पीएम मोदी के गुजरात में दलित मां-बेटे को नंगा कर पीटा

 

अहमदाबाद। 15 अगस्त को ही हमने आज़ादी की 71वीं सालगिरह मनाई लेकिन अभी तक हम जातिवाद से मुक्त नहीं हो पाए. जातिवाद से जुड़ी ऐसी ही एक घटना गुजरात में हुई है. जहां एक दलित महिला और उसके बेटे को नंगा कर बेरहमी से पीटा गया. इस मामले में 5 मुख्य आरोपी के अलावा 20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

12 अगस्त की यह घटना आणंद जिले के कासोर गांव की है. दलित जाति के मणिबेन (45) और शैलेश रोहित (21) मरे हुए जानवरों की खाल उतारने का काम करते हैं. जिसे गांव के उच्च समाज से संबंध रखने वाले दरबार समुदाय के लोग पसंद नहीं करते थे इसलिए उन्होंने खाल उतारने के काम को बंद करने कहा. लेकिन जब यह नहीं किया तो शनिवार की रात उसी समुदाय के करीब 20 आरोपियों ने पीड़ित के घर पर हमला कर शैलेश और उसकी मां को न केवल जातिसूचक गालियां दी. बल्कि दोनों के कपड़े उतार कर उनकी बेरहमी से पिटाई भी की. घटना के बाद शैलेश ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

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इस मामले में पुलिस ने बताया कि गांव में करीब 25 परिवार खाल उतारने का काम करते हैं. इस मामले में मुख्य रूप से 5 आरोपी और 20 लोगों की भीड़ के सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 506 (2) और एससी/एसटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया है. ये सभी लोग स्थानीय भगवा संगठनों से जुड़े है. सभी आरोपी फरार हो गए हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

गौरतलब रहे कि ऊना कांड के दौरान भी मरे हुए मवेशियो का चमड़ा निकालने रहे दलित युवको की गौहत्या का आरोप लगाकर पिटाई की गई थी. इस पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद जमकर बवाल हुआ था, दलित संगठनों ने पूरे गुजरात में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया था.

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