विदेशी मीडिया ने कोविंद और भाजपा पर कसा तंज

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के कारण भारत के प्रमुख पदों पर हमेशा से विदेशी मीडिया की नजर रही है. समय-समय पर भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के चुने जाने पर विदेशी मीडिया अपनी टिप्पणी करता रहा है. रामनाथ कोविंद के भारत के 14वें राष्ट्रपति चुने जाने पर भी तमाम देशों के अखबारों में लेख लिखे गए हैं. हालांकि ये लेख भाजपा को अखर सकते हैं, क्योंकि तमाम देशों की मीडिया ने भाजपा द्वारा रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने और फिर उनके राष्ट्रपति बनने को भाजपा की साजिश करार दिया है… तो कुछ अखबारों ने इसे दलितों को लुभाने के लिए उठाया गया कदम बताया है.

आइए कुछ अखबारों पर नजर डालते हैं-

ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने यह दावा किया है कि कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाना मोदी का दलितों को लुभाने और दलित समुदाय के बीच राजनीतिक वोट हासिल करने का तरीका है.

अमेरिकी दैनिक The Voice of America का कहना है की “बीजेपी” की एक सोची समझी रणनीति है, जो बार-बार देश के दलित समाज के चेहरों को आगे करके अपनी पहचान चाहती है, जबकि ये पार्टी हिन्दू राष्ट्रवादी एजेंडों पर काम करती है.

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आयरलैंड के अखबार The Irish Times ने लिखा है कि रामनाथ कोविंद भले ही भारत के दूसरे दलित राष्ट्रपति बनने जा रहें हो, लेकिन यह बात भी साफ है कि वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद आरएसएस के साथ अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत की थी जो की समाज में इस्लाम और ईसाई धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का काम करता रहा है. The Irish Times ने भाजपा के इस कदम को उसकी सोची समझी साजिश कहा है.

देखना होगा कि भारतीय मीडिया इन खबरों को कितनी तव्वजो देता है.

1 COMMENT

  1. Kovind should be feel ashamed ,in his speech he mentioned four hindu President but he did not mention KR Narayan name.He did say he belongs to Koli community to make RSS happy but did not say that he belongs to dalit communities.Koli should be removed from dalit caste in UP and merged with BC

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