तृप्ति देसाई ने दिखाया जातीय अहम

महाराष्ट्र। सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई गंभीर विवादों में फंस गयी हैं. इन्होनें महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर और हाजी अली दरगाह में महिलाओं को प्रवेश दिलाया था. पर अब उन पर दलित सामाजिक कार्यकर्ता का उत्पीड़न करने का मामला सामने आया है. तृप्ति देसाई और उनके पति पर एक दलित कार्यकर्ता ने लूटपाट, मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है. जिसमें पुणे की हिंजवाड़ी पुलिस ने तृप्ति समेत 6 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.

हिंजवाड़ी पुलिस ने बताया की 27 जून की सुबह विजय मकासरे नाम का व्यक्ति अपनी कार से कहीं जाने के लिए निकला था. इसी दौरान तृप्ति देसाई, उनके पति प्रशांत देसाई, सतीश देसाई समेत 6 लोगों ने विजय की कार का रास्ता रोका और डंडे और रॉड से उसकी पिटाई करना शुरू कर दी. पुलिस को दी शिकायत में विजय ने बताया कि प्रशांत देसाई ने उनके गले से सोने की चेन खींच ली और उनके पास रखे 27 हजार रुपये भी लूट लिए.

पीड़ित विजय ने बताया की तृप्ति ने अपने पद भूमाता ब्रिगेड अध्यक्ष की धमकी देते हुए कि तुम मुझे जानते नहीं हो, अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो वह उसे झूठे मुकदमे में फंसा देगी. साथ ही तृप्ति ने विजय पर जातिसूचक टिप्पणी भी की. केस दर्ज होने के बाद तृप्ति देसाई ने इन आरोपों का खंडन किया. उन्होंने सभी आरोपों को झूठा करार देते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया. पुलिस ने तृप्ति, उनके पति प्रशांत देसाई समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

 

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