1200 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज, CO सहित तीन अफसर सस्पेंड

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वाराणसी। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में शनिवार रात छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दे दिए हैं. इस मामले में पुलिस ने करीब 1200 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. लंका थाने के एसओ राजीव सिंह को लाइन हाज़िर किया गया है. भेलूपुर इलाके के सीओ निवेश कटियार और एक एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को हटाया गया है. इस बीच कई छात्राएं बीएचयू और वाराणसी के दूसरे कॉलेजों से जाने लगी हैं, हालांकि दशहरे की छुट्टी भी होने ही वाली थीं, लेकिन इससे पहले ही छात्राएं जा रही हैं.

पहले छुट्टी 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होने वाली थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार से छुट्टी का ऐलान कर दिया है. इस बीच रविवार को भी कैंपस में गहमागहमी रही, छात्रों ने शांति मार्च निकाने की कोशिश की, पुलिस ने रोक दिया. वहीं यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने शांति बहाली के लिए जुलूस निकाला. इधर- समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज छात्राओं से मिलने बीएचयू जा रहा है. रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी वाराणसी पहुंचते थे लेकिन छात्राओं से मिलने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.

पिछले तीन दिनों से बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी कैंपस में तनाव भरा माहौल है. कैंपस के अंदर एक लड़की के साथ छेड़खानी होने के बाद कुछ छात्राएं इसका विरोध करते हुए अनशन बैठ गईं और अपनी कुछ मांगें कुलपति के सामने रखी थी. शनिवार देर रात पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज किया गया जिसमें कई छात्रों को चोट आई है. दरअसल मामला यह है कि गुरुवार की शाम 7 बजे के करीब जब एक छात्रा अपने हॉस्टल की ओर जा रही थी तब कुछ लड़कों ने उस के साथ छेड़खानी की. छात्रा ने मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई मदद करने के लिए नहीं आया. छात्रा का कहना था कि थोड़ी ही दूर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को इस छेड़खानी से बचाने के लिए कुछ नहीं किया. इस घटना के थोड़ी देर बाद कुछ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में धरना पर बैठ गईं. अगले दिन इन छात्राओं ने लंका गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया. पिछले तीन दिनों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था. शनिवार रात को जब वे कुलपति से मिलने के लिए निकलीं तब उनके ऊपर लाठी चार्ज हुआ.

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