सीवर साफ कर रहे 3 कर्मचारियों की मौत, जल बोर्ड ने कहा नहीं दी थी अनुमति

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के लाजपत नगर में रविवार को सीवर की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की मौत हो गई. मीडिया की खबरों के मुताबिक यह तीनों बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर लाइन साफ करने उतरे थे. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने किसी भी कमर्चारी को सीवर लाइन साफ करने के लिए नहीं कहा था. इसे मामले में एक जांच बैठा दी गई जो कि यह पता लगाएगी क्यों ये कर्मचारी एक ऐसे सीवर को साफ करने उतरे जो गंदगी से पूरी तरह भरा हुआ था. बता दें कि इससे पहले 15 जुलाई को साउथ दिल्ली के घिटोरनी में भी इसी तरह से टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की मौत हो गई थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार चश्मदीदों के मुताबिक तीनों कर्मचारी एक के बाद एक सीवर लाइन में उतरे थे जब पहले कर्मचारी ने उतरन के बाद कोई जवाब नहीं दिया तब उसके बाक दोनों कर्मचारी नीचे उतरे. चौथा कर्मचारी को सीवर से बचा लिया गया. पुलिस के मुताबिक मतृकों की पहचान जोगिंदर, अनू और अजय के तौर पर हुई है और तीनों ही खिचड़ीपुर के रहने वाले हैं. जिस कर्मचारी को बचा लिया गया उसकी पहचान राजेश के तौर पर हुई है. सड़क से गुजरते एक शख्स ने राजेश की आवाज सुनी और करीब 1.30 बजे पुलिस को फोन किया. डीसीपी साऊथ ईस्ट रोमिल बानिया के मुताबिक आईपीसी की धाराओं 304, 308 और 34 के तहत अज्ञात लोगों को के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

लाजपत नगर के जल विहार इलाके में कबीर राम मंदिर के पास यह घटना घटी. पास में ही पान की दुकान चलाने वाले हरि प्रसाद ने बताय कि ये लोग डीजीबी लाइन पर करीब आधे घंटे से काम कर रहे थे. इनमें से जोगिंदर पिट में दाखिल हुआ और बाकी उसे दिशा-निर्देश दे रहे थे लेकिन कुछ समय के बाद उसने कोई जवाब देना बंद कर दिया. प्रसाद ने बताया कि मेनहॉल में उतरने के करीब एक मिनट के बाद ही जोगिंदर ने जवाब देना बंद कर दिया था.

प्रसाद ने बताया कि 10 फीट गहरे गड्डे से जब जोगिंदर ने कोई जवाब नहीं दिया तो दूसरा कर्मचारी भी उसकी मदद के लिए नीचे उतरा लेकिन थोड़े समय के बाद उसने भी कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया. तीसरे कर्मचारी ने ने नीचे उतरते वक्त पैर स्लिप हो गया और वह नीचे गिर गया. चौथा कर्मचारी जो कि रस्सी लेने चला गया वह भी मेनहॉल में उतरा और थोड़ी देर बाद ही मदद के लिए चिल्लाने लगा. फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों ने कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे. तीनों की बॉडी को करीब 2 बजे निकाल लिया गया. पुलिस टीम द्वारा बाद में पिट को कवर कर दिया गया.

एक डीजेबी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने लाइन की सफाई के लिए कोई अनुबंध जारी नहीं किया है और न ही वहां आस-पास कोई ठेकेदार काम कर रहा था. हम जांच कर रहे हैं कि कैसे बिना परमिशन के इन लोगों न पिट में प्रवेश किया.

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