल भर में इतनी बड़ी संख्‍या में गायों की मौत की यह दूसरी घटना है. जानकारी के अनुसार कस्‍बे से करीब 7 किलोमीटर दूर श्री जिवदया मंडल के मवेशी-खाने में हुई. शनिवार रात को कुछ गायें अचानक बेहोश होती जा रही थी. गौशाला के मैनेजर राजेन्‍द्र कोठारी ने बताया की, जैसे ही हमारे लोगों ने बताया कि मवेशी बेहोश हो रहे हैं. हमनें पशु-चिकित्‍सकों को मौके पर भेजा और करीब 80 गायों व बछड़ों का इलाज शुरू कर दिया लेकिन 30 को बचा पाए जबकि 65 की मौत हो गई.

बता दें कि श्री जिवदया मंडल (एसजेएम) एक ट्रस्‍ट है, जो रापर में तीन मवेशी-पाल गृह चलाता है. यह संस्‍था करीब 8,000 पशुओं की देशभाल करती है, पर गौ रक्षा मंडल ने उस वक्त हुई बारिश को जिम्मेदार बताया पर पशु चिकित्‍सकों ने साफ कर दिया है की गायों की मौत बारिश की वजह से नहीं हुई. रापर के सरकारी वेटरिनरी अधिकारी शैलेष चौधरी ने बताया की गायों के पोस्‍टमॉर्टम से साफ हो गया कि उनकी मौत सायनाइड के जहर की वजह से हुई थी जो कि उनके खाने हरे बाजरे में पाया गया जो शनिवार की दोपहर को खिलाया गया था. कोठारी ने बताया की मवेशियों के लिए चारा पड़ोसी गांवों से आता है. उन्‍होंने कहा, ”हमें रोज करीब 10 ट्रक चारे की जरूरत होती है. शनिवार को सभी जानवरों को हरे बाजरे का चारा दिया गया था जिसके बाद से गायों की तबियत तेजी से खराब होती चली गयी और एक के बाद एक गाय मरती गयीं.

ठाकुरों ने किया दलित परिवार की भूमि पर कब्जा

Victim family

ललितपुर। बानपुर के खिरिया छतारा गांव में सामने आया है. जहां एक दलित परिवार की जमीन पर वहां रहने वाले ठाकुरों ने बलपूर्वक अपना कब्जा जमाकर उस जमीन पर अपनी फसल भी बो ली. उस दलित परिवार को मारपीट कर गांव से निकल जाने फरमान भी जारी कर दिया. सुनने में यह कहानी फिल्मी लगती है मगर यह बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े जिले ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों की हकीकत है.

इस मामले में पीड़ित परिवार के सिमुल ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र देकर अवगत कराया. उन्होंने कहा कि बहू दीपा ने रजिस्ट्री बैनामा के जरिए जमीन खरीदी थी और उसने जमीन की नियमता पूर्वक हदबंदी भी करा चुके हैं. मगर उसी गांव में रह रहे गुंडें प्रवृति के इंद्रपाल सिंह और उनके भाई राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह ठाकुर आदि लोगों ने मिलकर उसकी हदबंदी की बाड़-उखाड़ कर फेंक दी.

यही नहीं जब पूरा परिवार एक रिश्तेदार की शादी में गया हुआ था तब उनकी जमीन पर ठाकुरों ने कब्जा कर अपनी फसल को बो दिया. जब इस घटना का विरोध दलित परिवार ने किया तो जातिवादी गुंडों ने लाठी-डंडों से मारपीट कर दलितों को गांव से निकल जाने का फरमान जारी कर दिया.

दलित परिवार का आरोप है कि ठाकुर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे हमें जान का खतरा बना हुआ है. हालांकि दलित परिवार ने थाने में शिकायत की मगर उसकी वहां नहीं सुनी गई. उसके बाद दलित परिवार अपनी औरतों बच्चों को लेकर जिला मुख्यालय आया और जिलाधिकारी परिसर में अपना डेरा डाल दिया एवं अपनी जान माल की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है.

