मायावती की भाजपा को खुली चुनौती

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नई दिल्ली। ऐसा काफी लंबे वक्त बात हुआ जब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भाजपा को खुली चुनौती दे डाली. पिछले कुछ सालों में भाजपा पर सबसे बड़ा हमला करते हुए मायावती ने जहां भाजपा नेताओं की कलई खोल दी तो अखिलेश यादव के साथ आई नजदीकियों को खुल कर स्वीकारा. राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शनिवार को बसपा प्रमुख पूरे तेवर में दिखीं. चुनावों में भाजपा के तिकड़म से भड़की बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा पर एक के बाद एक हमला किया. हम आपको बिना कांट छांट वह बताते हैं, जो मायावती ने कहा.

हमला नंबर-1

मायावती ने कहा कि- बीजेपी को दिन में तारे दिखाने वाले गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के सनसनीखेज़ व धमाकेदार परिणाम पर से लोगों का ध्यान बांटने के लिये ही बीजेपी ने उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग तथा भय व आतंक फैलाकर नौवीं सीट पर धन्नासेठ को अपनी आदत के हिसाब से जिताया, लेकिन इससे इनके दामन पर उपचुनाव के करारी व शर्मनाक हार का धब्बा मिटने वाला नहीं है.

हमला नंबर-2

मायावती ने कहा कि राज्यसभा के इस चुनाव में आपसी तालमेल के कारण कांग्रेस पार्टी के 7 और समाजवादी पार्टी के भी 7 विधायकों के वोट देने के लिये इनका दिल से आभार प्रकट. लेकिन राष्ट्रीय लोकदल का वोट बी.एस.पी. को नहीं मिला. बसपा प्रमुख ने उन सभी विधायको का भी अभार जताया जो सरकारी आतंक के आगे नहीं झूके.

हमला नंबर-3

राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी के षड़यन्त्रों को धूल चटाई जा सकती थी, यदि सपा मुखिया कुण्डा के राजा भैया, जिसे बीजेपी के लोग ही ’कुण्डा का गुण्डा’ कहकर पुकारते थे जिसको मेरी सरकार ने ठीक लाईन पर लाकर खड़ा कर दिया था, के झूठे व फरेब वाले मकड़जाल में नहीं फंसते.

हमला नंबर- 4

अपने प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने जो सबसे बड़ी घोषणा सपा को लेकर की. उन्होंने साफ-साफ कहा कि राज्यसभा का जो नतीजा आया है उससे सपा व बी.एस.पी. की आयी नज़दीकी में तिलभर भी असर पड़ने वाला नहीं है. बल्कि अब आगे चलकर बीजेपी का यह षड़यन्त्र इनको और भी ज्यादा मंहगा पड़ने वाला है।

हमला नंबर-5

जबसे सपा-बसपा की थोड़ी नजदीकी बऩी है, तबसे बीजेपी वाले इसे तोड़ने के लिए काफी ज्यादा अर्नगल व अमर्यादित बयानबाजी करने लगे हैं जो इनकी बी.एस.पी. व सपा के प्रति हीन, जातिवादी, संकीर्ण, व विद्वेष पूर्ण व सामंती मानसिकता को दर्शाता है,जिसका डट कर मुकाबला किया जायेगा।

हमला नंबर-6

बीजेपी ने सन 1997 व 2002 में बी.एस.पी. के साथ मिलकर गठबन्धन की सरकार उत्तर प्रदेश में बनाई थी तब बी.एस.पी. बहुत अच्छी, लेकिन किसी अन्य पार्टी के साथ तालमेल व आपसी सहयोग करे तो यह पार्टी बहुत बुरी है. इनकी ऐसी दोग़ली मानसिकता व दोहरा मापदण्ड क्यों है?

हमला नंबर-7

जिस सवाल का जवाब सभी ढूंढ़ रहे थे, मायावती ने उस पर भी खुलकर बोला. स्टेट गेस्ट हाउस कांड और अखिलेश यादव के साथ संबंधों पर मायावती ने अपना रुख साफ कर दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि- बी.एस.पी. के खिलाफ अपने अन्ध-विरोध में बीजेपी के नेतागण यह भी भूल गये कि दिनांक 2 जून सन् 1995 को जब लखनऊ में स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड हुआ था तब सपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव का राजनीति से दूर-दूर तक का कुछ भी वास्ता नहीं था. ऐसे में फिर उस घृणित व कभी भी ना भुलाये जाने वाले स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड के लिये श्री अखिलेश यादव को क्या जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत व उचित होगा.

हमला नंबर-8

बीजेपी वाले अपनी उस करतूत को जनता के सामने क्यों नहीं बताते हैं कि जिस पुलिस अधिकारी की मौजूदगी व सीधे संरक्षण में तत्कालीन सपा सरकार द्वारा स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड कराया गया था, उसी पुलिस अधिकारी को बीजेपी की श्री योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश का पुलिस प्रमुख अर्थात् डी.जी.पी. बनाया हुआ है. यह सब हमारे लोगों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा नहीं तो और क्या है.

हमला नंबर-9

बीजेपी व आर.एस.एस. एण्ड कम्पनी के लोग वास्तव में आज भी पूरे देश में दलितों,पिछड़ों मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति उसी हीन, जातिवादी व सामंती मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं जैसा कि इनके बुजुर्गो ने सदियों तक यहां किया है, परन्तु अब ये हमारे लोग ज्यादा दिन तक बर्दाश्त करने वाले नहीं है. इसलिए अब बीजेपी एण्ड कम्पनी के लोगों को अपनी ऐसी गंदी, सस्ती व ओछी राजनीति करने से बाज़ आना चाहिये वरना इस बार जनता उन्हें 14 वर्ष के लिये नहीं बल्कि पूरी तरह से आजीवन बनवास पर ही भेज देगी.

हमला नंबर-10

अति दलितों और अति पिछड़ों को अलग आरक्षण देकर राजनैतिक चाल चलने के भाजपा के इरादे पर भी बसपा प्रमुख ने पानी फेर दिया. उन्होंने कहा कि सपा-बसपा की नजदीकी से घबराकर अब बीजेपी के लोग उत्तर प्रदेश के अति-दलितों व अति-पिछड़ों को पूर्व में दिये गये आरक्षण में से कुछ अलग से आरक्षण देने की जो बात शुरु की है इससे हमारी पार्टी को कोई भी ऐतराज़ नहीं है बल्कि यदि इनकी सरकार ऐसा कोई भी कदम उठाती है तो फिर हमारी पार्टी इसका पूरे तहेदिल से स्वागत ही करेगी.

इस पूरे प्रेस कांफ्रेंस की जो सबसे खास बात रही, वह यह है कि इसमें यह साफ हो गया है कि सपा और बसपा 2019 में गठबंधन को लेकर काफी गंभीर हैं. इस पर विशेष तौर पर चर्चा करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि- बी.एस.पी. व सपा की इस कारगर रणनीति का पूरे देशभर में हर स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इसका व्यापक स्वागत भी किया गया है.

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