जातिवादः जिस कक्षा में पढ़ाते थे, उसी में फांसी लगाकर झूल गए हरिबाबू

Details Published on 09/01/2017 09:50:34 Written by Dalit Dastak


58730f9243d12_suicide-hang-2.jpg

कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश में एक अध्यापक ने उसी क्लास रूम में फांसी लगा ली, जिसमें वह बच्चों को पढ़ाया करता था. वह अपनी कक्षा में बच्चों को देश का अच्छा नागरिक बनने की बात बताया करता था. वह बताता था कि संविधान ने हमें समता और स्वतंत्रता का अधिकार दिया है. वह बच्चों को एक मजबूत इंसान बनाने का पाठ पढ़ाता था. लेकिन वह खुद जातिवाद के जुल्म का शिकार हो गया. और उसे इसकी इतनी पीड़ा पहुंची कि वह रस्सी के सहारे झूल गया.


घटना उसी मध्यप्रदेश राज्य की है, जहां कुछ दिन पहले ही सिंहस्थ आयोजन के दौरान सरकार समरसता व सामाजिक सद्भाव का ढिंढोरा पीटते नहीं थकती थी. यहां तक कि सिहंस्थ महाकुंभ में देश में सामाजिक समरसता का बीड़ा उठाने वाले लोगों द्वारा इसी महाकुंभ में समरसता स्नान आयोजित कर ऊंच-नीच समाप्त करने का प्रदर्शन किया गया था. इसी प्रदेश के दमोह जि़ले में जेपीवी माध्यमिक सरकारी स्कूल के एक दलित अध्यापक हरि बाबू द्वारा अपने ही स्कूल की उसी कक्षा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई, जिसमें वह शिक्षण का कार्य करते थे.


मृतक हरि बाबु ने फांसी लगाने से पहले एक सुसाईड नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए अपने ही स्कूल के प्रिंसीपल को जि़म्मेदार ठहराया है. हरि बाबू ने लिखा है कि उनके स्कूल के प्रिंसीपल उसे बार-बार दलित व चमार कहकर प्रताड़ित किया करते थे. और उसे अनेक झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देते रहते थे. जिसकी वजह से हरिबाबू काफी परेशान हो गए थे.



  • Comments(0)  


Journey of Dalit Dastak

Opinion

View More Article