फिल्मों के महाकुंभ में सिनेप्रेमियों का जमावाड़ा

नई दिल्ली. दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में पिछले पांच दिनों से जारी 8वां जागरण फिल्म फेस्टिवल बुधवार को समापन हो गया, अंतिम दिन फेस्टिवल के दिल्ली चैप्टर का समापन अभिनेता ओमपुरी को श्रद्धांजलि और उनकी आखिरी फिल्म मि. कबाड़ी की स्क्रीनिंग के साथ खत्म हुआ.

उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी पूर्व पत्नी सीमा कपूर, अभिनेत्री सारिका, अभिनेता विनय पाठक समेत दिल्ली के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे. ओमपुरी को श्रद्धासुमन अर्पित करते वक्त सबकी आंखें नम थीं. सीमा कपूर ने भर्राए गले से ओमपुरी को याद किया तो अभिनेता विनय पाठक ने कहा कि जब मन भारी हो, हृदय द्रवित हो तो कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं होता है. विनय के मुताबिक, ओम के निधन के बाद ऐसा लग रहा है कि सिर्फ कला जगत को नहीं बल्कि पूरे देश को क्षति हुई है. सारिका ने ओमपुरी को याद करते हुए उनके साथ किए फिल्मों को याद किया. जेएफएफ के आखिरी दिन बुधवार को सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में तिल रखने की जगह नहीं थी. अपने प्राण त्यागने के लिए काशी पहुंचे 77 साल के बुजुर्ग को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘मुक्ति भवन’ को देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी .

 हॉल भर जाने के बाद कई लोगों ने करीब ढाई घंटे तक जमीन पर बैठकर इस फिल्म को देखा. राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘मुक्ति भवन’ को देखने के लिए हर वर्ग के लोगों में खास जोश और उत्साह था. जब इस फिल्म के मुख्य अभिनेता ललित बहल हॉल में पहुंचे तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

शनिवार से आरंभ हुए इस फेस्टिवल में हर दिन सितारों का मेला लगा था. अभिनेता ऋषि कपूर, मनोज बाजपेयी दिव्या दत्ता, टिस्का चोपड़ा, तनिष्ठा चटर्जी, स्वरा भास्कर, अस्मिता शर्मा, जैसी बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी. दर्शकों से इन सितारों को मिलने और बातचीत का अवसर भी मिला था, औसतन यह फिल्म फेस्टिवल सफल रहा.

 

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