अंडर 19 वर्ल्डकपः भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर किया विश्वकप पर कब्जा

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नई दिल्ली। अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हरा कर भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया.इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जेसन सांघा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया. भारतीय गेंदबाज़ों के दमदार प्रदर्शन के चलते ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 47.2 ओवर में ही 216 रन पर सिमट गई. 217 रन की चुनौती का पीछा करते हुए भारत ने 38.5 ओवर में सिर्फ 02 विकेट खोकर ही लक्ष्य को हांसिल कर लिया

भारत ने सधी हुई गेंदबाजी करते हुए सब से पहले को ब्रयांट 14 रन के निजी स्कोर पर तेज़़ गेंदबाज़ ईशान पोरेल की गेंद पर अभिषेक शर्मा के हाथों कैच आउट किया. इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज एडवर्ड भी 28 रन के निजी स्कोर पर पोरेल का शिकार बने. तीसरा विकेट कप्तान जेसन सांघा (13 रन) का गिरा, जिन्हें नागरकोटी की गेंद पर देसाई ने कैच आउट किया. इसके बाद जे. मर्लो और पी. उप्पल ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन उप्पल 34 रन के स्कोर पर रॉय की गेंद पर उन्हीं को कैच दे बैठे. 23 रन बनाकर मैकस्वीनी स्पिनर शिवा के हाथों कॉट एंड बोल्ड आउट हो गए और भारत को मिली पांचवीं सफलता. इसके बाद अपने अगले ओवर में शिवा ने विकेटकीपर देसाई के हाथों कैच आउट करवा कर विल सदरलैंड को पवेलियन भेज दिया. इसके बाद 76 रन पर खेल रहे मर्लो ने रॉय की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद गई शिवा सिंह के हाथों में और भारत को मिली सातवीं सफलता. अगले ही ओवर की पहली ही गेंद पर नगरकोटी ने इवांस (01) को बोल्ड कर दिया. 13 रन पर खेल रहे होल्ट रन आउट हो गए और भारत को मिली नौवीं सफलता. शिवम मावी ने रेयान हेडली (01) को विकेटकीपर देसाई के हाथों कैच आउट करवाकर कंगारुओं की पारी को समेट दिया.

217 रन की चुनौती का पीछा करते हुए, भारतीय ओपनर पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत देते हुए मात्र  11.4 ओवरों में 71 बनाए, पृथ्वी शॉ के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा जिन्होंने ने अपनी 29 रनो की पारी में 41 गेंदें  खेली और 4 चौके लगाए। भारत का दूसरा विकेट शुभम गिल के रूप में गिरा जिन्होंने 30 गेंदों का सामना कर 4 चौकों की सहायता से 31 रन बनाए, भारतीय ओपनर नवजोत कालरा ने नाबाद रहते हुए 102 गेंदों ने 8 चौकों और 3 छक्कों की सहायता  से 101 रन बनाए और वहीँ हार्विक देसाई ने विजयी चौका जड़ते हुए 61 गेंदों में 5 चौकों की सहायता से नाबाद 47 रनो की पारी खेली

हम आपको यह भी बताना चाहते है के विश्व क्रिकेट ये चौथा मौका रहा जब भारतीय टीम ने अंडर 19 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई. भारतीय टीम अब इस खिताब को सबसे ज़्यादा बार जीतने वाली टीम भी बन गई है. 2018 से पहले भारत ने मुहम्मद कैफ (2002), विराट कोहली (2008) और उन्मुक्त चंद (2012) की कप्तानी मे ये खिताब अपने नाम किया था. भारत क बाद सबसे ज़्यादा बार अंडर 19 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जीता है. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने तीन बार इस ट्रॉफी को उठाया है. ऑस्ट्रेलिया ने 1988, 2002 और 2010 में विश्व कप खिताब जीता था.

अंडर 19 विश्व कप के इतिहास में टीम इंडिया सबसे ज़्यादा फाइनल खेलने वाली टीम बन गई है. भारतीय टीम ने 6 बार अंडर 19 विश्व कप का फाइनल खेला है. 2002, 2006, 2008, 2012, 2016 और 2018 में इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय किया है. भारत ने 2000, 2008, 2012 और 2018 में ये खिताब अपने नाम किया. 2006 और 2016 में टीम इंडिया फाइनल में तो पहुंची थी, लेकिन वो इस ट्रॉफी को नहीं उठा पाई थी. भारत को बाद पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा बार खिताबी मुकाबले खेले हैं. इन दोनों टीमों ने पांच-पांच बार अंडर 19 विश्व कप फाइनल में शिरकत की है.

 

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