बिहार में बाढ़ से अब तक 253 मौतें, डेढ़ करोड़ से ज्यादा प्रभावित

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पटना। पड़ोसी देश नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से बिहार के विभिन्न जिलों में अब तक 253 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बाढ़ से 18 जिलों के एक करोड़ 26 लाख 87 हजार लोग प्रभावित हुए हैं.

एनडीआरएफ की 28 टीम 1152 जवानों एवं 118 नौकाओं के साथ, एसडीआरएफ की 16 टीम 446 जवानों एवं 92 नौकाओं के साथ तथा सेना की 7 कालम 630 जवानों और 70 नौकाओं के साथ बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हुए हैं. राज्य सरकार द्वारा बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित निकाले जाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अबतक 721704 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और 1358 राहत शिविरों में 421824 व्यक्ति शरण लिए हुए हैं.

बिहार के 18 जिलों के बाढ़ प्रभावित होने के कारण पूर्वमध्य रेल और पूर्वी सीमांत जोन में रेल सेवाएं बाधित रहीं. पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि 20 अगस्त 2017 को खुलने वाली रद्द की गई ट्रेनों में 12524 नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस एवं 12436 नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं.

 बाढ़ प्रभावित बिहार के 18 जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, एवं खगडिया में से सबसे अधिक अररिया में 57 लोग, सीतामढी में 31, पश्चिमी चंपारण में 29, कटिहार में 23, पूर्वी चंपारण में 19, मधुबनी, सुपौल एवं मधेपुरा में 13-13, किशनगंज में 11, दरभंगा में 10, पूर्णिया में 9, गोपालगंज में 8, मुजफ्फरपुर, शिवहर एवं सहरसा में 4-4, खगडिया में 3, सारण में 2 में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

LNJP अस्पताल के सीवर की सफाई के दौरान एक की मौत, 3 गंभीर

नई दिल्ली। दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में सीवर टैंक की सफाई करते हुए एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई और तीन की हालत गंभीर है. दिल्ली में पिछले एक महीने में टैंक सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत का ये तीसरा मामला है. अस्पताल के अंदर बने सीवर की सफाई के लिए PWD के जरिये एक निजी कपंनी को ठेका दिया गया था.

रविवार (20 अगस्त) दोपहर करीब 1 बजे चार कर्मचारी सीवर की सफाई के लिए उतरे थे, लेकिन अंदर जहरीली गैस से 48 साल के ऋषिपाल की मौत हो गई. सीवर में ऋषिपाल को बचाने बाकी तीन कर्मचारी भी जुटे, लेकिन गैस लीक होने से तीनों कर्मचारी करण, सुमित, विशन बेहोश हो गए. अफरा-तफरी के बीच चारो कर्मचारियों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक एक कर्मचारी की मौत हो चुकी थी. बाकी तीन सफाई कर्मियों की हालात गंभीर है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

दिल्ली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है. ठेकेदार घटना के बाद से फरार है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है. हाल ही में दिल्ली में सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस लीक होने से दिल्ली के लाजपत नगर में तीन कर्मचारियों की मौत हो गई थी. वहीं, दिल्ली के आनंद विहार के एक मॉल में भी दो कर्मचारियों ने अपनी जान गवाई थी. इससे पहले साउथ दिल्ली के घिटोरनी में चार कर्मचारी सीवर की सफाई में अपनी जान गंवा चुके हैं.

अठावले ने SC/ST के लिए सेना में आरक्षण की मांग की

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नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री और दलित नेता रामदास अठावले ने सेना भर्ती में भी दलितों को आरक्षण देने की मांग की है. केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अपनी इस मांग को पूरा कराने के लिए पीएम मोदी से अपील भी की है. अठावले इससे पहले क्रिकेट में भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को 25 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग कर चुके हैं.  दरअसल चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से मिली हार के बाद अठावले ने यह मांग की थी. रामदास अठावले क्रिकेट, सेना आदि जगहों पर भी आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं.

