आपस में भिड़े ‘फर्जी बाबा’ और अखाड़ा परिषद, जानिए पूरा मामला

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नई दिल्ली। हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और इससे पहले आसाराम द्वारा महिला साध्वियों और अनुयायियों से दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद हिंदू धर्मगुरुओं के चरित्र पर सवाल उठने लगे थे. इन सवालों से परेशान साधु-संतों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है. इस सूची में आसाराम, राम रहीम से लेकर रामपाल और राधे मां तक का नाम है.

एक बार पूरी लिस्ट को देखिए. इस लिस्ट में फर्जी बाबाओं के असली नामों का भी जिक्र किया गया है. अखाड़ा परिषद ने जिनको फर्जी संत माना है, उनमें-

आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी,
सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां,
सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता,
गुरमीत राम रहीम,
ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा,
निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह,
इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी,
स्वामी असीमानंद,
ऊं नम: शिवाय बाबा,
नारायण साईं,
रामपाल,
कुश मुनि,
बृहस्पति गिरि,
मलकान गिरि

जैसों के नाम शामिल है.

हालांकि इस सूची के जारी होने के बाद अखाड़ा परिषद और फर्जी बाबा आमने-सामने आ गए हैं. सूची के सामने आने के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी को आसाराम के कथित समर्थकों ने जान से मारने की धमकी भी दी. जिसके खिलाफ उन्होंने एफआईआर भी दर्ज करवाई थी. वहीं अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी घोषित किए गए सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ के महंत कुश मुनि ने परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी को कानूनी नोटिस भेज दिया है.

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कुश मुनि के वकील ज्योति गिरी ने नरेंद्र गिरी को लिखा है कि, आपने निराधार तथ्यों के आधार पर मेरे मुवक्किल आचार्य कुश मुनि को फर्जी बाबाओं की सूची में रखा है, ऐसा आपने मेरे मुवक्किल से बदला लेने के लिए किया है. यदि आप उनका नाम उस सूची से नहीं हटाते हैं तो आपके ऊपर क्यों न मानहानि‍ का मुकदमा किया जाए?

दूसरी ओर आज अखाड़ा परिषद ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें फर्जी बाबाओं की लिस्ट सौंपी. जिस पर योगी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

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अखाड़ा परिषद देश में साधु-संतों की सबसे बड़ी संस्था है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में देश के सभी 13 अखाड़े शामिल हैं, जिसमें लाखों की संख्या में साधु-संत हैं.

फर्जी बाबाओं की सूची परिषद के अध्यक्ष ने जारी की थी. परिषद की ओर से फर्जी घोषित किए गए बाबाओं के कुंभ में आने पर रोक लग सकती है. इससे पहले 2015 के नासिक कुंभ में राधे मां को रोका गया था.

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