संविधान के खिलाफ बयान पर मायावती का कांग्रेस-भाजपा पर जोरदार हमला

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के संविधान बदलने संबंधी बयान के बाद उठा तूफान शांत होता नहीं दिख रहा है. इसको लेकर राजनीतिक हलकों में जमकर हंगामा मचा है. इस बयान को लेकर मचे बवाल में अब बसपा प्रमुख मायावती भी उतर गई हैं. हालांकि मायावती ने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी कठघरे में खड़ा किया है.

अपने बयान में बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली बी.जे.पी./आर.एस.एस. की सरकार संविधान की मंशा के खिलाफ काम करके इसको फेल साबित करने का षड्यन्त्र लगातार कर रही है और संविधान को बदलने की नीयत रखती है. लेकिन कांग्रेस पार्टी को इस पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है.

मायावती ने आरोप लगाया कि संविधान के पवित्र उद्देश्यों को फेल करने के मामले में कांग्रेस व बी.जे.पी. चोर-चोर मौसेरे भाई हैं? कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए कि बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर को सन् 1951 में देश के प्रथम कानून मंत्री के पद से क्यों इस्तीफा देना पड़ा था? कांग्रेस यह भी बताये कि उसने डॉ. अम्बेडकर को ‘‘भारत रत्न‘‘ से क्यों नहीं सम्मानित किया था?

भाजपा पर सवाल खड़ा करते हुए मायावती ने कहा कि बी.जे.पी. एण्ड कम्पनी भी बताये कि दलितों व ओ.बी.सी. वर्ग के शिक्षा व नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था को निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाकर इन वर्गों के लोगों को बड़ी संख्या में वंचित व बेरोजगार बनाकर क्यों रखा है?  संविधान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए मायावती ने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी संविधान की रक्षा व उसकी पवित्रता को बनाये रखने के लिए जी-जान लगा देंगे, संविधान की रक्षा के लिए बसपा अपना सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हैं.

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