रिक्शा चालक के बेटे ने एथलेटिक्स में बनाया ऑल इंडिया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। कहते हैं अगर इंसान जिंदगी में कुछ पाने की ठान ले तो वो किसी भी परिस्थितियों में कठिन से कठिन रास्ते को भी पार कर लेता है. उसकी हिम्मत और मेहनत उसका नसीब बदल देती है. ऐसा ही कारनामा दिल्ली की मलीन बस्ती में रहने वाले निसार अहमद ने कर दिखाया.

आजादपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित बड़ा बाग की झुग्गियों में रहने वाले निसार ने दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है. निसार ने 100 और 200 मीटर की स्प्रिंट प्रतियोगिता में ये मेडल हासिल किया है. इससे भी खास बात यह है कि उन्होंने नेशनल लेवल के अंडर-16 खिलाड़ियों के रिकॉर्ड तोड़े हैं.

100 मीटर की रेस उन्होंने सिर्फ 11 सेकंड में पूरी की, पुराना रिकॉर्ड 11.02 सेकंड का था. 200 मीटर की रेस में भी उनकी फुर्ती काबिल-ए-तारीफ रही, महज 22.08 सेकंड में उन्होंने रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जोकि पिछले रिकॉर्ड से 0.3 सेकंड कम है.

निसार अहमद के पिता ननकू अहमद रिक्शा चलाते है और मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं. प्रतियोगिता जीतने के बाद जब निसार पदक लेने के लिए जा रहे थे उस समय उनके पिता रिक्शा चलाने में और मां घर में काम करने में व्यस्त थीं.

16 साल के निसार आजादपुर के बड़ा बाग के पास रेलवे ट्रैक की बस्ती के दस बाई दस के कमरे में रहते हैं. इसी कमरे में उनके मां-पिता और बहन रहती हैं. घर के एक कोने में निसार की ट्रोफी और मेडल उनकी तस्वीर के साथ सजे हैं.

निसार अहमद की दौड़ का सफर चार साल पहले शुरू हुआ. अशोक विहार- 2 के गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढ़ने वाले निसार कहते हैं, ‘स्कूल में मेरे टैलंट को मेरे फिजिकल एजुकेशन टीचर सुरेंद्र कुमार ने पहचाना. उन्होंने मुझे काफी प्रेरित किया, यहां तक दूध पीने के लिए पैसे तक दिए.’

वो आगे बताते है, ‘तीन साल पहले उनकी मुलाकात कोच सुनीता राय से हुई. फिर छत्रसाल स्टेडियम में ट्रेनिंग की शुरुआत हुई. यहां से मेरी स्ट्रेंथ और बढ़ी, मैं रोज 6-6 घंटे एक्सरसाइज और प्रैक्टिस करता हूं.’

निसार ने 2014-15 में नेशनल लेवल पर खेला और सेमी फाइनल तक पहुंचे. इंटर जोनल लेवल पर कई रिकॉर्ड इनके नाम दर्ज है. 2016 में स्कूल लेवल पर नेशनल गेम्स-कालीकट में दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज जीते.

इसी साल दिल्ली स्टेट ऐथलिटिक मीट में 100 मीटर में गोल्ड और 400 मीटर में सिल्वर मेडल उनके नाम रहा. पिछले तीन साल में हर बार उन्हें बेस्ट ऐथलीट का खिताब मिला है.

निसार कई बार अपने घर के हालात के बीच हताश हो जाते हैं मगर उनकी कोच सुनीता राय उन्हें रुकने नहीं देतीं. वह कहती हैं, ‘हम उसे अकेला नहीं छोड़ सकते. वह जूनियर नेशनल गेम्स में चुना जा चुका है, मुझे यकीन है कि वो इंटरनेशनल लेवल पर कॉमनवेल्थ, ओलिंपिक्स के लिए जा सकता है.’

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