छत्तीसगढ़ः नाई समाज ने किया सवर्णों का बहिष्कार

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अब तक हम यह खबर पढ़ते-सुनते आ रहे हैं कि सवर्णों ने दलितों का बहिष्कार कर दिया है. लेकिन एक खबर ऐसी आई है जिसने यह साबित किया है कि अगर कमजोर जातियों के बीच एकता हो जाए तो मनुवादी गुंडों को भी नाकों चने चबवा सकती है. घटना छत्तीसगढ़ की है. छत्तीसढ़ राज्य में एक गांव है हीरापुर. इस गांव के नाई समाज के लोगों ने सवर्णों का ही बहिष्कार कर दिया है. इस घटना से पूरे गांव के सवर्णों को करारा जवाब मिला है.

मामला असल में छह महीने पुराना है. गांव के दो नाबालिग लड़कों का आपस में झगड़ा हो गया. दोनों लड़के अलग-अलग समुदाय के थे. इसमें नाई समाज का भी लड़का शामिल था. इस मामले ने काफी तूल पकड़ा. नाई समाज के लोगों को इंसाफ नहीं मिला तो उन्होंने बदला लेने का दूसरा तरीका निकाल लिया. असल में मामला हल होता नहीं देख नाई समाज के लोगों ने सवर्ण समाज के लोगों के बाल काटने बंद कर दिए और उनका बहिष्कार कर दिया. इससे सवर्णों में खलबली मच गई. पहले तो नाई समाज के लोगों को दबाने और डराने की कोशिश की गई, लेकिन सारा नाई समाज एक-दूसरे का हाथ थामे एकजुट खड़ा हो गया.

हीरागांव के समर्थन में पड़ोस के परसुदा और खुरथुली के लोग भी आ गए. आखिरकार जातिवादी गुंडों की एक ना चली. आलम यह है कि अब यहां के सवर्ण अब खुद ही एक-दूसरे के दाढी बाल काटते हैं. यहां तक कि पिछले दिनों सवर्ण समाज के घर में मृत्यु होने के बावजूद हिन्दू रीति के मुताबिक दसवें दिन बाल काटने के लिए भी नाई समाज के लोग नहीं पहुंचे और सवर्ण समाज के लोगों को आपस में ही यह विधि करनी पड़ी.

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