क्या भाजपा की चाल है, फिल्म ‘ The Accidental Prime Minister’

0
465

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर बनी फिल्म ‘The Accidental Prime Minister’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. रिलीज होने के बाद ही फिल्म विवादों में है. कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता जहां फिल्म को लेकर आपत्ति जता रहे हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी फिल्म को प्रोमोट करने में जुट गई है. भाजपा के उत्साह का आलम यह है कि उसने इस फिल्म के ट्रेलर को अपनी पार्टी के ट्विटर हैंडल से ट्विट भी किया है.

यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की लिखी किताब ‘The Accidental Prime Minister’ पर आधारित है. संजय बारू मई 2004 से अगस्त 2008 तक प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे थे. यहां से इस्तीफा देने के बाद 2014 में उन्होंने यह किताब लिखी थी. इस किताब के सामने आने के वक्त भी हंगामा हुआ था, जो कि फिल्म की रिलीज के बाद एक बार फिर उभर आया है.

हालांकि पहले यह किताब आने और अब 2019 चुनाव के ठीक पहले इस पर बनी फिल्म के रिलीज होने पर सवाल उठना लाजिमी है. दरअसल ट्रेलर में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि मनमोहन सिंह गांधी परिवार की कठपुतली थे. ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म के जरिए गांधी परिवार खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया है.

यहां एक तथ्य यह भी है कि सिर्फ मनमोहन सिंह ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में कई अन्य भी ‘Accidental Prime Minister’ हुए हैं. इसमें चौधरी चरण सिंह, इंद्रकुमार गुजराल, चंद्रशेखर और एच.डी देवेगौड़ा का नाम लिया जा सकता है. चौधरी चरण सिंह की बात करें तो वो 28 जुलाई 1979 को प्रधानमंत्री बने. उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 20 अगस्त तक का टाइम दिया गया था लेकिन कांग्रेस ने 19 अगस्त को उनसे समर्थन वापस ले लिया और उनकी सरकार गिर गई.

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर भी एक अनोखे घटनाक्रम में साल 1990 में प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे. चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 को देश के प्रधानमंत्री बने और उन्हें 21 जून 1991 को इस्तीफा देना पड़ा. वह सिर्फ छह महीने ही प्रधानंत्री के पद पर रह पाएं. इंद्र कुमार गुजराल के बारे में तो कहा जाता है कि उन्हें सुबह जगाकर बताया गया कि उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनना है. ऐसे में सिर्फ डॉ. मनमोहन सिंह को एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर कहना गलत है.

यह फिल्म 11 जनवरी 2019 को रिलीज होगी. इस फिल्म में डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अनुपम खेर की बात करें तो उनके बयान और प्रतिबद्धता भारतीय जनता पार्टी के करीब दिखती है. उनकी पत्नी किरण खेर भी भाजपा की सांसद हैं. ऐसे में एक सवाल यह भी उठता है कि क्या इस फिल्म को सबने साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी और इसके प्रमुख नेता सोनिया एवं राहुल गांधी को घेरने के लिए बनाया है? ताकि 2019 के चुनाव में भाजपा और मोदी को इसका लाभ मिल सके.

Read it also-संकट में बहुजन राजनीति

अशोक दास

अशोक दास

बुद्ध भूमि बिहार के छपरा जिले का मूलनिवासी हूं।गोपालगंज कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक (आनर्स) करने के बाद सन् 2005-06 में देश के सर्वोच्च मीडिया संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान, जेएनयू कैंपस दिल्ली’ (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा। 2006 से मीडिया में सक्रिय। लोकमत, अमर उजाला, भड़ास4मीडिया और देशोन्नति (नागपुर) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। पांच साल तक कांग्रेस, भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दलों, विभिन्न मंत्रालयों और पार्लियामेंट की रिपोर्टिंग की।
'दलित दस्तक' मासिक पत्रिका के संस्थापक एवं संपादक। मई 2012 से लगातार पत्रिका का प्रकाशन। जून 2017 से दलित दस्तक के वेब चैनल (www.youtube.com/c/dalitdastak) की शुरुआत।
अशोक दास

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.