बीजेपी मंत्री के गांव में दलितों के खिलाफ शर्मनाक फरमान

हरियाणा। बीजेपी सरकार के राज में दलितों के उत्पीड़न की घटनाऐं लगातार सामने आ रहीं हैं पर अब एक फरमान मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के गांव से आया है. मंत्री के पैतृक गांव में दलितों के खिलाफ शर्मनाक फरमान सुनाया गया है. जिस पर भारी विवाद हो रहा है. यह घटना हरियाणा के जींद जिले के गांव की है जहां एक मंदिर में शुरू हुए हवन यज्ञ में दलितों को भाग नहीं लेने को कहा गया है.

गांव डूमरखा खुर्द के एक मंदिर में मंगलवार को हवन शुरू किया गया है. यह हवन नौ जुलाई तक चलेगा. बताते हैं कि यज्ञ से पहले गांव के लोगों की बैठक हुई,  जिसमें एक पंडित ने हवन से दलित समाज को दूर रहने का फरमान जारी कर दिया. यह सुनकर दलित समाज के लोगों ने पंडित के फरमान का विरोध कर दिया. जब उन पर पंडित के आदेश का पालन करने के लिए दबाव डाला गया तो उन्होंने सदर थाने में लिखित शिकायत कर दी. दलित समाज के लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई कि जात-पांत का जहर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. लिखित शिकायत मिलने के बाद सदर थाना प्रभारी रमेश कुमार मंदिर पहुंचे और गांव के लोगों से बात की.

दलित समाज के लोगों ने कहा कि उन्होंने मंदिर और हवन के लिए चंदा दिया है. इसके अलावा दूसरे कार्यों में भी सहयोग दिया है. हवन गांव में भाईचारा बनाए रखने और सुख समृद्धि के लिए कराया जा रहा है. मंदिर और हवन से दूर रखना उनके अधिकारों का हनन है. प्रशासन को मामले की तह तक जाकर फरमान सुनाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. दलित समाज के लोगों का कहना है कि लोगों की उपस्थित में पंडित ने कहा कि मंदिर में होने वाले हवन में दलितों का प्रवेश नहीं होना चाहिए. हवन में अगर दलितों का प्रवेश हुआ तो विघ्न पड़ जाएगा और गांव में शांति नहीं रहेगी. दलित सिर्फ भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं.

दलितों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन के आला अधिकारियों से शिकायत करेंगे. जिसके बाद अगर ऐसी कोई भेदभाव की घटना उनके साथ हुई तो वे बड़े स्तर पर प्रर्दशन करेगें.

 

बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा के फेरे लेकर रचाई शादी

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर में एक गरीब दलित जोड़े ने मंगलवार (चार जुलाई)  को अलग अंदाज में शादी की. इस गरीब जोड़े ने अग्नि के फेरे लेने की जगह संविधान निर्माता बाबा साहेब अम्बेडकर की मूर्ति के सामने सात फेरे लेकर अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की.

यह शानदार शादी सीहोर के मुरदी क्षेत्र में डॉक्टर अम्बेडकर पार्क में संपन्न हुई. इस क्षेत्र के अत्यंत गरीब परिवार की वधु वैजयंती और वर पंकज जाटव ने अपनी शादी एक अलग ही अंदाज में की. फेरे से पहले दोनों ने बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने एक दूसरे के गले में वरमाला पहनाई और एक सफल वैवाहिक जीवन जीने की की शपथ ली.

इस कार्य के लिए प्रेरणा बनी क्षेत्र की वार्ड पार्षद अनीता खंगराले ने इस शादी को लोगों के लिए प्रेरणा लेने वाला बताया. उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब अम्बेडकर को ही दलितों के भगवान मानकर उनकी मूर्ति के सामने हुई इस शादी को दलित समाज के लिए एक नई प्रेरणा बताया.

इस शादी में शामिल होने पूरे मोहल्ले के लोग आए, महिलाओं ने शादी के गीत गाए. दूल्हा- दुल्हन को मिठाई खिलाई गई और शादी के बाद दोनों को विदाई दी गई. इस अनूठी शादी में समाज के लोगो ने अपना आशीर्वाद दिया और इसे अनुकरणीय पहल बताया. इस शादी की चर्चाएं पूरे देश में हो रही है जोड़े की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किया जा रहा है और खूब शुभकामनाऐँ दी जा रही हैं.

