दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, शोधकर्ता, महिला अधिकार कार्यकर्ता और जानी-मानी अम्बेडकरवादी डॉ. सीमा माथुर को बैंकॉक में आयोजित 6th World Environment Summit 2025 में प्रतिष्ठित ESDA Women Empowerment Award 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें Women and Dalit Empowerment श्रेणी में दिया गया।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 12 नवंबर तक बैंकॉक, थाईलैंड के Ambassador Hotel में आयोजित हुआ। सम्मेलन का आयोजन Environment and Social Development Association (ESDA) और University of Delhi ने मिलकर किया, जबकि कार्यक्रम का होस्ट भारत सरकार की Ministry of Environment, Forest & Climate Change रहा। सम्मेलन में Maldives के Villa College, और Nigeria की एक यूनिवर्सिटी भी भागीदार रहीं।
डॉ. सीमा माथुर वर्षों से महिलाओं के अधिकार, दलित एवं हाशिए पर खड़े समुदायों का सशक्तिकरण, मानवाधिकार, लोकतंत्र और जनभागीदारी पर काम करने के लिए जानी जाती हैं। डॉ. सीमा माथुर National Council of Women Leaders और अंबेडकरवादी लेखक संघ की सह-संस्थापक हैं। NCDHR और AIDMAM जैसी राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से भी जुड़ी हैं।
डॉ. सीमा माथुर दिल्ली विश्वविद्यालय के कलिंदी कॉलेज में लंबे समय से राजनीतिक विज्ञान पढ़ा रही हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से पीएचडी और दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री ली है। उन्हें UGC द्वारा प्रदान किया गया प्रतिष्ठित Rajiv Gandhi National Fellowship (JRF & SRF) प्राप्त हो चुका है। डॉ. सीमा अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुकी हैं। उनके 30 से अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं।
डॉ. सीमा माथुर को इससे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिसमें- वीरांगना अवार्ड 2024, सावित्रीबाई फुले सम्मान 2022, नारी शक्ति एक्सिलेंस अवार्ड 2020 शामिल हैं। डॉ. माथुर को मिले ये पुरस्कार महिलाओं और दलित महिलाओं के सशक्तिकरण में उनके लगातार प्रयासों का प्रमाण है। डॉ सीमा माथुर को बैंकॉक में मिला ESDA Women Empowerment Award 2025 न केवल डॉ. सीमा माथुर की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत में महिला अधिकार आंदोलन, दलित विमर्श, अम्बेडकरवादी चिंतन को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाला क्षण है।

वीरेन्द्र कुमार साल 2000 से पत्रकारिता में हैं। दलित दस्तक में उप संपादक हैं। उनकी रुचि शिक्षा, राजनीति और खेल जैसे विषय हैं। कैमरे में भी वीरेन्द्र की समान रुचि है और कई बार वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर भी सक्रिय रहते हैं।

