बीबीएयू में सुरक्षित नहीं है दलित छात्र, हुई गला दबाकर मारने की कोशिश!

0
2087

लखनऊ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय(बीबीएयू)  के खेल संयोजक मनोज धधवाल पर एक दलित छात्र ने गला दबाकर जान से मारने का आरोप लगाया है. दलित छात्रों का कहना है कि कुछ दिनों पहले बीबीएयू में गलत तरीके से 8 दलित छात्रों को निष्कासित किए जाने के बाद लगातार प्रदर्शन से बौखलाए खेल संयोजक ने जान से मारने की कोशिश की. घटना के विरोध में और निष्कासन वापस कराने के लिए विश्वविद्यालय के गेट पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति और छात्रों ने विशाल धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के आगे बीबीएयू प्रशासन ने घुटने टेके और कुलपति के निर्देश पर प्रोफेसर आर.वी. राम ने गेट पर आकर संघर्ष समिति और छात्रों ज्ञापन लिया.

कुलपति की तरफ से प्राक्टर रामचन्द्र ने आश्वासन दिया है कि 3-4 दिन में दलित छात्रों को न्याय मिलेगा. उन्होंने संघर्ष समिति से कहा कि निष्कासन वापसी का मामला अन्तिम चरण में और जल्द ही निष्कासन वापसी होगा. आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि अगर न्याय नही मिला तो एचआरडी मंत्रालय सहित भाजपा के मंत्रियों का घेराव किया जाएगा और बीबीएयू के छात्र चक्का जाम करेंगे. आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों ने प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए यह ऐलान किया कि कुलपति द्वारा दिये गये आश्वासन के अनुसार यदि जल्द ही निष्कासन वापस न हुआ तो बीबीएयू विश्वविद्यालय में फिर से बड़ा प्रदर्शन किया जायेगा और जरूरत पड़ी तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय का भी व्यापक घेराव किया जाएगा.

गौरतलब है कि बीबीएयू में कुलपति से दो पक्षीय वार्ता के बाद भी अभी तक दलित छात्रों को न्याय नहीं दिया गया, जबकि कुलपति द्वारा आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति को यह आश्वासन दिया गया था कि 20 सितम्बर तक सभी दलित छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया जायेगा. सभी निष्कासित दलित छात्रों अजय कुमार, श्रेयात बौद्ध, संदीप शास्त्री, संदीप गौतम, रामेन्द्र नरेश, जय सिंह, अश्वनी रंजन व सुमित कुमार ने भी आंदोलन में भाग लिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here