 

जातिवादी गुंडे ने भाजपा राज कहकर दलित महिला को पीटा

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मिर्जापुर। यूपी में एक बार फिर दलित महिला की पिटाई का सामने आया है. मामला मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र का है, जहां मामूली कहासुनी के बाद दबंग ने महिला को बेरहमी से पीट दिया. पुलिस ने इस मामले में जातिवादी गुंडें के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

मड़िहान थाना के रेकसा खुर्द गांव में दलित महिला जीरा भारती अपने लड़के के साथ साइकिल से अपने घर जा रही थी. गांव में बीच सड़क पर गांव जातिवादी गुंडा तसनू पटेल खड़ा था. जब दलित महिला ने उनसे रास्ता छोड़ने की बात कही तो वह पहले तो धमकी दिया की यह भाजपा राज है, सपा और बसपा राज नहीं है. बहुत नेतागिरी करती हो नेता गिरी भूल जाओगी. इसके बाद जातिवादी गुंडे महिला को गाली देने लगे और विरोध करने पर वह घर की तीन से चार महिलाओं को बुला लिया और सब लोगों ने मिलकर उनकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई की. महिला का आरोप है कि उसे जातिसूचक गालियां दी गई, जब डॉयल-100 पर सूचना तब जाकर उसकी जान बची.

जीरा भारती कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की नेता भी हैं और इलाके मजदूरों के हक के लिए लड़ती रहती है. उनका कहना था कि वह मजदूरों के हक लगातार में लगातार आवाज उठती रहती है, पिछले साल भी उन्होंने इलाके में मजदूरी की मांग की थी. जीरा भारती का आरोप है कि उनकी पिटाई इसी को लेकर हो सकती है. वहीं थानाध्यक्ष मड़िहान भुवनेश्वर पांडे ने जीरा भारती की तहरीर पर उनका मेडिकल कराते हुए मुकदमा हुए दर्ज करने की बात कह रहे हैं.

वहीं मारपीट के आरोपी के घर वालों का कहना है कि मामला सिर्फ मामूली विवाद का है, दलित महिला के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है. फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है.

सोशल मीडिया पर SC/ST के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी पर होगी सजा :हाईकोर्ट

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग अक्सर दुर्भावना का शिकार होते हैं. उनकी भावनाओं को आहत किया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. फेसबुक और वॉट्सऐप यूजर्स को अब सतर्क होने की जरुरत है क्योंकि सोशल मीडिया पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपमानजक बातें लिखना उन पर भारी पड़ सकता है. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशानुसार ऐसे व्यक्तियों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने 3जुलाई को एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि SC और ST समुदाय के किसी व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया यहां तक कि ग्रुप में चैट में की जाने वाली अपमानजनक बातें भी दंडनीय अपराध हैं. हाई कोर्ट ने कहा कि SC और ST (अत्याचार निषेध) ऐक्ट, 1989 इस समुदाय के लोगों पर सोशल मीडिया पर की गई जातिगत टिप्पणियों पर भी लागू होगा. कोर्ट ने यह बात एक फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कही. कोर्ट ने कहा कि इस अधिनियम के दायरे में वॉट्सऐप चैट भी आ सकता है.

जस्टिस विपिन सांघी ने कहा, ‘फेसबुक यूजर अपनी सेटिंग को ‘प्राइवेट’ से ‘पब्लिक’ करता है, इससे जाहिर होता है कि उसके ‘वॉल’पर लिखी गई बातें न सिर्फ उसके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोग, बल्कि फेसबुक यूजर्स भी देख सकते हैं. हालांकि, किसी अपमानजनक टिप्पणी को पोस्ट करने के बाद अगर प्राइवेसी सेटिंग को ‘प्राइवेट’ कर दिया जाता है, तो भी उसे एससी/एसटी ऐक्ट की धारा 3(1)(एक्स) के तहत दंडनीय माना जाएगा.’

कोर्ट में यह सुनवाई एक SC महिला की याचिका पर हो रही थी, जिसने अपनी देवरानी जो कि एक राजपूत समुदाय से है, पर आरोप लगाया था कि वह उसे सोशल नेटवर्क साइट/फेसबुक पर प्रताड़ित कर रही हैं और उसने धोबी के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया. अपने बचाव में राजपूत महिला ने कहा कि उसका फेसबुक पोस्ट जिसे अगर सच भी माना जाए तो वह उसका अपना फेसबुक ‘वॉल’ है और इसका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था. आरोपी ने यह दलील भी दी कि उसके पोस्ट में उसने कभी अपनी देवरानी का जिक्र नहीं किया और कहा कि उसने धोबी समुदाय की महिलाओं को लेकर पोस्ट लिखा था. यह किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं था. अंत में उसने अपना बचाव करते हुए कहा कि फेसबुक वॉल प्राइवेट स्पेस है और किसी को हक नहीं है कि वह खुद आहत महसूस कर उसके अधिकारों का हनन करे.

