निठारी कांड: मनिंदर पंढेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा

नई दिल्ली। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को मृत्युदंड का फैसला सुना दिया है. यह सजा युवती का अपहरण कर रेप और मर्डर के मामले में सजा सुनाई गई है. गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने पिंकी सरकार हत्याकांड में पंधेर और सुरेंद्र कोली को शनिवार को रेप और मर्डर दोषी पाया था.

असल मेें निठारी कांड दिसंबर 2006 में राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था. निठारी कांड के एक अन्य मामले में पहले भी कोली को फांसी की सजा मिल चुकी है. पंधेर को कोर्ट ने हत्या और रेप की कोशिश समेत सबूत मिटाने और साजिश रचने का दोषी पाया गया.

बता दें की 12 साल पहले 20 जून, 2005 को आठ साल की एक बच्ची ज्योति नोएडा के निठारी इलाके से अचानक गायब हो गई थी. इसके बाद से इस इलाके में लगातार बच्चे गायब होने लगे. एक साल तक लगातार बच्‍चों के गायब होने यह सिलसिला चलता रहा और करीब दर्जनभर बच्चे गायब हो गए. मामला राष्ट्रीय स्तर पर आने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया.

7 मई 2006 को 21 साल की लड़की पायल जब गायब हुई तो पुलिस को अहम सुराग उसके मोबाइल से मिला. पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई. उसके बाद जब उसमे से एक नंबर पर कॉल की गई तो उसका नाम मनिंदर सिंह पंधेर का था. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पंधेर और उसके नौकर कोली को आरोपी बनाया.

इसके बाद पूरे निठारी मामले का खुलासा हुआ था, जिसमें ज्योति, पुष्पा विश्वास, नंदा देवी, पायल, रचना, हर्ष, कुमारी निशा, रिम्पा हलधर, सतेंद्र, दीपाली, आरती, पायल, पिंकी सरकार, अंजली, सोनी, शेख रजा खान और बीना का रेप किया गया था. रेप के बाद उन्हें मारकर पंढेर के घर में दफन कर दिया गया था.

गौरतलब है की निठारी कांड के 6 मामलों में कोर्ट सुरेंद्र कोली को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुना चुकी है. पिछले साल अक्टूबर में कोर्ट ने कोली को नंदा देवी मर्डर केस में किडनैपिंग, रेप और सबूत मिटाने का दोषी पाया था. इससे पहले के भी पांच मामले में सीबीआई कोर्ट ने कोली को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी पर इस बार फांसी पर पुख्ता मोहर लग गयी है.

 

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