Friday, January 16, 2026
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संविधान का वह 10 महत्वपूर्ण आर्टिकल, जिसके बारे में हर भारतीय को पता होना चाहिए

26 नवंबर की तारीख भारत के इतिहास में संविधान दिवस के तौर पर दर्ज है। हम आपको यहां बता रहे हैं संविधान के 10 ऐसे ज़रूरी अनुच्छेद (Articles), जिन्हें हर भारतीय को जानना चाहिए।

26 नवंबर की तारीख भारत के इतिहास में संविधान दिवस के तौर पर दर्ज है। साल 1949 में इसी दिन भारत की संविधान सभा ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में लिखे गए दुनिया के सबसे बड़े लिखित संविधान को अंगीकृत किया था। संविधान न केवल देश की शासन-व्यवस्था का आधार है, बल्कि नागरिकों को अधिकार, स्वतंत्रता और सुरक्षा भी देता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या देश के हर नागरिक को संविधान की वे मूल बातें पता हैं, जो उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं? और जिसके बारे में उन्हें जरूर जानना चाहिए।

हम आपको यहां बता रहे हैं संविधान के 10 ऐसे ज़रूरी अनुच्छेद (Articles), जिन्हें हर भारतीय को जानना चाहिए:

  1. अनुच्छेद 14 — समानता का अधिकार (Right to Equality)

भारत का हर नागरिक कानून के सामने बराबर हैं। धर्म, जाति, लिंग, भाषा या जन्मस्थान के आधार पर उससे भेदभाव नहीं किया जा सकता।

  1. अनुच्छेद 15 — भेदभाव का निषेध

राज्य किसी नागरिक के साथ धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थल के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता। संविधान के अनुच्छेद 15 में ही SC/ST/OBC और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।

  1. अनुच्छेद 17 — अस्पृश्यता का उन्मूलन

किसी के साथ जाति या धर्म के नाम पर भेदभाव अपराध है। जो भी इस तरह की अस्पृश्यता को बढ़ावा दे, या करे वह कानूनन दंडनीय है। इस अनुच्छेद को दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों की रीढ़ भी कहा जाता है।

  1. अनुच्छेद 19 — छह मूल स्वतंत्रताएँ

यह अनुच्छेद हर नागरिक को अभिव्यक्ति, आंदोलन, संगठन, पेशा चुनने और मूल स्थान परिवर्तन करने की स्वतंत्रता देता है।

  1. अनुच्छेद 21 — जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार

“जीवन का अधिकार” केवल जीवित रहने का नहीं, बल्कि इज़्ज़त के साथ जीने  का अधिकार है। यह संविधान का सबसे शक्तिशाली अनुच्छेद माना जाता है।

  1. अनुच्छेद 21A — शिक्षा का अधिकार

संविधान का यह आर्टिकल 6 से 14 साल के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है।

  1. अनुच्छेद 23 — मानव तस्करी और जबरन मजदूरी पर प्रतिबंध

बधुआ मज़दूरी, बंधक मज़दूर प्रथा और मानव तस्करी अपराध है। एससी-एसटी समाज को सालों बंधुआ मजदूर के रूप में प्रताड़ित किया जाता रहा है। SC/ST समुदाय को सुरक्षा देने में यह बहुत महत्वपूर्ण अनुच्छेद साबित हुआ है।

  1. अनुच्छेद 32 — संवैधानिक उपचार का अधिकार

संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर ने इसे “संविधान का हृदय और आत्मा” कहा था। अगर आपके अधिकारों का हनन हो तो आप इस अनुच्छेद में मिले अधिकारों के जरिये सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं।

  1. अनुच्छेद 46 — कमजोर वर्गों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा

राज्य का दायित्व है कि वह SC/ST/OBC समुदाय के हितों की रक्षा करे और उनके लिए विशेष नीतियाँ बनाएं।

  1. अनुच्छेद 51A — नागरिकों के मूल कर्तव्य

जहां संविधान भारत के हर नागरिकों को विशेष सुविधा देता है, वैसे ही नागरिकों से कुछ उम्मीद भी करता है। जैसे—संविधान का पालन, स्त्री-सम्मान, वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण की रक्षा, राष्ट्रीय एकता आदि।

इस तरह 26 नवंबर का दिन यानी संविधान दिवस केवल एक औपचारिक दिन नहीं, यह हमें याद दिलाता है कि हमारे अधिकार तभी सुरक्षित रहते हैं, जब नागरिक उन्हें जानते हों और उनका उपयोग करते हैं।

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