दलित छात्र को प्रोफेसर ने कहा जातिसूचक शब्द, छात्रों ने ‘बाबासाहेब’ के सामने कान पकड़कर मंगवाई माफी

महू। दलितों के हक और समाज में समानता के लिए पूरी जिंदगी लडऩे वाले बाबासाहेब अम्बेडकर की जन्मस्थली पर एक दलित छात्र को प्रोफेसर द्वारा जातिसूचक शब्द कहने का मामला सामने आया है. मामले के मुताबिक महू के एडवांस टेक्निकल कॉलेज में प्रोफेसर विक्रम सिंह ठाकुर ने एक दलित छात्र के लिए जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया.

प्रोफेसर द्वारा जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल का छात्रों ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. लेकिन बाद में छात्र नेता प्रोफेसर ठाकुर के खिलाफ शिकायत इस शर्त पर वापस लेने के तैयार हो गए कि वो बाबासाहेब अम्बेडकर की जन्मस्थली पर जाकर उनकी प्रतिमा के सामने कान पकड़कर माफी मांगेंगे. छात्रों ने प्रोफेसर ठाकुर से बाबसाहेब अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने भविष्य में ऐसी हरकत न करने की शपथ भी दिलवाई.

भारतीय संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए जाति सूचक शब्द का प्रयोग दंडनीय अपराध है. द शेड्यूल कास्ट्स एंड ट्राइब्स (प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज) एक्ट के तहत छुआछूत दूर करने के लिए एससी/एसटी के तहत आने वाली जातियों के लिए जाति सूचक शब्दों के प्रयोग पर प्रतिबंध है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here