प्रेमी जोड़े की शादी में मदद करने वाले दलित युवक की हत्या

बनासकांठा। गुजरात के बनासकांठा में एक प्रेमी युगल की शादी करवाने में मदद करने वाले दलित की हत्या का मामला सामने आया है. दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. दरअसल, दलित युवक ने प्रेमी युगल की शादी करवाने में मदद की थी, जिससे युवती के परिजन नाराज हो गए. मृतक की पहचान किरण परमार के रूप में की गई है, जो सूरत के एक होटल में काम करता था.

बनासकांठा के एसपी नीरज ने बताया कि घटना के वक्त किरण मेले से लौट रहा था. पुलिस ने 15 अगस्त को हुई इस हत्या के मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बनासकांठा पुलिस ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. हमने तुरंत कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है.

पालनपुर के डिंप्टी एसपी (एसटी/एससी सेल) हेतल पटेल ने बताया कि पूरे मामले में जांच की जा रही है. मामले में जिन्हें गिरफ्तार किया गया है उनमें रमेश कुमार, तलशी परमार, बाबू परमार, ईश्वर परमार, अशोक परमार, रमेश परमार, वीरा परमार, रमेश धर्मा परमार है. सभी आरोपियों वारदिया गांव के ही हैं, जहां से प्रेमी युगल ने भागकर शादी की थी. गौरतलब है कि कनू परमार और युवती दोनों ही वारदिया गांव के निवासी हैं.

वहीं किरण परमार की बहन आशा परमार ने आशंका जताई है कि कहीं दोनों प्रेमी युगलों के मिल जाने पर कहीं उनकी भी हत्या ना कर दी जाए. वहीं घर छोड़कर शादी करने वाली युवती की मां ने बताया कि वो अब दोबारा अपनी बेटी को नहीं देखना चाहती है. उसने हमें अपमानित किया है. वो हमारे लिए अब मर चुकी है.

मायावती को लेकर जारी इस पोस्टर से देश की राजनीति में हड़कंप

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी के नाम से बने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्टर जारी किया गया. BSPup2017 ट्विटर हैंडल से इस पोस्टर को ट्वीट किया गया है.  इस पोस्टर में सबसे ऊपर बहुजन नायकों की फोटो हैं. फोटों के बगल के ‘जय भीम जय भारत’ का नारा लिखा हुआ. इसके अलावा पोस्टर में बसपा का ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ का नारा भी लिखा हुआ है.

ट्विटर पोस्ट के इस पोस्टर में विपक्षी दलों के लिए एक संदेश भी लिखा हुआ है “सामाजिक न्याय के समर्थन में विपक्ष एक हो”. पोस्टर में मायावती के साथ-साथ अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, लालू यादव, शरद यादव, ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की फोटो लगी हुई है.

कहा जा रहा है कि यह पोस्टर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश है, लेकिन यह सच नहीं है. बसपा का अधिकारिक ट्विटर अकाउंट ही नहीं है. जिसकी पुष्टि बहुजन समाज पार्टी के महासचिव ने की. बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने बयान जारी कर इस पोस्टर को फर्जी बताया है. उन्होंने यह भी बताया की बहुजन समाज पार्टी का अधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है. बसपा के ट्विटर हैंडल के नाम से पोस्टर जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता है.

दरअसल 27 अगस्त को लालू यादव की पार्टी राजद की पटना में रैली होने जा रही है. उसी कड़ी में विपक्षी एकजुटता को दिखाते हुए यह पोस्टर जारी किया गया था. उसको तेजस्वी यादव भी ने रिट्वीट किया. अब इस पोस्टर को बसपा ने फर्जी करार दिया है.

