हाफिज सईद की रिहाई से नाखुश है अमेरिका

लाहौर। लाहौर हाईकोर्ट ने 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद की 297 दिनों से चली आ रही नजरबंदी को खत्म करने का आदेश दिया है. उसके कहीं भी आने-जाने पर लगा प्रतिबंध भी हटा दिया गया है. ऐसे में हाफिज सईद गुरुवार को ही रिहा हो सकता है. अमेरिका ने इस फैसले का विरोध किया है. ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका दोनों ने ही जब हाफिज सईद को आतंकी घोषित कर रखा है, तब भी उसे बाहर आने की अनुमति देना हैरान करने वाला है. गौरतलब है कि प्रतिबंधित जमात के सरगना के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर (करीब 65 करोड़ रुपये) का इनाम रखा है.

अमेरिका के विदेश मामले की प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि हाफिज को विशेष रूप से अधिशासी आदेश संख्या 13224 के तहत वैश्विक आतंकी घोषित किया गया है. इसी तरह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव यूएनएससीआर 1267 के तहत मुंबई हमले के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया गया था. ऐसे में हाफिज की नजरबंदी खत्म करने का फैसला समझ से परे है. इतना ही नहीं, भारत ने भी पाकिस्तान को मुंबई हमले की फिर से जांच के लिए कई बार कहा है. साथ ही हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी के खिलाफ भारत के दिए सुबूतों पर कोर्ट में सुनवाई कराने की मांग की हुई है. हाफिज सईद इसी साल जनवरी से घर में नजरबंद था.

पाकिस्तान के पंजाब सरकार की नजरबंदी और तीन महीने बढ़ाने की याचिका को बुधवार को पंजाब के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने खारिज कर दिया. लाहौर हाईकोर्ट के जजों वाले बोर्ड ने पिछली बार बढ़ाई गई 30 दिनों की नजरबंदी पूरी होने पर सईद को रिहा करने का आदेश दिया है. बोर्ड की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस अब्दुल समी खान ने कहा कि हाफिज सईद अगर किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो सरकार उसे रिहा कर दे. अगर पंजाब सरकार ने जल्द ही उसे किसी अन्य मामले में बंदी नहीं बनाया तो वह गुरुवार से ही पाकिस्तान में आजाद घूमेगा.

सईद के वकील एके डोगर ने बताया कि वह गुरुवार को ही नजरबंदी से आजाद हो जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि हाफिज सईद को गलत तरीके से 297 दिनों तक नजरबंद रखा गया. हाफिज ने हमेशा पाकिस्तान के लिए काम किया, लेकिन पाकिस्तान सरकार उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं जुटा पाई. हालांकि पाकिस्तानी न्यायिक बोर्ड के फैसले से पहले केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने भी सईद की नजरबंदी को सही साबित करने के लिए कुछ अहम सुबूत पेश किए. लेकिन बोर्ड इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय होगा नाराज अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नाराजगी की बात कहते हुए पाक की पंजाब सरकार ने मंगलवार को हाफिज की नजरबंदी को और तीन महीने जारी रखने की न्यायिक समीक्षा बोर्ड से इजाजत मांगी थी. सईद के खिलाफ अहम सुबूत पंजाब के गृह मंत्रालय ने कहा है कि अगर हाफिज सईद को अभी रिहा किया तो पाकिस्तान पर कई तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग जाएंगे. मंत्रालय ने बताया कि हाफिज सईद को खुफिया जांच के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि हमारे पास हाफिज सईद के खिलाफ कुछ महत्वपूर्ण सुबूत हैं, जो उसकी नजरबंदी को जायज ठहराते हैं.

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