उना पीड़ितों के इंसाफ के लिए अहमदाबाद से उना तक पद यात्रा करेंगे दलित

गुजरात के दलित उना पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आगामी 5 अगस्त से 15 अगस्त तक अहमदाबाद से उना तक की पदयात्रा करेंगे. “उना दलित अत्याचार लड़क समिति” के बैनर तले आज 31 जुलाई को हुए सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया. अहमदाबाद में उना पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए प्रदेश भर के दलित समाज के लोग आज अहमदाबाद के चानखेड़ा में अचेर डिपो ग्राउंड के पास इकट्ठा हुए थे. सम्मेलन में उना के पीड़ित और पिछले साल थानगढ़ में पुलिस की गोली से मारे गए तीन दलित युवकों के परिवार वाले भी मौजूद थे. सम्मेलन के दौरान प्रदेश के भिन्न स्थानों से 50 हजार से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे.

सम्मेलन में तकरीबन दलित अधिकार के लिए लड़ने वाले तकरीबन 35 संगठनों ने हिस्सा लिया. सम्मेलन में मुस्लिम संगठन के लोग भी दलित समाज के लोगों को समर्थन देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इस दौरान दलित-मुस्लिम भाई-भाई का नारा भी लगा. सम्मेलन में यह तय हुआ कि पदयात्रा के 15 अगस्त को उना में पहुंचने के बाद वहां तिरंगा भी फहराया जाएगा. इस दौरान दलित समाज के लोगों ने सामूहिक प्रतिज्ञा लिया कि वो अब मरे हुए जानवरों को नहीं उठाएंगे. सम्मेलन में सरकार को यह भी हिदायत दी गई कि अगर उनको न्याय नहीं मिला तो वह फिर से प्रशासन को भेंट के रूप में मरे हुए जानवरों का शव देंगे.

आज के सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि पदयात्रा के दौरान भाजपा और कांग्रेस के किसी भी सदस्य को इसमें शामिल नहीं होने दिया जाएगा. सम्मेलन के आयोजकों में जिग्नेश भाई और कौशिक परमार प्रमुख थे. इस दौरान नगरपालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की भी मांग उठाई गई.

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