आखिरी रेस दौड़ने के बाद 6 लाख की शराब पी गए बोल्ट

बिल की कॉपी., क्रेडिट- डेली मिरर
लंडन। दुनिया के सबसे तेज धावक के रूप में ख्यात यूसेन बोल्ट ने रेसिंग से संन्यास के बाद लगता है कि अब मस्ती के मूड में हैं. खबर है कि बोल्ट जिस दिन आखिरी रेस दौडे़, उसी दिन शाम को लंडन में उन्होंने 6 लाख रुपये की शराब पी. हालांकि बोल्ट अकेले नहीं थे, उनके साथ उनके दोस्त भी थे. बार का बिल सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि बोल्ट रिटायरमेंट के बाद आने वाली जिंदगी को सेलिब्रेट कर रहे थे या फिर अपना आखिरी दौर पूरा नहीं कर पाने का गम भुला रहे थे. बोल्ट और उनके दोस्तों ने Dom Pérignon Champagne की 5 बोतलें, Magnums की दो बोतलें, वोदका और कई और तरह की शराब भी पी. बोल्ट रेस के दौरान बीच में ही चोटिल होने की वजह से वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 4X100 मीटर रिले रेस पूरी नहीं कर सके थे. इससे पहले एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बोल्ट जीत हासिल नहीं कर पाए थे. करियर की उस आखिरी 100 मीटर फर्राटा रेस में उन्हें तीसरे स्थान पर रहना पड़ा था. वह दौड़ अमेरिकी एथलीट जस्टिन गैटलिन ने जीता था. जमैका के बोल्ट 11 वर्ल्ड और 8 बार के ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता रहे हैं.

भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ मारपीट

फाइल फोटो
नई दिल्ली। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ मारपीट की खबर है। घटना उस समय हुई जब तिवारी बवाना में होने वाले उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार करने गए थे। हालांकि मारपीट को लेकर दो तरह की खबर आ रही है। एक खबर में कहा जा रहा है कि चुनावी सभा में पहुंचे तिवारी पर किसी ने पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा फेंका तो दूसरी खबर यह है कि तिवारी को कुछ लोगों ने पीटा है. पुलिस के मुताबिक तिवारी पर लकड़ी का एक टुकड़ा और एक पत्थर उस समय फेंका गया जब वह बवाना के जेजे कालोनी के झंडा चौक पर बैठक के लिए लगाए गए मंच पर मौजूद थे.

अपडेटः मुजफ्फर नगर रेल हादसे में 40 से अधिक की मौत सैकड़ों घायल

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रेल डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालते प्रशासन और स्थानीय लोग

मुजफ्फर नगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में देर शाम हुए भयंकर रेल हादसे ने 23 लोगों की जान ले ली है। इस दुर्घटना में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. दुर्घटना उत्कल एक्सप्रेस की 13 बोगियों के रेल पटरी से उतर जाने के कारण हुआ. उत्कल एक्सप्रेस पुरी-हरिद्वार रुट पर चलती है. घटना मुजफ्फरनगर जिले के खतौनी में घटी. हालांकि इस हादसे के बारे में रेलवे और यूपी पुलिस के आंकड़े अलग-अलग हैं. यूपी पुलिस मरने वालों की संख्या 40 के आस पास बता रही है. दुर्घटना इतनी भयावह थी कि ट्रेन में फंसे लोगों को बोगी काटकर निकालना पड़ा.

घटना को लेकर आम लोगों में काफी गुस्सा है. लोग इसे रेलवे की लापरवाही बता रहे हैं. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वालों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये देनेहकी घोषणा की है. तो वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मरने वालों को 3.5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है. गौरतलब है कि नई सरकार में रेलवे अधर में लटक गया है और रेलवे की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. इस दुर्घटना पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गहरा दुख जताया. एक प्रेस रिलिज जारी कर उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से पीड़ितों को तत्काल राहत देने, उनका बचाव करने और घायलों के बेहतर और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने की मांग की.

कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 6 की मौत और कई घायल

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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई है. मुजफ्फरनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है. इस दुर्घटना में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है. ये ट्रेन पुरी से हरिद्वार जा रही थी. ट्रेन के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं.

पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए है. राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं. घायलों को निकट के अस्पताल में पहुंचाया गया है. इनमें कई की हालत गंभीर है.

इस रेल हादसे में अभी तक छह लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों यात्रियों के घायल होने की खबर है. बता दें कि ट्रेन पुरी से हरिद्वार जा रही थी. हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. हादसा शनिवार की शाम 5 बजकर 46 मिनट पर हुआ है.

हादसे की तस्वीरों से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है. हालांकि अभी तक कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है. हादसा खतौली के रिहाइशी इलाके में हुआ है. ट्रेन आज अपने समय से आधे घंटे लेट चल रही थी. दोपहर 12 बजे के पास इसे कोशी कालान स्टेशन पहुंचना था. हरिद्वार पहुंचने का इसका समय रात के 9 बजे है.