इधर बचाव पक्ष की वकील नंदिता राव ने कोर्ट से कहा कि आरोपी ने एससी/एसटी ऐक्ट के तहत अपराध किया है, क्योंकि राजपूत महिला ने जानबूझ कर अपनी दलित देवरानी का अपमान करने के लिए फेसबुक पर पोस्ट डाला था. हालांकि, कोर्ट ने राजपूत महिला को राहत देते हुए उसके खिलाफ दायर एफआईआऱ को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने माना कि अगर कोई बात सामान्य तौर पर कही गई है और उसे किसी जाति विशेष के व्यक्ति को लक्ष्य बना कर नहीं कहा गया है, तो फिर वह अपराध नहीं माना जाएगा. वहीं, कोर्ट ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उसने कहा था कि फेसबुक उसका प्राइवेट स्पेस है. SC और ST समुदाय के लिए लोगों का रवैया हमेशा नकारात्मक ही रहा है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट का यह निर्णय किस हद तक एससी एसटी को राहत दे पाएगा.  

रिलायंस जियो के 500 रुपये का VoLTE फोन इस माह होगा लॉन्च

नई दिल्ली: लम्बे समय से रिलायंस जियो फ्री इन्टरनेट और कालिंग के लिए द्वारा करोड़ो लोगों को सुविधा देते हुए आ रहा है, अब रिलायंस जियो एक और धमाका करने वाली है. टेलिकॉम इंडस्ट्री में जबरदस्त धमाका पेश करने के बाद रिलायंस जियो अब अपना बहुप्रतीक्षित फीचर फोन 4G VoLTE आधारित इसी महीने पेश कर सकती है, जिसकी कीमत जाहिर तौर पर फोन निर्माताओ के पसीने छुड़ा देने वाली है. रिलायंस जियो अपने इस 4जी वोल्ट फोन की कीमत 500 रुपये तक रख सकती है.

माना जा रहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना बैठक में इसकी घोषणा की जा सकती है. यह बैठक 21 जुलाई को होगी, जिसमें रिलायंस जियो के नए टैरिफ प्लान को लेकर भी घोषणा की जा सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जियो अपने 4जी फीचर फोन की कीमत बेहद कम रख सकता है और यह 500 रुपये भी हो सकती है. 2जी सब्सक्राइबर्स को आकर्षित कर 4जी पर शिफ्ट होने के लिए ऐसा किया जा सकता है. इसका मतलब यह भी हुआ कि जियो प्रत्येक हैंडसेट पर 10 से 15 डॉलर की सब्सिडी दे रहा है. ईटी ने एचएसबीसी के डायरेक्टर और टेलिकॉम ऐनालिस्ट राजीव शर्मा के हवाले से यह कहा.

एक बड़ी टेलिकॉम कंपनी के ऐग्जीक्यूटिव के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यह लॉन्च एक बार फिर टेलिकॉम इंडस्ट्री में खलबली मचा देगा. एक बार यह 4G फीचर फोन लॉन्च हो गया तो मौजूदा खिलाड़ियों के भी लो-ऐंड वॉयस कस्टमर्स छूट जाएंगे. 4G VoLTE नेटवर्क पर चलने वाला जियो इकलौता ऑपरेटर है जो की जनहित के लिए काफी फायदेमंद रहा है.

 

शिक्षा पर खर्च के मामले में बहुत पीछे है भारत

education

मुंबई। भारत में अभिभावक अपने बच्चे की शिक्षा पर प्राइमरी से लेकर ग्रेजुएट डिग्री तक औसतन 18,909 डॉलर (करीब 12.22 लाख रुपये) खर्च करते हैं. यह वैश्विक स्तर पर औसत खर्च 44,221 डॉलर (करीब 28.40 लाख) के मुकाबले काफी कम है. इसमें बच्चे की शिक्षा की पूरी लागत शामिल हैं. एचएसबीसी के एक अध्ययन में यह जानकारी दी गई है. 15 देशों से जुड़े इस सर्वे में भारत का स्थान 13वां हैं. उसके पीछे केवल मिस्र और फ्रांस हैं.

