
बेंगलुरु। एक स्वीपर के खुदकुशी के मामले में बेंगलुरु महानगर पालिका फंसा दिख रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) में काम करने वाले सफाई कर्मी ने कथित तौर पर 6 महीने से तनख्वाह ना मिलने के कारण आत्महत्या कर ली. उसके साथ काम करने वालों ने बताया कि 40 वर्षीय सुब्रमणी बतौर ‘पौरा कार्मिक’ (स्वीपर) 15 साल से ज्यादा समय से काम कर रहे हैं. सैलरी ना मिलने के कारण स्वीपर काफी परेशान था उसने आत्मदाह करने की बात कही भी थी लेकिन बीबीएमपी ने ध्यान नहीं दिया.
खबरों के अनुसार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे महानगर पालिका सुब्रमणी के साथ-साथ कई और सैकड़ों लोगों की सैलरी नहीं दे पाया. BBMP पौरा कार्मिक संघ के अध्यक्ष ओबलप्पा ने News18 को बताया सुब्रमणी सरीखे 2,000 कर्मियों को सैलरी नहीं दी गई है. बीबीएमपी ने अतिरिक्त मजदूर कहे जाने वाले इन 2,000 कर्मियों का वेतन रोक दिया है. सुब्रमणी उनमें से एक थे. उनकी दो बेटियां थीं, जिनका पेट भरने के लिए उन्होंने काफी उधार ले रखा था. ओबलप्पा ने कहा, लेनदार उन्हें परेशान कर रहे थे. ऐसे में खुद को बेबस पाकर उन्होंने अपना जीवन समाप्त कर दिया.
बीबीएमपी कर्मचारियों के एसोसिएशन के मुताबिक, इस पहल से पहले 35,000 स्वीपर थे, अब यह संख्या 18,000 हो गई है. अतिरिक्त के रूप में वर्गीकृत स्वीपर महीने पहले आधार और बॉयोमेट्रिक विवरण देने के लिए लेकिन उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया. ओबलप्पा ने आरोप लगाया कि बीबीएमपी के अधिकारियों ने वेतन जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की और सुब्रमणी ने उन्हें भुगतान करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा BBMP के अधिकारी सैलरी देने के लिए एक स्वीपर से 500 से 1000 रुपए तक लेते हैं. अगर वह ऐसा करने से मना करते हैं तो सैलरी रोक ली जाती है. हमारी मांग है कि अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाकर उन्हें अरेस्ट किया जाए. बेंगलुरू के मेयर संपथराज ने कहा कि वह उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे जो सुब्रमणी की मौत के जिम्मेवार हैं.
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