बता दें कि यह ट्रेन पुरी से हरिद्वार जाती है. कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस इस सफर में कई राज्यों से होकर गुजरती है. इनमें उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं. यह ट्रेन रोजाना रात 9 बजे पुरी से चलती है.

 

राह चलते आठ लोगों पर चाकू से हमला, पुलिस ने मार गिराया

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मॉस्को। स्पेन के बार्सिलोना में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद रूस की सड़कों पर आतंक का साया फैल गया. यहां एक हमलावर ने स्थानीय समयानुसार, सुबह करीब 11.20 मिनट पर राह चलते लोगों पर चाकू से हमला किया गया है. मॉस्को से 2100 किमी दूर स्थित तेल से परिपूर्ण उत्तरी शहर सर्गेट में यह वारदात हुई है.

इससे पहले कि वह और लोगों को नुकसान पहुंचा पाता, तत्काल हरकत में आई पुलिस ने गोली मारकर उसे ढेर कर दिया. प्रमुख अपराधों की जांच करने वाली रूस की जांच समिति ने बताया कि हमलावर ने आठ लोगों को चाकू मारकर घायल कर दिया है.

इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि पांच अन्य घायलों की हालत स्थिर है. वारदात की खबर मिलते ही वहां सशस्त्र पुलिस पहुंच गई और हमलावर को गोली मार दी. हमलावर की अभी तक पहचान नहीं की जा सकी है. सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

गौरतलब है कि 17 अगस्त को स्पेन दो आतंकी हमलों से दहल उठा था. एक हमला बार्सिलोना में हुआ. इस हमले के घंटों बाद स्पेन के दक्षिण में स्थित कैम्ब्रिल के कोस्टल शहर में फिर से आतंकी हमला हुआ है. इस हमले में 6 नागरिकों और एक पुलिसवाले घायल हो गए.

हमले का जवाब देते हुए पुलिस ने 5 आतंकियों को मार गिराया है. वहीं, इनमें से एक घायल आतंकी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली थी.

रोती हुई बच्ची की वीडियो देख भावुक हुए विराट-शिखर

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कोलंबो। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने इस बार सोशल मीडिया पर एक अहम मामला उठाया है. इन दोनों खिलाड़ियों ने एक बच्ची का रोते हुए वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इस वीडियो में बच्ची को उसकी कोई महिला परिजन (शायद बच्ची की मां) काउंटिंग यानी गिनती सिखाने की कोशिश कर रही है. बच्ची इस दौरान रो रही है और यही बात विराट और शिखर को चुभ गई. पढ़ाई के दौरान बच्ची शिकायत कर रही है कि उसे बिना डांटे हुए आराम से पढ़ाया जाए, जबकि उसके साथ शारीरिक हिंसा भी की जा रही है.

इस बारे में शिखर ने लिखा- ‘आज तक मैंने जितने भी वीडियो देखे हैं, यह उनमें सबसे ज्यादा परेशान करने वाला है. परिजन होने के नाते हमें यह जिम्मेदारी मिलती है कि हम अपने बच्चों को आगे बढ़ाएं. हम बच्चों को मजबूत बनाने के लिए हैं. हम बच्चों को उनके सपनों तक पहुंचाने के लिए हैं. मुझे यह बात बहुत खराब लगी कि वीडियो में महिला बच्ची को मार रही है, रुला रही है और परेशान कर रही है ताकि बच्ची पांच तक गिनती सीख सके. किसी भी इंसान की पहचान इससे होती है जब उसके हाथ में कुछ करने की ताकत होती है और वह इस ताकत का इस्तेमाल अपने से कमजोर लोगों पर कैसा करता है.

