आदिवासी परंपराः 6 मार्च से शुरू होगी अनोखी शादी की परंपरा

Details Published on 02/01/2017 17:41:21 Written by Dalit Dastak


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आज के युवा वक्त से भी ज्यादा तेजी से भाग रहे हैं. अपने जीवनसाथी को पसंद करने और प्रपोज करने के उनके तरीके भी निराले हैं. लेकिन इस भागती दुनिया में कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो अपने जीवनसाथी को अनोखे तरीके से प्रपोज करते हैं. ये आदिवासी युवा अपने भावी जीवन साथी को कोई महंगा गिफ्ट देकर नहीं बल्कि महज पान का बीड़ा देकर ही अपने मन की बात कह देते हैं. अपने दिल की बात वह भगोरिया पर्व के दौरान कहते हैं; जो सालों से आदिवासी समाज के लोग मनाते आए हैं.


मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय में सालों से भगोरिया नामक इस पर्व को मनाने की प्रथा चली आ रही है. निमाड़ क्षेत्र में बसे आदिवासियों की यह परंपरा विदेशों में भी मशहूर है. इसमें आदिवासी समुदाय भील व भिलाला के विवाह की परंपरा होती है. इस परंपरा के मुताबिक मेले में आदिवासी युवक, युवती को पान का बीड़ा पेश कर अपने प्रेम का इजहार करता है. अगर युवती बीड़ा ले लेती है तो इसका मतलब यह माना जाता है कि उसे भी युवक पसंद है. एक-दूसरे को पसंद करने के बाद अगर घर वाले अड़ंगा डालते हैं तो ये दोनों भाग जाते हैं और तब तक घर नहीं लौटते, जब तक दोनों के परिवार उनकी शादी के लिए मान नहीं जाते हैं.


इस साल  6 मार्च को इस पर्व का आगाज होने जा रहा है, जो पटेलावद और आस-पास के आधा दर्जन क्षेत्रों में होगा. इस बार सात दिन तक झाबुआ जिले में 36 और आलीराजपुर जिले में 24 जगहों पर भगोरिया हाट मेला आयोजित होगा.



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