चंद्रशेखर की गिरती सेहत के मद्देनजर तुरंत हटे रासुका

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Chandrashekhar ravan

सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में 5 मई 2017 को दलितों पर हमले हुआ. इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई न करने के विरोध में दलितों ने प्रदर्शन किया. पुलिस के साथ टकराव करने के आरोप में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर जून से सहारनपुर जेल में बंद है. सितम्बर महीने के आखिरी सप्ताह से चंद्रशेखर की सेहत खराब चल रही है. सितम्बर में उसे जेल में कई दिन तक बुखार, पेट दर्द तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत रही थी जो बाद में टाईफाईड में बदल गई. सेहत में अधिक गिरावट आने पर उसे 27 अक्टूबर को जेल से जिला अस्पताल सहारनपुर भेजा गया, जहां पर उसे आईसीयू में रखा गया. पर यह बड़ी हैरानी की बात है कि उसे उसी शाम अस्पताल से फिर जेल भेज दिया गया था.

इसके बाद जेल में उसकी सेहत निरंतर बिगड़ती रही और अंततः 8 नवम्बर को उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ा. वहां पर उसे ट्रॉमा सेंटर में 13 नवम्बर तक रखा गया और उसी दिन फिर से सहारनपुर जेल वापस भेज दिया गया. इस बीच उसके घर वालों को छोड़ कर किसी को भी उससे मिलने नहीं दिया गया. डॉक्टरों द्वारा न तो उसके घर वालों और न ही किसी और को चंद्रशेखर की बीमारी तथा उसके इलाज के बारे में कोई जानकारी दी गयी है. सरकार के इस रवैये से आम लोगों में चंद्रशेखर की सेहत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और शंकाएं पनप रही हैं.

सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखर की सेहत में भारी गिरावट आई है. उसका वजन काफी कम हो गया है. उसके फेफड़ों में संक्रमण है तथा उसे सांस लेने में भी कुछ दिक्कत है. उसके पेट में भी संक्रमण तथा सूजन है. उसे चलने फिरने में काफी कमजोरी महसूस हो रही है. उसे तरल भोजन लेना पड़ रहा है. पता नहीं सरकार उसे अस्पताल में रख कर उचित इलाज कराने की बजाये उसे जेल में बंद रखने पर क्यों तुली हुई है?

इधर चंद्रशेखर की बिगड़ती सेहत के मद्देनजर रासुका हटाने की मांग को लेकर 13 नवम्बर को लखनऊ में भीम आर्मी डिफेंस कमेटी के तत्वाधान में एक प्रेस कांफ्रेंस की गई, जिसमें चंद्रशेखर की गिरती सेहत के मद्देनज़र मानवीय आधार पर रासुका हटाने की मांग की गई. इसके अतिरिक्त चंद्रशेखर तथा शब्बीरपुर के दो दलितों पर रासुका लगाने तथा चंद्रशेखर को उचित डॉक्टरी इलाज उपलब्ध न कराए जाने के विरोध में सहारनपुर के चार गांव में 6 दिन से दलित महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी हैं, जिनमें से दो की तबियत काफी बिगड़ चुकी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. ऐसी सम्भावना है कि यदि सरकार द्वारा इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम शीघ्र नहीं उठाया गया तो यह विरोध और तेज़ी पकड़ सकता है.

अतः डिफेंस कमेटी फॉर भीम आर्मी और उत्तर प्रदेश जनमंच एवं स्वराज अभियान योगी सरकार से मांग करता है कि चंद्रशेखर की बिगड़ती सेहत के मद्देनज़र उस पर लगाया गया रासुका तुरंत वापस लिया जाए और उसे जमानत पर जेल से रिहा किया जाये ताकि वह अपना उचित इलाज करा सके.

एस.आर. दारापुरी, संयोजक उत्तर प्रदेश जनमंच एवं सदस्य उत्तर प्रदेश स्वराज अभियान समिति

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