जीवन एक चक्र की तरह होता है और मैं कामना करता हूं कि यह खूबसूरत छोटी लड़की एक दिन मजबूत महिला बने! सोचो, तब क्या होगा जब यह बच्ची बड़ी और मजबूत हो जाएगी और यह महिला बूढ़ी और कमजोर हो जाएगी? तब इसी छोटी लड़की की मर्जी चलेगी! तब क्या यह महिला उस बच्ची से थप्पड़ खाकर खुश रहेगी? इस महिला को बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार करने पर खुद पर शर्म आनी चाहिए. यह महिला इस धरती पर सबसे कायर और कमजोर इंसान है, जो इस मासूम बच्ची पर ताकत आजमा रही है. बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाना चाहिए न कि डरा, धमका कर. शिक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन इसके लिए बच्चे की आत्मा को घायल नहीं किया जाना चाहिए.

विराट ने भी इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट शेयर कर इसे दर्दनाक बताया है. उन्होंने लिखा है- बच्ची को सिखाने वाली अपने अहम को आगे रख रही है और बच्ची के दर्द और भावनाओं को नहीं समझ रही है. इसमें प्यार का नामोनिशान नहीं है. यह काफी दुखद और आश्चर्यजनक है. बच्चे को धमकाकर नहीं सिखाया जा सकता है. यह पीड़ादायक है.

उम्मीद है कि जो परिजन बच्चों को किसी भी तरह सिखाने में यकीन रखते हैं, वे विराट और शिखर की इन बातों से सीख लेंगे.

29 साल बाद रिलीज होगी गुलजार की ‘लिबास’

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नई दिल्ली। गुलजार के फैंस के लिए एक अच्छी खबर है. हाल ही में अपना 83वां जन्मदिन मनाने वाले गुलजार को यूं तो उनके जन्मदिन पर कई सारे अलग-अलग तोहफे मिले होंगे लेकिन अब उनको एक अनमोल तोहफा मिलने वाला है.

दरअसल, खबर है कि 1988 में बनाई गई गुलजार की फिल्म ‘लिबास’ अब भारत में रिलीज की जाएगी. कहा जा रहा है कि यह फिल्म अडल्ट मुद्दों पर आधारित थी और इसी वजह से इस फिल्म को उस दौर में रिलीज नहीं किया गया था.

बता दें कि इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी ने अभिनय किया था. हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के बीच मनमुटाव के चलते फिल्म को रिलीज नहीं किया गया था. अब खबर आ रही है कि जाने माने ट्रेड एनालिस्ट विकास मोहन के बेटे अमुल और अंशुक मोहन इस फिल्म को रिलीज करने वाले हैं.

इस फिल्म में नसीर और शबाना के अलावा राज बब्बर, सुषमा सेठ, उत्पल दत्त, अनु कपूर और सविता बजाज भी मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म में आर.डी.बर्मन ने संगीत दिया था. अगर आपको पुराने गाने सुनने का शौक है तो आपने ‘सीली हवा छू गई’ गाना जरूर सुना होगा. यह गाना इसी फिल्म का है. यह फिल्म इस साल के अंत तक रिलीज की जाएगी.

 

कॉल ड्रॉप होने पर टेलीकॉम कंपनियों पर लगेगा 5 लाख रुपये का जुर्माना

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नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक(ट्राई) ने कॉल ड्रॉप को लेकर कड़े नियमों की घोषणा की और कहा कि जो दूरसंचार ऑपरेटर मानदंडों को पूरा नहीं करेंगे, उन पर कम से कम 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. कॉल ड्रॉप प्रतिशत को अब पूरे सर्किल के औसत के बजाय मोबाइल टावर के स्तर पर मापा जाएगा. ट्राई की ओर से मोबाइल कॉल की गुणवत्ता के बारे में निर्धारित नए नियमों में ये कड़ी शर्तें लादी गई हैं. ये नियम एक अक्टूबर से लागू होंगे.

ट्राई ने कहा कि अगर सेवा प्रदाता नए शुरू किए गए कॉल ड्रॉप की दर (डीसीआर) बेंचमार्क तक पहुंचने में नाकाम होते हैं तो उन पर ग्रेडेट फाइनेंसियल डिसइंसेटिव कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की रकम इस पर निर्भर करेगी कि कंपनियां बेंचमार्क से कितनी दूर हैं.

ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा कि हमने 1-5 लाख रुपए तक के वित्तीय दंड का प्रावधान किया है. नेटवर्क के प्रदर्शन के आधार पर यह गे्रडवार जुर्माने की व्यवस्था है.

