गाय की खाल निकालना सही तो गोमांस खाना गलत कैसे :चेतन भगत

मुबंई। झारखंड में 29 जून को गौ मांस ले जाने के शक में एक मुस्लिम शख्स की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. लगातार हो रही घटना से आहत हो कर मशहूर लेखक चेतन भगत ने तथाकथित गोरक्षकों पर अपनी बात रखी है और सवाल उठाया है. चेतन भगत ने उन लोगों से पूछा है कि क्या वे लोग अपनी जान भी लेंगे, क्योंकि वे भी तो गाय के चमड़े से बने जूते पहनते हैं.

दरअसल गुरुवार को प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से कहा कि गोरक्षा के नाम पर जो हिंसा हो रही है वह पूर्णत गलत है और ऐसा करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा. प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद कुछ घंटों के अंदर ही झारखंड के रामगढ़ जिले में अलीमुद्दीन नाम के व्यक्ति को अपनी मारुती वैन में बीफ ले जाने के शक में भीड़ी ने पीट-पीट कर मार डाला.

पुलिस के मुताबिक अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में ‘प्रतिबंधित मांस’ ले जा रहा था. सूत्रों ने कहा कि लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में उसे रोका और उस पर बेरहमी से हमला किया. उसकी वैन को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिसकर्मियों ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

इस घटना पर चेतन भगत ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया. चेतन भगत ने अपने ट्वीट में लिखा- क्या बीफ के नाम पर किसी की भी जान ले लेने वाले खुद की भी जान लेंगे, क्योंकि वो भी तो गाय के चमड़े के बने जूते पहनते हैं. या ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि गाय की खाल उधेड़ना तो ठीक है लेकिन उसका मांस खाना गलत.

आपको बता दें कि झारखंड की इस घटना से पूरे देश में आक्रोश का माहौल है. गौ रक्षा के नाम पर बार-बार हो रही घटनाओं से देश का बड़ा तबका आहत है जो देश में असुरक्षा को माहौल महसूस कर रहा है. विपक्षी पार्टियों का कहना है की भाजपा सरकार जब से बनी है तब से देश में अराजकता का माहौल है.

 इस खबर का संपादन नागमणि कुमार शर्मा ने किया है.

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