मूर्तितोड़ राजनीति के बाद सोशल मीडिया में उबाल

त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में आने के बाद रुसी क्रांति के महानायक लेनिन की मूर्ति तोड़ने से शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है. भाजपा समर्थकों ने लेनिन की मूर्ति तोड़ने के बाद तामिलनाडु में बहुजन विचारक पेरियार की मूर्ति भी तोड़ दी. इससे गुस्साए वाम समर्थकों ने दक्षिण कोलकाता में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया. लेनिन और पेरियार की मूर्ति तोड़ने के बाद चुप्पी साधे सरकार और भाजपा समर्थकों की नींद श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद खुल गई है. पीएम मोदी और अमित शाह ने इस हिंसा को रोकने की अपील की है.
पेरियार की मूर्ति से तोड़फोड़ के मुद्दे पर तमिलनाडु के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. इस मामले पर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि- ‘जिस तरीके से ये हो रहा है, आगे वह नेता जी सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद और गांधी की मूर्तियां तोड़ने लगेंगे. हम स्टालिन-लेनिन की विचारधारा का समर्थन नहीं करते, लेकिन हमने चुनाव जीता तो उसे नुकसान नहीं पहुंचाया.

तो वहीं सोशल मीडिया में इस घटना के बाद विचारों को लेकर बहस छिड़ गई है. आम लोगों से लेकर नेताओं और पत्रकारों ने इस घटना को लेकर अपना नजरिया रखा है.

Ram Gayas

राम ग्यास ने फेसबुक पर लिखा है- गांधी की मूर्ति पूरी दुनियां में क्या कर रही है, उसे तोड़ देना चाहिए। ईशा के चर्च यहां क्या कर रहे हैं। मोहम्मद की मस्जिद यहां कर रही है। हिंदुओ के मंदिर कम्बोडिया में क्या कर रहे हैं। बुद्ध की मूर्तियां पूरे एशिया में क्या कर रही हैं। जो लोग एक बूत को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है वो विश्वगुरु बन के दुनियां को अपनी बकलोली समझाते है.

हाल ही में राजनीति में आए फिल्म अभिनेता कलम हासन ने पेरियार की मूर्ति पर हमले को लेकर कहा है- मूर्ति की सुरक्षा के पुलिस तैनात करने की कोई जरूरत नहीं है. हम तमिल खुद इसकी सुरक्षा करेंगे. मुझे लगता है कि कावेरी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है.

पत्रकार मंजीत ठाकुर ने (फेसबुक) लिखा है-
मूर्तियां नश्वर होती हैं. विचार शाश्वत होते हैं. मूर्तियों को तोड़ देने से विचारों का नाश होना होता, तो मुस्लिम आक्रांताओं के हाथों हजारों मूर्तियों के टूटने से हिंदू धर्म नष्ट हो जाता, राजा शशांक के हाथों बोधि वृक्ष कटवाए जाने और बामियान में तालिबान के हाथों प्रतिमा तोड़ने से बौद्ध धर्म खत्म हो जाता. मूर्तियां खत्म हो जाती हैं, विचार रह जाते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने ट्विट किया-
‘त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति ढहा दी गई, कल अंबेडकर परसों भगत सिंह फिर नेहरु और बाद में गांधी की गिराओगे, लेकिन ये तो बताओ इस देश को कहां ले जाओगे?’

तो जिग्नेश मेवाणी ने राजस्थान हाई कोर्ट में लगी मनु की मूर्ति तोड़ने की बात कर डाली है. इस विवाद पर मेवाणी ने ट्विट कर कहा है कि- Modi ji tell your boys to destroy the statue of manu, not lenin or Periyar. Mind well, exploited dalits will always cherish the legacy of aambedkar, lenin, periyar, Phule and some day they will definitely destroy the manu-murti at Rajasthan high court.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.