राजस्थान के दिग्गज आदिवासी नेता भाजपा में शामिल

0
579

जयपुर। राजस्थान में करीब 45 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ रखने वाले आदिवासी नेता किरोड़ीलाल मीणा को पार्टी में शामिल कर लिया है. रविवार 11 मार्च को मीणा ने अपनी राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया. बदले में भाजपा उन्हें राज्यसभा में भेजेगी. उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है. उपचुनाव में हार के बाद भाजपा प्रदेश में जीत का फार्मूला तलाश रही थी.

मीणा के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें पार्टी में शामिल करवाने की पहल खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने की तो उन्हें पार्टी ज्वाइन कराने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और बीजेपी के आला नेता जयपुर में पार्टी दफ्तर में मौजूद थे. एक दूसरी बात यह भी है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से छत्तीस का आंकड़ा रखने के बावजूद भाजपा ने उन्हें पार्टी में शामिल किया. वसुंधरा सरकार में ही मंत्री रहते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने 10 साल पहले बीजेपी छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना ली थी.

किरोड़ी लाल को पार्टी में लाकर मोदी और शाह की जोड़ी ने अपना पुराना फार्मूला कायम रखा है. तमाम प्रदेशों में चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने लगातार दूसरी पार्टी के जनाधार वाले नेताओं को पार्टी में शामिल किया है. राजस्थान उपचुनाव में मिली हार के बाद घबराई भाजपा ने आनन-फानन में मीणा को पार्टी में शामिल करवाने की कोशिश जारी कर दी. इसकी पहल राज्य नेतृत्व से नहीं बल्कि केंद्रीय नेतृत्व ने की थी. पिछले दिनों में मीणा अमित शाह के अलावा राजनाथ सिंह से भी मिल चुके थे.

असल में राजस्थान जीतने के लिए मीणा को भाजपा में लाना भाजपा की मजबूरी बन गई थी. तभी वसुंधरा राजे से घोर मतभेद के बावजूद उन्हें पार्टी में शामिल करवाया गया. राजस्थान में 45 सीटों पर मीणा वोटर किसी को भी चुनाव हराने और जीताने की ताकत रखते हैं. इसमें से करीब 29 विधानसभा क्षेत्रों में मीणा समाज नंबर वन है. पिछली बार मोदी लहर में भी किरोड़ी लाल मीणा की राजपा ने 134 सीटों पर चुनाव लड़कर 4 सीटें जीती थी. किरोड़ी लाल 5 बार विधायक रहे हैं और दो बार सांसद रहे. उन्हें आरएसएस का भी करीबी माना जाता है. राजस्थान में दिसंबर महीने में चुनाव होना है.

अशोक दास

अशोक दास

बुद्ध भूमि बिहार के छपरा जिले का मूलनिवासी हूं।गोपालगंज कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (आनर्स) करने के बाद सन् 2005-06 में देश के सर्वोच्च मीडिया संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान, जेएनयू कैंपस दिल्ली’ (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा। 2006 से मीडिया में सक्रिय। लोकमत, अमर उजाला, भड़ास4मीडिया और देशोन्नति (नागपुर) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। पांच साल तक कांग्रेस, भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दलों, विभिन्न मंत्रालयों और पार्लियामेंट की रिपोर्टिंग की।
'दलित दस्तक' मासिक पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक। मई 2012 से लगातार पत्रिका का प्रकाशन। जून 2017 से दलित दस्तक के वेब चैनल (www.youtube.com/c/dalitdastak) की शुरुआत।
अशोक दास

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.