रोजगार में भारी स्पर्धा के कारण अभिभावक अपने बच्चे को जिंदगी में अच्छी से अच्छी शुरुआत देने के लिए समय और पैसे खर्च करने को तैयार हैं. वे अपने खर्चों में कटौती करके इसके लिए पैसे जुटाते हैं. एचएसबीसी इंडिया में रिटेल बैंकिंग ऐंड वेल्थ मैनेजमेंट के हेड एचएसबीसी की ‘वैल्यू ऑफ एजुकेशन’ रिपोर्ट में 15 देशों के 8,481 अभिभावकों की राय को शामिल किया गया.

इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, मिस्र, फ्रांस, हॉन्ग कॉन्ग, भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया, मेक्सिको, सिंगापुर, ताइवान, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं. भारत में खर्च कब 89% अभिभावक बच्चे की शिक्षा के मौजूदा दौर में उसे फंड मुहैया कराते हैं 94% अभिभावक अपने बच्चे की पोस्ट ग्रैजुएट शिक्षा को लेकर विचार कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में फेसबुक पोस्ट से बिगड़ा माहौल

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के एक पोस्ट से स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ गयी, जिसके बाद जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई. वहां की स्थिति पर काबू करने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस की मदद के लिए बीएसएफ के 400 जवान मौके पर भेज दिये हैं. पुलिस ने पोस्ट करने वाले को गिरफ्तार कर लिया है. सरकार ने हिंसा वाली जगह पर धारा 144 लागू दी है. साथ ही इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई है.

जानकारी के मुताबिक बसीरहाट अनुमंडल के बदुरिया में दो समुदायों के लोगों के बीच मंगलवार रात एक फेसबुक पोस्ट को लेकर झड़प शुरू हुईं. जिसके बाद एक युवक को गिरफ्तार किया गया. हिंसक भीड़ ने कई स्थानों पर सड़कों को जाम कर दिया और दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला किया तथा कई घरों को जला दिया. BSF के जवानों को स्थिति पर काबू करने के लिए पुलिस की मदद के लिए तैनात किया गया है. इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी पर उन्हें फोन पर धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि वह भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष की तरह बर्ताव कर रहे हैं.

ममता ने कहा कि मैं यहां किसी की दया पर नहीं हूं, पर जिस तरीके से राज्यपाल ने मुझसे बातचीत की, एक बार तो मैंने कुर्सी छोड़ने की सोची. वहीं राज्यपाल ने ममता के रूख और भाषा पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हमारी बातचीत में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे ममता बनर्जी को लगे कि उनकी बेइज्जती हुई या उन्हें धमकाया गया या उन्हें अपमानित किया गया.

 

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की किताबें जल्द

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी की किताबों को लगाने पर विचार कर रही है. इसके संदर्भ में समितियों की बैठक सोमवार से शुरू हो गई. कक्षा 9 से 12 तक के सवा करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए कोर्स में व्यापक बदलाव पर 14 जुलाई तक चर्चा होगी. इस दौरान कुल 33 पाठ्यक्रम समितियों की बैठक होनी है. पहले दिन कम्प्यूटर और मानव विज्ञान विषयों की बैठक होनी थी, लेकिन कम्प्यूटर विषय की ही बैठक हो पायी.

मानव विज्ञान की बैठक अब 10 जुलाई को होगी. बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पाठ्यक्रम को हूबहू लागू करने और 2018 की इंटरमीडिएट परीक्षा से दो की जगह एक पेपर करने पर विचार हो रहा है. अप्रैल 2018 से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है.

अगर ऐसा होता है तो 2020 की 10वीं एंव 12वीं की परीक्षा एनसीईआरटी के कोर्स पर होगी. इससे पहले 2018 व 2019 की बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट में दो की जगह एक पेपर करने के निर्देश शासन से मिले हैं ताकि परीक्षा अवधि को कम किया जा सके. गौरतलब है की एनसीईआरटी की किताबों की मांग लम्बे समय से हो रही है जिस पर सरकार अब जाकर इसे अमल में लाने की सोच रही है.

