”संविधान काव्य” का हुआ विमोचन, कविता और दोहे के रूप में पढ़ सकेंगे संविधान

पुडुचेरी। पुडुचेरी के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) सुनील कुमार गौतम ने “संविधान काव्य” नाम की पुस्तक लिखी है. इस पुस्तक में उन्होंने संविधान के सिद्धांतों का सार लिखा है. इस पुस्तक में व्याख्या सहित 238 दोहे हैं जोकि संविधान के अनुच्छेद और नीति-निदेशक सिद्धांत को परिभाषित करते हैं.

पुस्तक विमोचन के अवसर पर लेखक एस.के गौतम ने कहा कि संविधान बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसे हर नागरिक को पढ़ना चाहिए. मैंने इसे साधारण बनाया है ताकि आम आदमी भी पढ़ सके. इसीलिए इसे कविता और दोहे के रूप में तैयार किया है. उन्होंने आगे कहा कि अब लोग कविता के माध्यम से पूरा संविधान जान सकते हैं. प्रत्येक दोहे को संविधान के एक-एक अनुच्छेद से लेकर तैयार किया गया है. डीजीपी ने कहा कि लोगों को उनके अधिकार, उत्तरदायित्व और कर्तव्य के बारे पता होना चाहिए. लोगों को उनके कर्तव्य का समझदारी और उचित रूप में पालन करना चाहिए.

उन्होंने बताया कि “संविधान काव्य” लिखने में उन्हें चार-पांच महीने का समय लगा. लेखक ने इसकी सॉफ्ट कॉपी अपने दोस्तों और सहकर्मियों को दी है, जहां से उन्हें काफी साकारात्मक टिप्पणी मिली है. एस के गौतम इसे अंग्रेजी, तमिल, पंजाबी और बंगाली में अनुवाद करने की योजना बना रहे हैं.

“संविधान काव्य” पुस्तक का प्रकाशन ”न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन” ने किया है. पुस्तक का विमोचन 5 अक्टूबर को पुडुचेरी में हुआ. लेफ्टिनेंट गर्वनर डॉ. किरन बेदी ने पुस्तक का विमोचन किया और पहली पुस्तक मुख्यमंत्री वी नारायनसामी को दी गई. मुख्य सचिव मनोज परिदा भी पुस्तक विमोचन में शामिल हुए. गौतम ने अभी तक आठ पुस्तकें लिखी हैं, जिसमें सबसे प्रमुख है ”टर्न योर चाइल्ड इंटू जिनियस.” यह पुस्तक अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में है. इसके अलावा उन्होंने इंटेलीजेंस, ब्रेन फ्यूल, ट्रीटिंग टेंट्रम्स, द फिलोसफर्स स्टोन और साइंटिफिक स्टडी स्कील्स आदि पुस्तकें लिखी हैं.

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