आदिवासी महिलाओं से रेप के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

Adivasi protest in Raiganj

रायगंज। पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में चार आदिवासी महिलाओं से बलात्कार करने की घटना सामने आई है. आदिवासी समन्वय समिति ने दक्षिण दिनाजपुर के रायगंज इलाके में विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जमकर हंगामा किया. यही नहीं उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ दुकानों में तोड़फोड़ की. सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह पर संपत्ति को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस भी वहां मौजूद रही. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास करती रही.

चार आदिवासी महिलाओं के यौन उत्पीड़न के विरोध में रायगंज शहर रणक्षेत्र में बदल गया. शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए. तीर-धनुष से लैस आदिवासी उग्र हो उठे. उन्होंने कई दुकानों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. उन्होंने बस स्टैंड स्थित आइटीटीयूसी का ऑफिस भी जला दिया. पास में ही स्थित एक गोदाम को भी आग के हवाले कर दिया गया है. बड़ी संख्या में गाड़ियों को भी जलाया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि रायगंज शहर के विद्रोही मोड़ से लेकर सिलीगुड़ी मोड़ तक नजारा किसी रणक्षेत्र जैसा था. इस इलाके की कई दुकानों में तोड़फोड़ की गयी. स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा है. घटना के विरोध में रायगंज शहर व्यवसायी समिति ने अनिश्चितकालीन बंद बुलाया है.

विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्यों ने तांडव करने के बाद रायगंज के सिलीगुड़ी मोड़ इलाके में एनएच 34 को जाम कर दिया. इस जाम की वजह से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. तोड़फोड़ के विरोध में बाजार में कई जगहों पर व्यवसायियों ने भी सड़क जाम की. आदिवासी नेताओं का कहना है कि दोषियों को सजा की मांग को लेकर हमने जुलूस निकाला है. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भरत राठौर ने कहा कि दुष्कर्म के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी की तलाश जारी है. आदिवासियों संगठनों को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए था.

Adivasi protest in Raiganj

क्या है मामला
आरोप है कि रविवार को रायगंज थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित बस स्टैंड के विश्रामागार से एक शिक्षिका समेत चार आदिवासी महिलाओं को बंदूक की नोक पर उठा लिया गया. उन्हें एक घर में ले जाकर उनका बलात्कार किया गया. ढाई घंटे तक इन महिलाओं को नारकीय यातना झेलनी पड़ी. दो आदिवासी नाबालिग लापता थीं. इधर, इस घटना की जांच में जुटी पुलिस ने अब तक तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है. मालदा के गाजोल से दोनों आदिवासी लड़कियों को बरामद किया गया.

इस घटना के विरोध में शुक्रवार को रायगंज के चंडीतला मोड़ से आदिवासियों का जुलूस रायगंज बस स्टैंड पहुंचा. जुलूस में शामिल तीर-धनुष से लैस हजारों आदिवासियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन कियाकिया. रायगंज बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र जलकर राख हो गया है. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने कई मोटरसाइकिलों और साइकिलों को जला दिया. बस स्टैंड के आसपास की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की गई. ट्रैफिक बूथ को भी तोड़ दिया गया. इसके चलते रायगंज शहर में आतंक फैल गया.

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