 

GST: विरोध में तमिलनाडु के 1100 सिनेमाघर बंद

strike in cinema hall

नई दिल्ली। देशभर में 1 जुलाई से GST लागू कर दिया गया है. इस टैक्स के विरोध में तमिलनाडु के थिएटर मालिकों ने हड़ताल कर दी है और लगभग 1100 सिनेमा हॉल बंद कर दिए हैं. इस बिल का पहले से विरोध कर रहे साउथ के सुपरस्टार कमल हासन ने भी इस हड़ताल को सही बताया है.

कमल हासन का कहना है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री एक साथ आ रही है और जल्द ही एक आवाज में बोलेगी. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को काफी नुकसान होने वाला है. बता दें कि इससे पहले भी कमल हासन सिनेमा के क्षेत्र में जीएसटी के लागू करने को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. उन्होंने इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से गुजारिश करते हुए कहा था कि सिनेमा टिकट पर जीएसटी की दर को 12 से 15 फीसदी ही रखा जाए.

अभिनेता कमल हासन ने कहा था कि नोटबंदी काले धन को खत्म करने के लिए लागू की गई थी, लेकिन जीएसटी हमें दो कदम पीछे ही ले जाएगा. बता दें कि केन्द्र सरकार ने फिल्मी टिकटों पर 28 फीसदी टैक्स प्रस्तावित किया है. वेबसाइट इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक टीडीपी नेता यनामला रामकृष्णानंदु ने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर क्षेत्रीय सिनेमा पर जीएसटी का भार कम करने को भी कहा था. उनका कहना था कि अगर ऐसा नहीं होता है तो फिल्म इंडस्ट्री को काफी नुकसान होगा.

बता दें कि GST लागू होने होने से 100 रुपए से ज्यादा वाले टिकटों पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा. वहीं 100 रुपए से नीचे वाले टिकटों पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा. राज्य के सिनेमा थिएटर ओनर फेडरेशन के एक सीनियर पर्सन ने एक वेबसाइट से बात करते हुए बताया था कि हमें 53 फीसदी टैक्स देने को मजबूर किया जा रहा है.

खुशखबरी: यूपी के निकायों में 1500 पदों पर भर्तियां

लखनऊ: यूपी सरकार ने तय किया है की यूपी के निकाय में खाली भर्तियों को बहुत जल्दी भरा जायेगा. नगर निगम, पालिका परिषद और नगर पंचायतों में कई सालों से खाली समूह ग्रुप C  के अधिकारियों व कर्मचारियों के करीब 1500 पदों पर जल्द भर्तियां करने की तैयारी हैं. इस समय उत्तर प्रदेश में मौजूदा कुल 652 निकाय हैं.

इनमें 16 नगर निगम, 198 पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतें हैं. सपा सरकार में निकायों में समूह ‘ग’ तक के पदों पर भर्ती के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया था. लेकिन नगर विकास विभाग ने कैबिनेट से प्रस्ताव पास करते हुए समूह ‘ग’ के करीब 1500 पदों पर भर्ती का अधिकार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लेकर स्थानीय निकाय निदेशालय को दे दिया. स्थानीय निकाय निदेशालय को भर्ती का अधिकार मिलने के बाद भी समूह ‘ग’ के खाली पदों पर भर्तियां नहीं हो पाई.

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद निकायों में खाली पदों का ब्योरा मांगा गया था. उच्चधिकारियों की बैठक में इन खाली पदों पर भर्ती न होने का कारण बताया गया. सूत्रों के मुताबिक इसलिए उच्च स्तर पर सहमति बनी है कि इन पदों पर भर्ती का अधिकार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को फिर से दे दिया जाए, जिसके लिए इन पदों पर जल्द ही भर्तियां की जाएं.

निकायों में अवर अभियंता सिविल के 50, अवर अभियंता जलकल के 150, अवर अभियंता ट्रैफिक के 15, नगर पंचायतों में अवर अभियंता के 20, नगर पंचायतों में अधिशासी अभियंता के 220, कर निरीक्षक के 510, सहायक लेखाकार के 57 तथा लिपिक के 400 पद रिक्त बताए जा रहे हैं. कैबिनेट से मंजूरी के बाद नगर विकास विभाग इन पदों पर भर्ती का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश लोकसेवा अयोग को भेज देगा.