इसमें बताया गया कि बेंचमार्क को पूरा नहीं करने पर सर्विस प्रोवाइडर पर प्रत्येक पैरामीटर पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नियामक ने कहा, ‘अगर लगातार दो तिमाहियों तक कंपनी बेंचमार्क पर खरा नहीं उतरती तो जुर्माने की रकम डेढ़ गुनी हो जाएगी और दो तिमाही से भी ज्यादा वक्त बीतने पर सुधार नहीं हुआ तो जुर्माने की रकम दो गुनी हो जाएगी.’

ट्राई ने कहा कि ‘सेवाओं की गुणवत्ता’ को लेकर संशोधित विनियमन 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा. संशोधित नियमों के तहत किसी दूरसंचार सर्किल में 90% मोबाइल साइटें, 90% समय तक, 98% तक कॉल्स को आसान तरीके से चलाने में सक्षम होनी चाहिए. यानी कुल कॉल्स में से दो प्रतिशत से अधिक ड्रॉप की श्रेणी में नहीं आनी चाहिए. किसी खराब स्थिति या दिन के व्यस्त समय में एक दूरसंचार सर्किल के 90 प्रतिशत मोबाइल टावरों पर कॉल ड्रॉप की दर 3 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए.

SC/ST, OBC संघर्ष समिति ने BHU में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले का किया खुलासा

वाराणसी। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने काशी हिन्दू विश्वद्यालय में प्रेस कांफ्रेस की. इस प्रेस कांफ्रेस में विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति-प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी का खुलासा किया. इससे पहले छात्रो ने यहां विरोध प्रदर्शन भी किया. छात्र पिछले एक महीने से विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध कर रहे थे. विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति-प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ किया गय.

अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आरक्षण नियमों की घोर अवहेलना, रोस्टर में गड़बड़ी, संभावित रोस्टर के द्वारा पदों की हेराफेरी कर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को समाप्त करके वंचित वर्गों के संवैधानिक आरक्षण को निष्प्रभावी किया जा रहा है. अभ्यर्थियों के दस्तवेजों की जांच व साक्षात्कार के लिए किए जाने वाले चयन(shortlisting) में इस बार भयंकर गड़बड़ियां की जा रही हैं.

प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पदों में नियुक्तियां बिना किसी नियम और कायदे के कानून की धज्जियाँ उड़ा कर की जा रही हैं. ये सभी नियुक्तियां पूरी तरह असंवैधानिक और गैर-क़ानूनी हैं जैसे पिछली बार लोग निकाले गए थे, ये गैर कानूनी नियुक्तियां भी उसी श्रेणी मे आती है।

एक तरफ जहां अनारक्षित वर्ग के कुल सीटों की संख्या 103 है, वहीं एससी के लिए सिर्फ 03 तो ओबीसी और एसटी के लिए शून्य हैं. छात्रों ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय हुई अनियमतताओं को लेकर प्रशासन से लिखित में सवाल भी पूछें हैं. छात्रों का कहना है कि बिना यूजीसी के अनुमति के रोस्टर प्रणाली में परिवर्तन लाया गया है जो की साफ तौर पर अनुचित है. यही नहीं बल्कि कुल आरक्षित पदों की संख्या 241 से घटाकर 41 कर दी गई है.

उनका कहना है कि डीओपीटी 2006 में नहीं लागू होने पर इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय मे नियुक्तियों पर रोक है, लेकिन काशी हिन्दू विश्वविद्यालाय मे नहीं है. नई 13 पॉइंट रोस्टर प्रक्रिया को डीओपीटी 2006 के अनुसार 02/07/1997 से लागू नहीं किया जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन बैक लॉग वैकेंसी भी नहीं निकाल रहा है.

संघर्ष समिति ने कहा कि काशी हिन्दू विवि में विभिन्न पदों की नियुक्तियां निर्धारित योग्यता को ताक पर रखकर की जा रही हैं. चिकित्सा विज्ञान संस्थान के हृदय रोग विभाग में ऐसे दो लोगों को पहले असिस्टेंट प्रोफेसर और फिर असोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया जो दोनों पदों के लिए मेडिकल कौंसिल आफ इण्डिया और यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्यता के मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं.

