सवर्ण से नहीं देखा गया दलित का विकास, कर दिया कत्ल

ललितपुर। दलितों की तरक्की लोगों को कभी हजम नहीं होती. शिक्षा हो या व्यापार हर क्षेत्र में दलितों से चिढ़न के सैकड़ो उदहारण है पर अभी ताजा मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर का है. जहां दुकान के सामने वाले व्यापारी ने दलित युवक का अच्छा कारोबार होने के कारण गुस्से में कत्ल कर दिया. गनेश निवासी ग्राम कुष्मांड थाना सौजना ने अपने भाई का शव मिलने की सूचना पुलिस को दी थी. इस संबंध में पुलिस ने मामले को धारा 302,201,120b IPC व 3(2)5 SC/st act में पंजिकृत कर विवेचना प्रारम्भ की. कत्ल का आरोप देव सिंह सहित 4 अज्ञात पर लगा. पुलिस की विवेचना में मुख्य आरोपी देवसिंह के साथ भगवानदास पुत्र प्यारेलाल, किसना पुत्र हरदेव तथा रमला पुत्र रल्ली अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया. हत्या मे प्रयुक्त एक अदद तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस भी बरामदगी की गई.

बता दें की सौजना थाना, ग्राम गौना कुसमाड़ से चढरा की तरफ जाने वाली रोड़ के पास एक कुंआ है. उसमें ग्रामीण की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी थी. सूचना पर सौजना पुलिस ने मौके पर जाकर शव को कुंआ से बाहर निकलवाकर देखा था तो मृतक के शरीर पर गोली का घाव बताया जा रहा था. मृतक की शिनाख्त उसके भाई और उसकी पत्नी काशी बाई ने थनुआ अहिरवार (52 वर्ष) पुत्र फुंदिया निवासी ग्राम कुसमाड के रूप में की थी. पुलिस शव को कब्जे में लेकर जिला मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया और मामले की जांच में जुट गयी. इस सम्बन्ध में ग्रामीणों से पूंछतांछ भी की गई थी. मृतक के भाई ने बताया कि हम सभी लोग अपने घर में बैठे हुए थे. तभी देर शाम लगभग आठ बजे गांव का ही एक व्यक्ति काशीराम पुत्र अजुद्दी उसे यह कहकर बुला ले गया कि तुम्हें भगवान दास ने बुलाया है.

उसके बाद जब वह देर रात तक नहीं आया तब उसकी तलाश की गई मगर अंधेरा होने के कारण उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चला. सुबह सूचना मिली थी उसकी लाश गांव के बाहर जाने वाले एक सड़क के किनारे पड़ी हुई है. गांव के ही एक व्यक्ति शिशुपाल सिंह ने बताया कि जब रात्रि में उसे जिस जगह बुलाया गया तो वहां पर पहले से ही भगवान दास पुत्र प्यारेलाल कृष्णा, राजा पुत्र हरदेव देवी सिंह पुत्र गणेश जी तथा रमला के साथ कुछ और व्यक्ति मौजूद थे. वहीं पर इन लोगों के बीच कोई बात विवाद हुआ होगा और इसी बीच इन लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को छुपाने के लिए उसका सब पास बने एक कुएं में फेंक दिया. बताया गया है कि उसके सीने में एक सुराग था जो शरीर के आर पार था. जिससे अनुमान लगाया जा रहा है की उसे गोली मारी गई है.

ग्रामीणों के अनुसार थानुआ को बुलाकर उसकी हत्या कुछ चिन्हित लोगों ने की है मगर इस हत्या के पीछे का कारण कोई स्पष्ट रुप से नहीं बता पा रहा था. मगर जब इसके संबंध में पुलिस ने गांव की अलग-अलग व्यक्तियों से अलग-अलग पूछताछ की. तब हत्या का कारण स्पष्ट रुप से सामने आया. गांव वालों ने बताया कि दोनों ही व्यक्तियों की दुकानें आमने सामने थी. दुकानदारी को लेकर पहले भी कई विवाद हो चुके थे. जो गांव वालों की मदद से निपटाए गए थे.

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