गेस्ट टीचर बिल पर आमने-सामने हुए दिल्ली के गवर्नर और मुख्यमंत्री

bejal vs kejriwal

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे अतिथि शिक्षकों की नौकरी पक्की करने से संबंधित विधेयक बुधवार को विधानसभा में पेश करने के मंत्रिमंडल के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया.

बैजल ने पत्र में केजरीवाल से कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र के शासन की संवैधानिक योजना के अनुरुप नहीं है. आपको बता दें कि पिछले महीने मंत्रिमंडल से मंजूरी पाये इस विधेयक में करीब 15000 अतिथि शिक्षकों की नौकरी पक्की करने की व्यवस्था की गयी है. ये शिक्षक फिलहाल अनुबंध पर हैं.

दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच गेस्ट टीचर्स के मामले को लेकर आपसी नोंक-झोक जारी है. जहां दिल्ली सरकार गेस्ट टीचर्स को परमानेंट करने के लिए विधानसभा में बिल पेश करने की तैयारी में है, वहीं उपराज्यपाल ने इस बिल को असंवैधानिक बताया है.

बीते सप्ताह केजरीवाल की कैबिनेट ने बिल का मसौदा तैयार किया था. जिसके बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया था कि दिल्ली सरकार 4 अक्टूबर को विधानसभा में ये बिल पेश किया जाएगा जिसके लागू होने के बाद सभी गेस्ट टीचर्स को स्थायी कर दिया जाएगा.

बिल पेश होने के एक दिन पहले ही मंगलवार शाम उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपने एक बयान में कहा कि गेस्ट टीचर्स को स्थायी करने का मामला दिल्ली विधानसभा के दायरे में नहीं आता जिससे इस बिल पर सरकार के पुनर्विचार करने की आवश्यकता है.

एलजी के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के मंत्री गोपाल राय ने काह कि नए शिक्षकों की भर्ती के लिए एलजी तैयार हैं. लेकिन गेस्ट टीचर्स को पक्का करने के लिए वो मना कर रहे हैं. गोपाल राय का कहना है कि गेस्ट टीचर्स को बेरोजगार करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है.

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