तो इस तकनीक से बड़ रहा है फर्जी पॉर्न का कारोबार

जहां एक तरफ आधूनिक तकनीक और ग्राफिक्स का उपयोग कर हॉलीवुड तथा बॉलीवुड में एक से बड़ कर एक फिल्में बनाई जा रही हैं वहीं दूसरी ओर एक इंडस्ट्री ऐसी भी है जहां इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर फर्जी फोटोज़ और विडियो बनाई जा रही हैं. हम बात कर रहे हैं पॉर्न इंडस्ट्री की जिसमें लोगों की सेक्शुअल फ़ंतासियों को देखते हुए तरह तरह की जाली विडियो बनाई जा रही हैं.

फर्जी पॉर्न बनाने के लिए डीपफ़ेक्स इफेक्ट का इस्तेमाल करके किसी अभिनेत्री या अन्य प्रसिद्ध महिला का चेहरा किसी और के शरीर पर लगाकर पॉर्न वीडियो बनाए जा रहे हैं. तकनीक का इस तरह गलत इस्तेमाल करना न सिर्फ अनैतिक है बल्कि चिंताजनक भी. इस तरह की एडिटिंग का शिकार हुए सेलेब्रिटीज़ में हॉलीवुड अभिनेत्री एमा वॉटसन मिशेल ओबामा, इवांका ट्रंप और केट मिडलटन के साथ साथ कई बॉलीवुड अभिनेत्रीयों के नाम भी शामिल हैं.

स तरह के एडिटिंग सॉफ्टवेयर बनाने वाले डिज़ाइनर ताते हैं कि सॉफ्टवेयर को सार्वजनिक किए जाने के एक महीने के अंदर ही एक लाख से ज्यादा बार इसे डाउनलोड किया जा चुका है. तो आप सोच सकते हैं कि कितनी तेज़ी से इसका इस्तेमाल फर्जी पॉर्न के कारोबार में किया जा रहा है. सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों को इस तरह के फेक कंटेंट से सतर्क रहने की ज़रूरत है.

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