भाजपा का दलित विरोधी चेहरा सामने लाएंगी मायावती

लखनऊ। मायावती राज्यसभा में शब्बीरपुर हिंसा के बारे में खुद को बोलने का वक्त नहीं मिलने पर चुप बैठने के मूड में नहीं हैं. बसपा इस मुद्दे पर डट कर अपने बात रखेगी और केंद्र सरकर का दलितों के प्रति यह रवैया पूरे देश की जनता को दिखाएगी. राज्यसभा सदस्य के रूप में 20 जुलाई को इस्तीफा स्वीकार होने के बाद बसपा प्रमुख मायावती अब अगले कदम पर विचार करेंगी. इसके लिए वह 23 जुलाई को नई दिल्ली में पार्टी के नेताओं के साथ रणनीति तैयार करेंगी.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 23 जुलाई को पार्टी के राज्यसभा सांसदों, विधायकों, जोन इंचार्ज, जिलाध्यक्ष सहित पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब किया है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय स्तर की इस बैठक में मायावती आगामी रणनीति तय करेगी. दलितों के मुद्दे पर राज्यसभा में बात रखने का मौका न मिलने से नाराज बसपा प्रमुख ने पिछले दिनों अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. कल इस्तीफा स्वीकार होने के बाद मायावती ने दिल्ली में ही रविवार को उत्तर प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है.

यहां क्लिक कर देखिए वीडियो में क्या कहा मायावती ने

सूत्रों का कहना है दलितों के मुद्दे पर बसपा प्रमुख द्वारा इस्तीफा देने की बात को अब गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है. बसपा प्रमुख ने राज्यसभा में जो बोला उसे सोशल मीडिया आदि पर वीडियो के जरिए दलितों के बीच पहुंचाकर यह संदेश देने की कोशिश है कि मायावती ही उनकी सच्ची हितैषी हैं. दलितों की लड़ाई लडऩे के लिए बसपा प्रमुख ने अपने पद की परवाह नहीं की.

दलित हित में सांसदी कुर्बान करने की छवि को उभारने के लिए पार्टी सड़कों पर भी संघर्ष करेगी. 23 जुलाई को दिल्ली में आहूत बैठक में इसकी रणनीति तैयार की जाएगी. आंदोलन से आमतौर पर दूर रहने वाली बसपा बदले हालात में संघर्ष की राह पकड़ती दिख रही है. विधानसभा में भी बसपा आक्रामक तेवर अपनाए हुए है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here