कार्डियोलाजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का एक और एसोसिएट प्रोफेसर के तीन पद एक साथ विज्ञापित किये गये थे. जिसमें एसोसिएट प्रोफेसर के एक पद को स्क्रूटनी के समय और एक पद को इंटरव्यू के बाद मनमाने तरीके से डाउन ग्रेड करके असिस्टेंट प्रोफेसर में तब्दील कर दिया गया तथा डा. धर्मेन्द्र जैन और डा. विकास अग्रवाल की गैर-क़ानूनी ढंग से नियुक्तियां कर दी गयीं. ये दोनों ऐसे आवेदक हैं जो अपने पद के लिए आवश्यक अर्हताएं भी नहीं रखते थे. इनमें से एक डा. धर्मेन्द्र जैन के पास DM cardiology की फर्जी डिग्री है जो मेडिकल काउन्सिल आफ इण्डिया से मान्यता प्राप्त नहीं है और दूसरे डा. विकास अग्रवाल के पास अर्हता की डिग्री के स्थान पर केवल DNB (Diplomat in National Board) का डिप्लोमा है.

बाद में अब इन्हीं अयोग्य लोगों को कार्डियोलाजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर बनाया गया है. इनमें भी डा. विकास अग्रवाल के एसोसिएट बनाये जाने की भी अद्भुत कहानी है. इन्हें बीएचयू के नान टीचिंग कर्मचारियों की भांति पीपीसी से ही एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया गया. इसके अतिरिक्त इनके पास एसोसिएट प्रोफेसर के लिए किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल कालेज में तीन वर्षों का जरूरी शिक्षण अनुभव का भी अभाव है. इस तरह बीएचयू अपने अजब-गजब के कारनामों के लिए कुख्यात हो चुका है. जिनके पास न तो आवश्यक डिग्रियां हैं और न ही चिकित्सा शिक्षण का अनुभव है. ऐसे लोग चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों का क्या हाल करेंगे इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.

असली जदयू और चुनाव चिन्ह तीर को लेकर दावे की तैयारी में शरद गुट

पटना। तेरह साल पहले 2003 में नीतीश कुमार के समता दल और शरद यादव के जनता दल के विलय के बाद अस्तित्व में आए जनता दल (यू) का चुनाव चिन्ह तीर हो गया था. इससे पहले समता दल का चुनाव चिन्ह मशाल था, जबकि जनता दल का चुनाव चिन्ह तीर था. नीतीश कुमार से अलगाव के बाद शरद यादव खेमा एक बार फिर तीर चुनाव चिन्ह पर दावा करने की तैयारी में है. साथ ही यह गुट खुद के असली जनता दल होने का दावा पेश करने की तैयारी में है. शरद यादव खेमा इसके लिए जल्द ही चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगा.

जदयू के महासचिव पद से हटाए गए अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि शरद गुट ही असली जदयू है. यह दावा इसलिए भी किया जा रहा है कि पार्टी के 14 राज्यों के अध्यक्ष उनके साथ हैं. 17 अगस्त को शरद यादव के संयोजन में दिल्ली में हुए साझी विरासत सम्मेलन में भी इनमें से सात से आठ अध्यक्ष मौजूद थे.

इससे पहले नीतीश कुमार ने अरूण श्रीवास्तव को महासचिव, राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से और शरद को राज्यसभा में नेता सदन के पद से हटा दिया था. बिहार में भी रमई राम समेत विभिन्न जिलों के 21 नेताओं को बर्खास्त कर दिया. यादव खेमा इस बात से ज्यादा नाराज है कि भाजपा के साथ जाने का फैसला नीतीश ने शरद यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बिना विश्वास में लिए किया.

अब जनता दल और चुनाव चिन्ह तीर को लेकर शुरू हुई लड़ाई नीतीश कुमार के लिए सरदर्द बन सकती है. अगर चुनाव आयोग ने अगर शरद यादव गुट को असली जनता दल मान लिया तो नीतीश कुमार के लिए बतौर राजनैतिक दल पहचान का संकट खड़ा हो सकता है.