यूपी उपचुनाव में बहुजनवाद की जीत, गोरखपुर में सीएम योगी का सारा दांव फेल

गोरखपुर। गोरखपुर में सपा बसपा समर्थित उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने भाजपा उम्मीदवार उपेंद्र दत्त शुक्ला को 21,961 वोटों से हरा दिया है तो वहीं फूलपुर में सपा प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह पटेल ने भाजपा उम्मीदवार कौशलेन्द्र सिंह पटेल को 59,613 वोटों से हराया. उपचुनाव में मिली इस हार को भाजपा पचा नहीं पा रही है. भाजपा के लिए हार से बड़ा सदमा यह है कि वह वोटो की गिनती शुरू के बाद सिर्फ एक राउंड के अलावा बढ़त नहीं बना सकी. भाजपा दोनों ही सीटों पर लगातार पिछड़ती दिखी. वोटों की गिनती शुरू होने के बाद 12 बजे ही दोनों सीटों पर उलटफेर साफ दिखने लगा था. फूलपुर में शाम चार बजे तक भाजपा की हार साफ हो गई थी, लेकिन गोरखपुर को लेकर सस्पेंस कायम रहा.

वोटों की गिनती के दौरान गोरखपुर में डीएम की भूमिका भी काफी संदिग्ध रही. सपा के प्रवीण निषाद की लगातार बढ़त के बाद डीएम ने काउंटिंग स्थल से मीडिया को बाहर कर दिया, लखनऊ में इस खबर के पहुंचते ही विधानसभा और विधान परिषद में सपा और बसपा नेताओं ने जमकर हंगामा काटा और दोनों सदनों को चलने नहीं दिया. डीएम पर चुनाव नतीजों की घोषणा में देरी पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी है. बाद में चुनाव आयोग और मीडिया का दबाव बढ़ने पर डीएम को नतीजें घोषित करने पड़े. इन नतीजों से सपा और बसपा दोनों पार्टियों में खासा उत्साह है.

हालांकि गोरखपुर में जिस तरह से सपा उम्मीदवार की बढ़त की घोषणा को रोका गया, उससे मीडिया और आम जनता में योगी और गोरखपुर प्रशासन को लेकर काफी गुस्सा देखने को मिला है. एक वक्त तो यह लगा कि कहीं सपा का प्रत्याशी सरकार और प्रशासन की साजिश का शिकार नहीं हो जाए लेकिन मीडिया और सपा-बसपा के समर्थक आखिरी वक्त तक डटे रहे. इस जीत ने समाजवादी पार्टी और बसपा दोनों को यूपी में राजनैतिक संजीवनी दे दी है. तो वहीं गोरखपुर के राजा कहे जाने वाले मुख्यमंत्री योगी को उनके ही गढ़ में हराकर उनके सभी पैतरों को फेल कर दिया है.

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