पैंट-शर्ट पहना तो महिला कैसे हुई?

नई दिल्ली: नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ इन दिनों अपने बोल्ड कंटेंट की वजह से सुर्खियों में हैं. सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर अपने हाथ खुलकर खोल दिए और उसमें 48 कट लगाने की सलाह दे डाली. यही नहीं, इन कट्स के साथ भी फिल्म को ए सर्टिफिकेट देने की बात कही. बात इतनी ही रहती तो ठीक थी, लेकिन उस समय सेंसर बोर्ड के सदस्यों ने सारी हदें लांघ दी जब फिल्म की प्रोड्यूसर किरन श्रॉफ से सेंसर बोर्ड की एक सदस्य ने कहा कि आप एक औरत होकर इस तरह की फिल्म कैसे बना सकती हैं.

इस बात की जानकारी बुधवार को मुंबई में फिल्म और टीवी डायरेक्टरों के संगठन आईएफटीडीए की बैठक में ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ की टीम ने दी. यह बैठक सेंसर बोर्ड का विरोध करने के लिए की गई थी. इसमें फिल्म के अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी मौजूद थे. फिल्म के डायरेक्टर कुषाण नंदी ने कहा कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने उन्हें फिल्म को बैन करने की धमकी तक दी थी.

उधर, किरण श्रॉफ ने आरोप लगाया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद पैनल के दो सदस्यों ने उनके साथ बदतमीजी की. एक महिला सदस्य ने उनसे पूछा कि तुम महिला होकर इस तरह की फिल्म कैसे बना सकती हो. तभी एक दूसरे सदस्य ने उनसे कहा कि ये तो पैंट कमीज पहने हुए हैं, महिला कैसे हो सकती हैं.

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