... तो बच गई होती ओमपुरी की जान

Details Published on 08/01/2017 08:49:22 Written by Dalit Dastak


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दिसंबर के आखिरी हफ्ते में ओमपुरी एक इंटरव्यू दे रहे थे. तमाम मुद्दों पर बातचीत के बीच ओम ने कहा,  “जब मैं दुनिया छोड़ दूंगा, तब मेरा योगदान सामने आएगा.” ओम का कहना सही था. आज वो इस दुनिया में नहीं हैं तो हर ओर उनकी ही चर्चा हो रही है. लेकिन इस घटनाक्रम में फिल्मी दुनिया का अंधेरा भी सामने आ गया है. जब ओमपुरी की मृत्यु हुई, वो अपने घर में अकेले थे.


6 जनवरी को 66 साल के ओम पुरी को उपनगर अंधेरी के लोखंडवाला कांप्लेक्स के उनके अपार्टमेंट में दिल का दौरा पड़ा था जिससे उनकी मौत हो गई थी. पुलिस का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद फर्श पर गिरने से उनको चोट भी आई थी. इससे ठीक पहले ही शाम को  ओम पुरी ने अपनी आने वाली फिल्म ‘रामभजन जिंदाबाद’ के निर्माता खालिद किदवई से देर तक बातचीत की थी. खालिद ने बताया कि उन्होंने गुरुवार की रात ओम पुरी से फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में मुलाकात की थी. बकौल किदवई, “वह अच्छे मूड में थे और हमारी बातचीत देर शाम तक चली.


ओमपुरी का व्यक्तिगत जीवन काफी पीड़ादायक रहा. इन दिनों वह अकेले ही रह रहे थे. अगर वह पारिवारिक जीवन में होते और किसी के साथ रह रहे होते तो शायद वक्त रहते उन्हें हॉस्पीटल ले जाया जा सकता था और उनकी जान बच सकती थी.


गौरतलब है कि अपनी विशिष्ट अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले ओम पुरी का रुझान सामाजिक मुद्दों वाली सिनेमा की ओर अधिक था. उन्होंने जन लोकपाल के लिए चले अन्ना हजारे के आंदोलन में भी भाग लिया था. उन्हें ‘आक्रोश’, ‘अर्धसत्य’ और ‘धारावी’ जैसी फिल्मों के लिए हमेशा याद किया जाएगा. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के पूर्व छात्र ओम पुरी ने ‘मिर्च मसाला’ जैसी कॉमेडी प्रधान फिल्मों में भी काम किया. उन्होंने इस विधा में ‘जाने भी दो यारों’, ‘चाची 420’, ‘हेराफेरी’, ‘मालामाल वीकली’ जैसी तमाम फिल्में कीं. वह ‘कक्काजी कहिन’ और ‘मिस्टर योगी’ जैसे टीवी धारावाहिकों का भी हिस्सा रहे, लेकिन वह टीवी फिल्म ‘तमस’ के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं.


असरदार आवाज के धनी ओम पुरी ने फिल्मों के जरिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई. उन्होंने रिचर्ड एटनबरो की फिल्म ‘गांधी’ में मेहमान भूमिका निभाई थी. उनकी ब्रिटिश फिल्मों में ‘माइ सन द फैनेटिक’, ‘ईस्ट इज ईस्ट’ और ‘द पैरोल ऑफिसर’ प्रमुख रूप से शामिल हैं. उन्होंने ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वुल्फ’ और ‘द घोस्ट एंड द डार्कनेस’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया.


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