बहनजी ने यूं किया अटलजी को याद

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अटल जी के साथ बसपा संस्थापक मा. कांशीरामजी और बसपा प्रमुख मायावती (फोटोः इंडियन एक्स्प्रेस)

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वाजपेयी अनेक मौकों पर पार्टी हित से ऊपर उठकर समाज व देशहित में काम करने वाले नेताओं में से एक थे.

सुश्री मायावती ने कहा- “वे देश के एक ऐसे नेता थे जो भारतीय जनसंघ व बाद में इसके नए अवतार बीजेपी में रहने के बावजूद व्यापक स्तर पर सम्मान की दृष्टि से देखे जाते थे. उन्होंने पार्टी व सरका में रहते हुए अनेक मौकों पर पार्टी हित से ऊपर उठकर समाज व देश की भलाई के लिए काम करने का प्रयास किया.”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि मन के श्री वाजपेयी काफी प्रतिभावान व धनी व्यक्तित्व के मालिक थे. उनके बारे में कहा जाता था कि वे सही सोच वाले गलत पार्टी के नेता थे. बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के सांसद, केंद्रीय मंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में भी उनके अमूल्य योगदान को लोग लगातार याद करते रहे हैं और आगे भी उन्हें इसके लिए याद करते रहेंगे.

पूर्व प्रधानमंत्री के पिछले कई सालों से सक्रिय राजनीति से दूर रहने का जिक्र करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि अगर वे स्वस्थ्य रहते तो भाजपा शायद कभी इतनी जनविरोधी, संकीर्ण, संकुचित, अहंकारी व विद्वेषपूर्ण नीति वाली पार्टी नहीं हो सकती थी जितनी की आज हर तरफ नजर आती है और जिससे देश में हर तरफ शांति व सद्भाव के बजाय हिंसा व अफरातफरी का माहौल है. इसलिए भी उन्हें व उनके कार्यकाल को लोग और भी ज्यादा याद करते रहे और आगे भी उन्हें इसलिए याद रखा जाएगा.

गौरतलब है कि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने कल (16 अगस्त) पूर्व प्रधानमंत्री को देखने और हाल जानने के लिए एम्स भी पहुंची थी.

अशोक दास

अशोक दास

बुद्ध भूमि बिहार के छपरा जिले का मूलनिवासी हूं।गोपालगंज कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (आनर्स) करने के बाद सन् 2005-06 में देश के सर्वोच्च मीडिया संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान, जेएनयू कैंपस दिल्ली’ (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा। 2006 से मीडिया में सक्रिय। लोकमत, अमर उजाला, भड़ास4मीडिया और देशोन्नति (नागपुर) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। पांच साल तक कांग्रेस, भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दलों, विभिन्न मंत्रालयों और पार्लियामेंट की रिपोर्टिंग की।
'दलित दस्तक' मासिक पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक। मई 2012 से लगातार पत्रिका का प्रकाशन। जून 2017 से दलित दस्तक के वेब चैनल (www.youtube.com/c/dalitdastak) की शुरुआत।
अशोक दास

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