टीम इंडिया ये 4 गलतियां जिस से झेलनी पड़ी हार

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नई दिल्ली। विशाखापत्तनम में खेले गए आखिरी गेंद तक खिंचे कम स्कोर वाले पहले टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया ने अपने पुछल्ले बल्लेबाजों के दम पर भारत पर तीन विकेट से रोमांचक जीत दर्ज कर ली. इतना ही नहीं कंगारू टीम ने दो मैचों की टी-20 सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली. अपने घर में यह भारत की आठ मैचों में पहली हार है. अब भारत इस सीरीज को बराबर ही कर सकता है लेकिन, जीत नहीं सकता. अगला टी-20 मैच 27 फरवरी को बेंगलुरु में खेला जाएगा.

ऑस्ट्रेलिया ने पहले गेंदबाजी करते हुए भारत को 7 विकेट पर 126 रन पर रोक दिया और फिर निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया के लिए ग्लेन मैक्सवेल ने सर्वाधिक 56, डार्सी शॉर्ट ने 37 और अपना पदार्पण मैच खेल रहे पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 13 रन बनाए. इस रोमांचक मैच में भारत ने कई गलतियां कीं, जिसके कारण ऑस्ट्रेलिया को फायदा मिला. आइए एक नजर डालते हैं टीम इंडिया की हार के कारणों पर:

1. उमेश यादव का आखिरी ओवर में 14 रन देना: इस मैच में एक पल ऐसा आया, जब भारत की जीत लगभग तय लग रही थी. लेकिन, उमेश यादव का आखिरी ओवर टीम इंडिया को भारी पड़ गया. ऑस्ट्रेलिया को आखिरी छह गेंदों पर 14 रन बनाने थे और गेंद अनुभवी गेंदबाज उमेश यादव के हाथों में थी. लेकिन, उमेश अपने अनुभव का फायदा नहीं उठा पाए और ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी ओवर में 14 रन बटोरकर रोमांचक जीत अपने नाम कर ली. बुमराह ने 19वें ओवर में केवल दो रन दिए तथा पीटर हैंडसकॉम्ब और नाथन कुल्टर नाइल को आउट करके भारतीय खेमे में उम्मीद जगा दी. लेकिन, उमेश आखिरी ओवर में 14 रन लुटा गए. उमेश यादव आखिरी ओवर करने आए. उनके सामने ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाज झाए रिचर्डसन (नाबाद 7 रन) और पैट कमिंस (नाबाद 7 रन) थे. इन दोनों ने उमेश पर एक एक चौका लगाया. कमिंस ने पांचवीं गेंद चार रन के लिए भेजी और अंतिम गेंद पर दो रन लेकर जीत अपने नाम कर ली.

2. मैक्सवेल और शॉर्ट की पार्टनरशिप: विशाखापत्तनम की पिच पर गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और बल्लेबाजों के लिए रन बनाना कभी मुश्किल साबित हो रहा था. भारत को अच्छी शुरुआत भी मिली और 5 रनों के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया के दो विकेट गिर गए थे. लेकिन, टीम इंडिया इसका फायदा नहीं उठा पाई. ग्लेन मैक्सवेल और डार्शी शॉर्ट ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़ दिए और मैच को भारत की पकड़ से दूर ले गए. मैक्सवेल ने 40 गेंदों पर छठा टी-20 अर्धशतक पूरा किया. ऑस्ट्रेलिया के लिए ग्लेन मैक्सवेल ने सर्वाधिक 56 और शॉर्ट ने 37 रन बनाए.

3. धोनी चले कछुआ चाल: मध्यक्रम लड़खड़ाने और धोनी की धीमी बल्लेबाजी से टीम इंडिया अच्छा स्कोर नहीं बना पाई. धोनी ने 11वें ओवर के शुरू में क्रीज पर कदम रखा और आखिर तक टिके रहे. लेकिन, उनके बल्ले से केवल एक छक्का निकला. धोनी ने यह छक्का भी 20वें ओवर में लगाया. उन्होंने 29 रन बनाए, लेकिन इसके लिए 37 गेंदें खेलीं. धीमी बल्लेबाजी के लिए पहले भी आलोचकों के निशाने पर इस विकेटकीपर बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 78.37 रहा.

4. प्लेइंग इलेवन से छेड़छाड़ करना: वर्ल्ड कप में कुछ ही महीने बाकी रह गए हैं, लेकिन, टीम इंडिया अब तक अपनी बेस्ट इलेवन की तलाश कर रही है. कप्तान विराट कोहली ने इस मैच को शिखर धवन को आराम देकर ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ छेड़छाड़ कर दी, जिसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा. हालांकि धवन की जगह खेलने वाले केएल राहुल ने शानदार अर्धशतक लगाया. लेकिन, राहुल को मिडिल ऑर्डर में फिट कर धवन को शामिल किया जा सकता था. वहीं दिनेश कार्तिक को बाहर बैठाया जा सकता था.

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